Header Ads

ad728
  • Latest Stories

    नेपाल में सियासी भूचाल ,PM ओली को सिफारिश पर राष्ट्रपति ने की संसद भंग ,म्ध्यावती चुनाव का एलान



    We News 24 Hindi »काठमांडू/नेपाल 

    दीपेन्द्र श्रेष्ठ की रिपोर्ट 


    काठमांडू:नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने पीएम केपी शर्मा ओली की मनमर्जी पर फिर मुहर लगाई है. उन्होंने संसद भंग कर आम चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. मध्यावधि चुनाव 30 अप्रैल और 10 मई को दो चरणों में होगा.  की आकस्मिक बैठक की गई. सरकार और राष्ट्रपति के खिलाफ  है. सुप्रीम कोर्ट में सरकार के निर्णय के खिलाफ याचिका दायर की गई है. 



    ये भी पढ़े-किसान आन्दोलन : गाजीपुर बॉर्डर पर किसानो ने दिया जिलाधिकारी 24 घंटे का अल्टीमेटम,NH 24 को कर देंगे जाम




    ओली सरकार से प्रचंड के मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है. वर्षमान पुन, ऊर्जा मंत्री रामेश्वर राय यादव, श्रम मंत्री योगेश भट्टाराई, पर्यटन मंत्री बिना मगर, जलश्रोत शक्ति बस्नेत, वन मंत्री घनश्याम भूषाल, कृषि मंत्री गिरिराज मणि पोखरेल, शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है. प्रचंड के दो मंत्रियों ने इस्तीफा देने से इंकार कर दिया है. गृहमंत्री रामबहादुर थापा और उद्योग वाणिज्य मंत्री लेखराज भट्ट ने इस्तीफा देने से इंकार कर दिया है. 


    ये भी पढ़े-नेपाल के राजनीतिक गलियारे में भारी हंगामा, प्रधान मंत्री ओली ने सदन को भंग करने की सिफारिश की

    संसद भंग करने की सिफारिश कर दी


    चीन की मदद से अपनी कुर्सी बचाते आ रहे नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने संविधान के खिलाफ जाते हुए संसद भंग करने की सिफारिश कर दी. रविवार सुबह आनन-फानन बुलाई गई कैबिनेट बैठक में गिने-चुने सांसदों के बीच प्रस्ताव पारित कराने के बाद पीएम ओली खुद राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी के पास संसद भंग करने का प्रस्ताव लेकर पहुंचे. गौरतलब है कि ओली के इस फैसले का विरोध उनकी ही पार्टी कर रही है. ओली के इस कदम से नेपाल में एक बार फिर सियासी संग्राम बढ़ता नजर आ रहा है. 


    ये भी पढ़े-बिहार में कानून व्यस्था की उड़ रही है धज्जियां ,अपराधियों ने 55 वर्षीय किसान की गोली मारकर हत्या कर दी

    उनकी ही पार्टी ही उतरी विरोध में


    नेपाली पीएम ओली के इस संविधान विरुद्ध कदम का विरोध उनकी ही पार्टी में हो रहा है. सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के प्रवक्ता नारायणकाजी श्रेष्ठ ने इसे संविधान विरुद्ध बताया है. उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में रविवार सुबह अचानक बुलाई गई कैबिनेट की बैठक में तमाम मंत्री नहीं पहुंचे थे. यह निर्णय लोकतांत्रिक नियमों के विरुद्ध है और यह देश को पीछे ले जाना वाला कदम साबित होगा. सबसे बड़ी बात इसे अदालत में आसानी से चुनौती दी जा सकती है. 



    Header%2BAidWhats App पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 9599389900 को अपने मोबाईल में सेव  करके इस नंबर पर मिस्ड कॉल करें। फेसबुक-टिवटर पर हमसे जुड़ने के लिए https://www.facebook.com/wenews24hindi और https://twitter.com/Waors2 पर  क्लिक करें और पेज को लाइक करें




    %25E0%25A4%25B5%25E0%25A5%2587%25E0%25A4%25AC%25E0%25A4%25B8%25E0%25A4%25BE%25E0%25A4%2587%25E0%25A4%259F%2B%25E0%25A4%25B2%25E0%25A5%258B%25E0%25A4%2597%25E0%25A5%258B

    कोई टिप्पणी नहीं

    कोमेंट करनेके लिए धन्यवाद

    Post Top Ad

    ad728

    Post Bottom Ad

    ad728