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    निचिरेन शोशु कट्टरपंथी संघठन के तक़रीबन 10 जापानी सालो से क्यों जमाये है काठमाडू में अपना डेरा ?







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    We News 24 Digital»रिपोर्टिंग सूत्र  / दिल्ली ब्यूरो 

    नई दिल्ली/काठमांडू:
    We News 24 लगातार ऐसे संगठनों का पर्दाफाश कर रहा है जो भारत और नेपाल में धर्मांतरण की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। आज हम एक और चौंकाने वाला खुलासा करने जा रहे हैं — जापानी कट्टरपंथी संगठन Nichiren Shoshu से जुड़े लगभग 10 जापानी नागरिक पिछले पाँच से सात वर्षों से नेपाल की राजधानी काठमांडू में स्थायी रूप से डेरा जमाए हुए हैं। इनमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं।

    यह संगठन, जो बाहरी तौर पर "बौद्ध शिक्षा" और "सांस्कृतिक गतिविधियों" की आड़ में काम करता है, असल में मिशनरी शैली में हिंदू और बौद्ध समुदायों को निशाना बनाकर कथित धर्मांतरण करवा रहा है। पिछले 9 वर्षों से इस संगठन पर नजर रखने के बाद We News 24 सूत्रों  अनुसार अब तक नेपाल और भारत में मिलाकर लगभग 1.25 लाख लोगों को इस धर्म में शामिल कराया जा चुका है। और आने वाले समय में 2000 से अधिक नए धर्मांतरण लक्ष्य तय किए गए हैं।

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    2015 में बिहार के मुजफ्फपुर में कोह्जी ओकुरा हीरो और जापानी पुजारी गोजुकाई कार्यक्रम में 


    भारत में पहली बैठक: फाइव स्टार होटल में हुई थी शुरुआत

    सूत्रों के अनुसार, 2013 में कोह्जी और हीरो नामक दो जापानी नागरिक "भारत भ्रमण" के बहाने आए। शुरुआत में इन्होंने कुछ सामाजिक गतिविधियों की आड़ में दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में संपर्क बनाए। बाद में इनकी पहली कथित बैठक दिल्ली के फाइव स्टार होटल The Metropolitan में हुई। धीरे-धीरे ये लोग "बौद्ध शिक्षा" के नाम पर प्रवचन देने लगे और भारतीय नागरिकों को शामिल करना शुरू किया।

    बिना जानकारी धर्मांतरण, लालच और छल के आरोप

    कई मामलों में आरोप है कि लोगों को यह बताए बिना उनके धर्म से विमुख कर दिया गया। कुछ मामलों में पैसे और नौकरी का लालच देकर भी लोगों को जोड़ा गया। विशेष रूप से नेपाल में यह गतिविधियाँ संगठित रूप से चल रही हैं, जहां पहले एक-दो जापानी नागरिक आए, और फिर अब यह संख्या बढ़कर 10–15 हो चुकी है।


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    तस्वीर में कोह्जी ओकुरा 2013 होटल मेट्रोपोलिटन दिल्ली 

    सबसे बड़ा सवाल: फंडिंग कहां से हो रही है?

    इन जापानी नागरिकों का रहन-सहन, आवागमन और स्थानीय खर्च करोड़ों में आंका जा रहा है। ऐसे में यह सबसे बड़ा सवाल बन जाता है कि –

    • आखिर इनके पास इतनी बड़ी फंडिंग कहाँ से आ रही है?

    • क्या यह फंडिंग विदेश से हो रही है?

    • इनकी आर्थिक मदद कौन कर रहा है?

    • और ये लोग जापान छोड़कर वर्षों से नेपाल में क्यों डटे हुए हैं?

    इन सभी सवालों का जवाब तलाशना न सिर्फ जरूरी है, बल्कि भारत-नेपाल की आंतरिक सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता, और कानून व्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।


    We News 24 का संकल्प: धर्म और संविधान की रक्षा

    हमारा उद्देश्य न तो किसी धर्म के विरुद्ध बोलना है, न ही किसी समुदाय को नीचा दिखाना, बल्कि हर धर्म की स्वतंत्रता और गरिमा की रक्षा करना है। लेकिन अगर कोई विदेशी संगठन स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ छल कर रहा है, तो उसे उजागर करना हमारा कर्तव्य बनता है।

    इसलिए We News 24 आपसे अपील करता है:
    सतर्क रहें, सजग रहें, और यदि आपके आस-पास ऐसी कोई गतिविधि हो रही है, तो तुरंत स्थानीय प्रशासन या हमें सूचित करें।

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