गुरुपूर्णिमा पर बाला साहेब ठाकरे के शिष्यों में बवाल
मुंबई : गुरु पूर्णिमा का पर्व अपने गुरु के प्रति आस्था और उनके प्रति समर्पण को दर्शाने का अवसर होता है। इस बीच शिवसेना में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बालासाहेब ठाकरे के शिष्यों में आपसी कलह देखने को मिल रही है। कोई निष्ठा पर सवाल उठा रहा है तो किसी का कहना है कि वह ही बालासाहेब ठाकरे की विरासत को आगे ले जा रहा है।
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महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने आज सुबह ही बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे की तस्वीरों के साथ एक पोस्ट शेयर की थी। इसमें उन्होंने मराठी में लिखा था, 'बालासाहेब के विचारों से कोई धोखा नहीं। यह बुझने वाली अंगार नहीं, हिंदुत्व के सिवाय कोई विचार नहीं। गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं।'
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वो ही गुरु और गुरूर भी वो ही...संजय राउत ने गुरुपूर्णिमा पर किया ट्वीट
उनके इस ट्वीट पर चर्चा शुरू हो गई थी कि उन्होंने हिंदुत्व के विचार की बात कर उद्धव ठाकरे पर अप्रत्यक्ष तौर पर निशाना साधा है। वह अकसर उद्धव ठाकरे और उनके समर्थकों पर हिंदुत्व की विचारधारा से भटकने का आरोप लगाते रहे हैं। एकनाथ शिंदे के इस ट्वीट पर संजय राउत ने भी अपने ही अंदाज में जवाब दिया।
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उन्होंने कहा, 'कुछ लोग शिवसेना छोड़कर कहते हैं कि बालासाहेब ठाकरे हमारे गुरु हैं।' मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए संजय राउत ने कहा कि अगर बालासाहेब आज जिंदा होते तो ऐसे लोगों को अपने ही अंदाज में जवाब देते। बालासाहेब ठाकरे हम सभी के गुरु थे। बालासाहेब उन सभी के गुरु थे जो शिवसेना, महाराष्ट्र और देश के प्रति वफादार हैं। संजय राउत ने यह भी कहा है कि उनके साथ निष्ठा से रहना ही असली गुरुदक्षिणा है।
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