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    वैशाली जिले के वैशाली प्रखण्ड के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द में इलाज के बदले खुलेआम मांगे जाते है पैसे देखे वीडियो

    पीड़ित रेणु देवी 


    WAORS हिंदी न्यूज डेस्क »बिहार,वैशाली

    वैशाली जिला :वैशाली प्रखण्ड के  प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द में सरकार ने मुफ्त इलाज की व्यवस्था की है, पर हकीकत इससे कोसों दूर है। यहां आने वाले मरीजों से आपरेशन, यहां तक कि प्लास्टर आदि के लिए भी हजारों रुपये वसूले जा रहे हैं।

    आपरेशन के लिए डाक्टर खुलेआम रुपयों की मांग करते हैं, नहीं देने पर मरीजों के इलाज से मना कर दिया जाता है।  रोजाना ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा लगता है जैसे पूरे सिस्टम को लकवा मार गया है।

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    सर्वाधिक गंभीर स्थिति आपरेशन  विभाग में हैं यहां शायद की कोई मरीज हो जिससे आपरेशन के लिए पैसे न लिए जाते हों। ज्यादातर मरीज चुप-चाप इलाज करा कर लौट जाते हैं। लेकिन जो जागरूक होते हैं या फिर जो बेहद गरीब होते हैं और उनके पास कोई चारा नहीं होता है |इन्ही में कुछ लोग हिम्मत जुटा कर शिकायत करते हैं तो ऐसी घटना सामने आती है। 
    रेणु देवी का हॉस्पिटल पर्ची 
    ऐसी ही एक घटना 28/02/2019 वीरवार की है , मेहनत-मजदूरी करने वाले  टून टून पासवान की पत्नी रेणु देवी का ओपरेशन के लिए गाँव की आशा कार्यकता सीमा देवी द्वारा वैशाली जिले के वैशाली प्रखण्ड के  प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपरेशन के लिए ले जाया गया |

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     प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कहा गया की बीमारी निकाली है  एक हजार रुपये देना होगा जब टून टून पासवान ने पैसा देने से इंकार किया और कहा की सरकारी हॉस्पिटल में पैसा नहीं लगता है तो इतना बात सुनते ही डॉ विनीता ने कहा की हम पेट खोल दिए है जबतक पैसा नहीं दोगे तबतक हम पेट नहीं सिलेंगे इस बात से डरकर परिजन ने एक हजार रुपया दे दिया की कही उसकी पत्नी को कुछ हो ना जाय |
    लिखित शिकायत की कोपी 
    इस बात की लिखित शिकायत रेणु देवी ने 01/03/2019 को उन्होंने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक से की । शिकायत के बाद भी डॉक्टर विनीता पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गयी  | यंहा तक टून टून पासवान को आशा कर्मी के पति मनोज और डॉ विनीता के तरफ से उनके जाती का सम्बोधन करते हुए कहाँ गया की दुसाध चमार हो वैसा बुधि ही रहेगा कही पैसा लेकर जाता नहीं है | इलाज किये है पैसा तो देना होगा |

    क्या ऐसा शब्द एक डॉक्टर को बोलने को  किसने अधिकार दिया ?
    ऐसे डॉक्टर पर कार्यवाही नहीं होनी चाहिए ?
    प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने मामले की जाँच कर डॉ विनीता पर क्या कार्यवाही की ?

    समाचार संकलन के दौरान महिला डॉ ने लगाया एक पत्रकार पर झुटा आरोप

    जब इस बात की जानकरी वंहा के लोकल पत्रकार नागमणि को हुआ तो पत्रकार नागमणि ने डॉ विनीता से  इस घटना क्रम के बारे में  पता करने गए तो पहले डॉ विनीता ने पत्रकार नागमणि को एक लाख रुपया लेकर बात दबाने को कही जब पत्रकार ने पैसा लेने से इंकार कर दिया तो डॉ ने अपने को बचाने के लिए पत्रकार नागमणि पर झुठाआरोप लगाते हुए पुलिस शिकायत की  हमसे पत्रकार नागमणि ने एक लाख की रंगदारी की मांग की है | 
    पीड़िता रेणु देवी का क्या है कहना देखे वीडियो 
    और समझे की पत्रकार दोषी है या डॉक्टर दोषी है 
    या पूरा सिस्टम ही दोषी है ?
    परिजनों ने बताया कि संबंधित ऊपर के पदाधिकारी एवं प्रसाशनिक स्तर पर आवेदन दिया जा चुका है.पर डॉ पर अभी तक कोई कार्यवाई नही हो पाया.इसी को लेकर पासवान समुदाय के लोग आक्रोशित है.यदि इसपर कोई कार्यवाई नही हुई तो जनांदोलन करेंगे.










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