बेतिया :प्लास्टिक के बने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का इस्तेमाल न करें, सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन
WAORS हिंदी न्यूज »बिहार बेतिया
दीपक कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
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बिहार बेतिया :आज दिनांक 25 जनवरी 2019 को महात्मा गांधी एवं कस्तूरबा गांधी जन्म शताब्दी वर्ष में 70 वी गणतंत्र दिवस समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया
इस अवसर पर सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन के सचिव डॉ0 एजाज अहमद ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं कस्तूरबा गांधी के सपनों का स्वच्छ भारत बनाने के लिए स्वच्छता सेनानी के रूप में आगे आए युवा !साथ ही साथ उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं कस्तूरबा गांधी का मानना था कि स्वच्छता ईश्वर भक्ति के बराबर है |
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सामाजिक संगठनों के साथ साथ नई पीढ़ी को भूख, गरीबी, अशिक्षा, कुपोषण ,छुआछूत ,गंदगी एवं सामाजिक कुरीतियों जैसे दहेज ,घरेलू हिंसा, सीमा पार मानव व्यापार के रोकथाम के लिए सामाजिक संगठनों के साथ साथ युवाओं को भी आगे आने की आवश्यकता है इस अवसर पर सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन के अधिवक्ता शाहनवाज अली ,स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेस्डर नीरज गुप्ता एवं बैजनाथ कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन सर्वसाधारण से अपील करती है |
कि महत्वपूर्ण अवसरों पर प्लास्टिक के बने राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) का इस्तेमाल न करें! राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देश के लोगों की आकांक्षा एवं उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करता है !इसलिए इसे उचित सम्मान सुनिश्चित करना हम सबकी जिम्मेवारी है |
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महत्वपूर्ण अवसर पर कागज या कपड़े के बने ध्वज का ही इस्तेमाल करें !प्लास्टिक के बने ध्वज का इस्तेमाल न करें! यह पर्यावरण एवं वातावरण के लिए खतरनाक है! राष्ट्रीय गौरव अपमान अधिनियम 1971 की धारा 2 के मुताबिक 3 वर्ष दंड का प्रावधान है अतः सर्वसाधारण से निवेदन है कि गणतंत्र दिवस पर प्लास्टिक के बने तिरंगे का इस्तेमाल न करें, क्योंकि यह पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है इस अवसर पर शंभू शरण शुक्ल शशि भूषण गुप्ता साहिल परवेज ने बैठक में भाग लिया |
Posted by अंजलि कुमारी
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