बदले सीतामढ़ी सदर अस्पताल के दिन ,सुविधाओं का विस्तार हुआ
WAORS हिंदी न्यूज डेस्क »बिहार सीतामढ़ी
कैमरामैन पवन साह/रिपोर्टर रौशन कुमार साह
सीतामढ़ी। में एक दौर था जब सदर अस्पताल में चारो तरफ गंदगी नजर आती थी | और प्रसव वार्ड के पास तो और बुरा हाल होता था |वार्ड से निकलते सड़ांध के चलते लोग नाक बंद कर गुजरने को विवश होते थे, लेकिन अब सदर अस्पताल की तस्वीर बदल गई है। सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
कंगारू मदर केयर यूनिटव्यवस्था मजबूत होने के चलते रोगियों को इसका लाभ मिल रहा है। पहले प्रसव वार्ड की स्थिति बदहाल थी। व्यवस्था ठीक नहीं होने से जन्म लेते ही नवजात की मौत हो जाती थी, लेकिन अब नवजात की देखभाल के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एसएनसीयू सदर अस्पताल परिसर में चल रहा है। वहीं प्रसव वार्ड के पास ही यूनिसेफ के सहयोग से कंगारू मदर केयर यूनिट की स्थापना की गई है। कुल मिला कर यह वार्ड अब स्वच्छता का संदेश दे रहा है। चिकित्सक और कर्मियों की कमी
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रोजाना औसत 20 बच्चे जन्म ले रहे हैं
सदर अस्पताल में रोजाना औसत 20 बच्चे जन्म ले रहे हैं। लेकिन, इस अनुपात में चिकित्सक नहीं हैं। सदर अस्पताल में वर्तमान में चार महिला चिकित्सक हैं। जबकि विशेषज्ञ नर्स समेत अन्य कर्मियों का अभाव है। ऐसे में अधिकांश प्रसव ममता कराती हैं। जिस तरह से प्रसव की संख्या में वृद्धि हुई है उस लिहाज से कम से कम 10 महिला चिकित्सकों की आवश्यकता बनती है। बेड पर चादर और व्यवस्था शानदार
साफ सफाई का खास ख्याल
सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड में बीस बेड है। सभी पर रंगीन चादर। मरीजों को ओढ़ने के लिए कंबल की सुविधा। फर्स पर टाइल्स। गंदगी फेंकने के लिए कूड़ादान। वार्ड से लेकर ओटी तक चकाचक। वार्ड में मरीजों को देखने लिए एलइडी टीवी लगा है। रोशनी और पानी की व्यवस्था है। पंखे भी लगाए गए हैं। वार्ड के बाहरी भाग में सीसीटीवी भी लगे हैं। वहीं बड़े-बड़े वैपर लाइट लगवाए गए हैं। व्यवस्था से मरीज संतुष्ट
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सदर अस्पताल में मरीज को लेकर आए रीगा के धनेश्वर राय, डुमरा के नवल प्रसाद, सीतामढ़ी शहर के राकेश कुमार आदि ने बताया कि व्यवस्था ठीक है। सारी सुविधाएं मिल रही है। लेकिन, चिकित्सक की कमी के चलते ममता ही मरीज देख रही है। शीघ्र बदलेगी व्यवस्था : डीएम
डीएम डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने कहा
डीएम डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने कहा कि सदर अस्पताल ही नहीं पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर बदलने के लिए प्रयास जारी है। शीघ्र ही सदर अस्पताल में 300 बेड के मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण कराया जाएगा। पुराने और जर्जर भवन को तोड़वाया गया है। इसकी जगह तीन मंजिला भवन बनाया जाएगा। जहां जच्चा-बच्चा के लिए तमाम व्यवस्था होगी। मरीजों को अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा।
Posted By:रवि कुमार
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