स्वराज लिखने वाले केजरीवाल की आबकारी नीति के खिलाफ मेहरौली के लोगों ने खोला मोर्चा, कहा- शराब की दुकान में आग लगा देंगे
We News 24» रिपोर्टिंग / दीपक कुमार
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति के तहत शराब के ठेके खोले जा रहे हैं, जिसको लेकर दिल्ली के विभिन्न इलाकों में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. शराब के ठेके के विरोध में हो रहे इस प्रदर्शन का दारो मदार अब इलाके की महिलाओं ने अपने सिर ले लिया है.
इसके तहत दिल्ली की महरौली इलाके की महिलाएं और समाजसेवी के साथ-साथ स्थानीय दुकानदार रिहायशी इलाके में शराब ठेके खोलने के खिलाफ जमकर विरोध जता रहे है.
दिल्ली के महरौली सराय इलाके के समसी तालाब एवं आर्य समाज मंदिर के पास खोली जा रही शराब के ठेके इसके लिए स्थानीय लोग एवं महिलाएं पिछले दो महीनों से जमकर विरोध प्रदर्शन कर रही है. . इनलोगो का कहना है कि इलाके में शराब के ठेके के खुलने से क्षेत्र की महिलाओं और लड़कियों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा.
साथ ही ठेके के कारण रोजाना यहां शराबियों का जमावड़ा भी होगा, जो इलाके की शांतिपूर्ण व्यवस्था को भंग करेगा.नई आबकारी नीति के विरोध में इलाके के स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब के इस ठेके को घनी आबादी के बीच और मंदिर मस्जिद के समीप खोलना बिल्कुल उचित नहीं है.
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स्थानीयों लोगो का कहना है कि एक तरफ दिल्ली सरकार लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इलाकों के बीच में शराब के ठेके खोलकर उनकी सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ कर रही है, जो पूर्ण रूप से गलत है. स्थानीय लोगों की मांग है कि यंहा शराब के ठेका नहीं खुलना चाहिए .
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वहीं स्थानीय लोगों का समर्थन कर रहे सुनील घावरी, प्रदीप घावरी, पीयूष मनचंदा, महेन्द्र मनचंदा, डॉ श्याम पासी, ज्योति डंगवाल, योगेश्वर बीस्ट, त्रिभुवन सिंह, आकाश सिंह, नेहा गुप्ता, का कहना है कि दो महीने से ज्यादा समय से क्षेत्र के लोग शराब के ठेके खोले जाने का विरोध कर रहे हैं.
लेकिन दिल्ली सरकार उनकी एक नहीं सुन रही है. जबकि खुद दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि जिस जगह पर विरोध होगा, वहां ठेके नहीं खोले जाएंगे .
केजरीवाल ने अपने स्वराज किताब में खुद शराब के ठेके को गलत बताया है लेकिन लगता है की केजरीवाल के कथनी ए करनी में फर्क है एक तरफ पंजाब में शराब को बंद करने की बात करते है तो दूसरी तरफ दिल्ली को शराब के नगरी में बदलने पर तुले है .
ये वही अन्ना हजारे के आन्दोलन वाला केजरीवाल है जो बड़ी बड़ी बाते करता था जिसने झूठी स्वराज किताब जनता को गुमराह और धोखा देने के लिए लिखा ?
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