मेहरौली की महिला ने कहा , केजरीवाल की दोहरी निति , पंजाब में नशा मुक्ति और दिल्ली में नशा मुफ़्ती
- केजरीवाल की दोहरी निति पंजाब में नशा मुक्ति और दिल्ली में नशा मुफ़्ती
- केजरीवाल पंजाब मे जाकर पंजाब को नशा मुक्त करने की बात करते है और दिल्ली को नशे की राजधानी बनाने पर तुले हैं
दिल्ली में शराब के नए ठेके खुलवाकर केजरीवाल चले पंजाब को नशामुक्त करने
- अपने लिखे स्वराज किताब को झुठलाया
We News 24» रिपोर्टिंग / दीपक कुमार
नई दिल्लीः सियासत का दोहरापन देखिए। अपनी हुकूमत में अनगिनत नए शराब के ठेके खुलवाकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली को नशे की गर्त मे धकेल रहे और उधर पंजाब में नशे को सबसे बड़ा मुद्दा बनाकर चुनाव जित लिए । यानी वे खुद दिल्ली को नशे में उड़ा रहे और पंजाब को 'उड़ता पंजाब' बता रहे। एक आरटीआइ ने केजरीवाल सरकार के नशा उन्मूलन मुहिम की कलई खोल कर रख दी है ।
दूसरे कार्यकाल में ही कुल 58 शराब की नई दुकानें खुली
महज सवा साल के दूसरे कार्यकाल में ही कुल 58 शराब की नई दुकानें चालू कराई हैं। इससे नशा उन्मूलन को लेकर केजरीवाल के दावे की कलई खुलती है। दिल्ली के बाद पंजाब चुनाव में नशे को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया केजरीवाल जब दिल्ली विधानसभा चुनाव था तब भी आप मुखिया अरविंद केजरीवाल दिल्ली को नशा मुक्त करने के दावे कर रहे थे। आप के चुनावी घोषणापत्र में भी दिल्ली को नशा मुक्त करने की बात कही गई थी।
आप सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान कुल 595 ठेका था
उल्टे सरकार बनने पर केजरीवाल सरकार ने ठेके बंद कराने की जगह धड़ाधड़ नए ठेके खुलवा दिए। अब दिल्ली चुनाव की तरह पंजाब चुनाव में भी नशामुक्ति का झूठा राग अलापा गया । जिससे केजरीवाल के दावे पर सवाल उठ रहा है। स्वराज संस्था ने दिल्ली सरकार को आरटीआई भेजकर कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। जवाब के परीक्षण से पता चला कि आप सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान दिल्ली में शराब के ठेकों की कुल संख्या 595 थी।
शराब के ठेकों से कुल आठ अरब से ज्यादा कमाई
पहले कार्यकाल के दौरान शराब के ठेकों से कुल आठ अरब 30 करोड़ 48 लाख 13 हजार रुपये राजस्व प्राप्त होता था। जब 14 फरवरी 2015 को दूसरा कार्यकाल शुरू हुआ तो धड़ा-धड़ ठेके खुलने शुरू हुए। महज सवाल साल यानी 14 फरवरी 2015 से चार जून 2016 के बीच 58 नई शराब की दुकानों को लाइसेंस जारी कर दिया गया।
15 अरब की कमाई के चक्कर में आदर्श भूल गया केजरीवाल
15 अरब की कमाई के चक्कर में सब आदर्श ताक पर रख के केजरीवाल सरकार ने महज 15 अरब की कमाई के लिए दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान किए सारे वादों और आदर्शों को ताक पर रख दिया। महज सवा साल में सिर्फ एल-6, एल-7 और एल-8 ठेकों से ही शराब खपत में जबर्दस्त बढ़ोत्तरी से 15 अरब से ज्यादा की सरकार ने कमाई की।
स्थानीय विधायक की इजाज़त के बिना कोई ठेका नहीं खुल सकता
सरकारी के आबकारी नीति के अनुसार स्थानीय विधायक की इजाज़त के बिना कोई भी ठेका नहीं खुल सकता नशे के खिलाफ जागरूकता में खर्च की फूटी कौड़ीआरटीआई से यह भी पता चला कि मद्य निषेध विभाग ने लोगों को नशे के प्रति जागरूक करने में भी रुचि नहीं दिखाई। यूं तो इसके लिए मोटा बजट जारी हुआ मगर खर्च हुए सिर्फ 7.76 लाख। सिर्फ इतनी धनराशि का आंकड़ा ही आरटीआई के जवाब में मुहैया कराया गया।
दुकान में घुसकर महिला शराब की बोतले फोड़ देंगे
मेहरौली सराय में ठेकों खुलने के खिलाफ पिछले कई दिनों से मेहरौली की महिलाओ ने कमर कस ली है है लगातार प्रदर्शन कर रही है केजरीवाल के खिलाफ नारे लगा रही है .और खुलने वाले नए ठेके को हटाने की मांग कर रही है।महिलाओ ने कहा है कि दिल्ली की मेहरौली धार्मिक और ऐतहासिक शहर है और यंहा जनता की मर्जी के बगैर अगर खोले गए ठेके तो हम दुकान में घुसकर शराब की बोतले फोड़ देंगे चाहे इसके लिए हमे गिरफ्तारी भी देना पड़े .
केजरीवाल का हाथ कहीं शराब माफिया के साथ
तो भी हम महिला पीछे नहीं हटेगी साथी वंहा मौजूद लोगो ने कहा की केजरीवाल का हाथ कहीं शराब माफिया के साथ है .केजरीवाल सरकार वादा पूरा करने को कौन कहे दिल्ली को नशे की गर्त में धकेलने का काम कर रही है। इससे सवाल उठ रहा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार का हाथ कहीं शराब माफिया के साथ तो नहीं दिल्ली में गली -गली शराब के नए ठेके खुलवाकर केजरीवाल चले पंजाब को नशामुक्त करने .
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