श्री सीता राम यज्ञ को लेकर लोगों की भीड़ उमड़ी
WAORS हिंदी न्यूज डेस्क »बिहार सीतामढ़ी
कैमरामैन पवन साह सवांददाता अवध बिहारी उपाध्याय
सीतामढ़ी : जगत जननी मां सीता की धरती पुनौरा धाम में इन दिनों श्री सीता राम यज्ञ को लेकर लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है अयोध्या से आए संत राम जी दास जी महाराज ने आज प्रवचन के आठवे दिन उपस्थित श्रद्धालुओं को श्री सीताराम विवाह एवं जानकी जी विदाई प्रसंग को सुनाया ।
Abhinandan Release Live Updates: भारत लौटे विंग कमांडर अभिनंदन, वाघा बॉर्डर पर जबर्दस्त स्वागत
उन्होंने कहा कि प्रभु श्री रामचंद्र जी जब अपने विवाह के माध्यम से पूरे संसार को यह संदेश देना चाहते हैं कि विवाह गृहस्थ जीवन का सबसे बड़ा पर्व है इस पर्व की जितनी पवित्रता और आत्मीयता से मनाएंगे उतना ही जीवन खुशहाल और खुशी रहेगा ।श्री गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं कि ,सम समघि देखे हम आजू। सभी मिथिला वासी एवं देवता गण श्री दशरथ जी एवं राजा जनक जी को देखकर यह बात कहते हैं दोनों लोग संमधि शब्द को सार्थक कर दिए क्योंकि समधी का शाब्दिक अर्थ सम माने सामान भी माने बुद्धि जहां पर दो परिवारों की बुद्धि व विचार समान हो जाए उन्हें ही समधी कहते हैं ।
बिहार सरकार का सात निश्चय ढोल का पोल है
और आजकल के लोगों को भी श्री राम कथा के माध्यम से यह संदेश लेना चाहिए की विवाह यदि हम धर्म और कुल की कुल्की रिति रिवाज के अनुसार करेंगे तो जीवन में वाह-वाह बनी रहेगी ।नहीं तो विवाह दो तरह का होता है एक होता है विवाह दूसरा होता है वियाह यदि हम धर्म और उनकी मर्यादा व्यवस्था को लेकर विवाह नहीं करते हैं तो जीवन में उनके आह आह बनी रहेगी।वहीं पुनौरा धाम महंत कौशल किशोर दास व उनके शिष्य अखिलेश जी ने श्रोताओं को बताया कि कथा का आज आखिरी दिन महाराज जी द्वारा श्री रामचंद्र विवाह के माध्यम से दांपत्य जीवन जीने की प्रेरणा दी है यदि इस प्रेरणा को लोग अपने जीवन में उतार ले तो उनका जीवन सफल हो जायेगा।

कोई टिप्पणी नहीं
कोमेंट करनेके लिए धन्यवाद