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    एक्सप्रेस-वे के रास्ते में आया किसान का एक करोड़ का घर, हटाने को किया ऐसा जुगाड़ कि...

     



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    We News 24 Digital»रिपोर्टिंग सूत्र  / राहुल कुमार


    नई दिल्ली:  क्या आपने सोचा है कि आपका दो मंजिला घर चलकर 500 फीट दूर किसी दूसरी जगह पर चला जाए... नहीं ना ऐसा पंजाब में हो रहा है, यहां एक किसान का अपनी एक करोड़ रुपए से ज्यादा की कीमत से बना घर एक जगह से दूसरी जगह पर शिफ्ट किया जा रहा है. जो घर हर रोज 10 फीट चल रहा है. आइए आप को समझाते हैं पंजाब के इस घर के चर्चे सोशल मीडिया पर क्यों हो रहे हैं. संगरूर के रोशन वाला गांव के नजदीक से भारत माला प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली कटरा जम्मू एक्सप्रेस वे हाईवे निकल रहा है. जिसके लिए किसानों की जमीन एक्वायर की गई है और रोशन वाला गांव के नजदीक से यह बड़ा हाईवे का काम शुरू हो चुका है और गांव के किसान सुखविंदर सिंह सुखी गिर की जमीन इस हाईवे के रास्ते में आई. किसान सुखविंदर सिंह ने बताया कि उनकी ढाई एकड़ जमीन इस हाईवे में आ गई लेकिन उन्होंने अपने खेत में ही अपना घर बनाया हुआ था और एक गेहूं और धान के बीज प्यार करने की किसान ने छोटी फैक्ट्री लगाई थी. जिसके वह खेती के साथ-साथ बिजनेस करते थे लेकिन दोनों ही इसी रास्ते में आ गई. सरकार ने मुआवजा इनको दे दिया. इन्होंने बीज की फैक्ट्री जहां से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट कर दी, लेकिन सतविंदर सिंह बताते हैं कि उन्होंने एक अपने सपनों का महल बनाया था जो उनका ड्रीम प्रोजेक्ट था उनका अपना आलीशान घर जो उन्होंने अपनी मेहनत के साथ 2017 में बनाना शुरू किया वह 2019 में लास्ट में जाकर बनकर तैयार हुआ और इसी दौरान उस पर सवा करोड रुपए के करीब खर्च आया और इस घर को उन्होंने अपने सपनों का घर बनाया दो मंजिला के घर वह दो भाई इसी घर में रहते थे. लेकिन उसी बीच यह दिल्ली कटरा एक्सप्रेस वे निकला और यह घर बिल्कुल उस रास्ते के बीच में आ गया.










































































































































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    इस घर का मुआवजा भी उन्हें मिला जितना खर्च हुआ था. लेकिन किसान सुखविंदर बताते हैं कि अगर आज इस घर को दोबारा बनाना पड़े तो जब उस समय सवा करोड़ पर के आसपास खर्च आएगा. अभी तो ऐसा घर दो करोड़ से ज्यादा कीमत में बनेगा और उस समय इसको बनाने में 2 साल का समय लगा. इसलिए उन्होंने घर को वहां से शिफ्ट करने के लिए सोचा. कई लोगों से बात की लेकिन यह हाईवे की चौड़ाई बहुत ज्यादा थी और घर को कोई पांच 10 फीट नहीं करीब साडे 500 फीट दूर ले जाना था जो एक बहुत बड़ा चैलेंज था. उन्होंने देखा था कि कुछ लोग अपने घरों को लिफ्टिंग के चलते पांच 10 फीट जमीन से ऊपर उठा लेते हैं तो उनके दिमाग में भी यही आइडिया आया पर यह बहुत बड़ा चेलैंज था क्योंकि इस घर को दूसरी जगह शिफ्ट करना था. उन्होंने अपने ही गांव में उनके किसी दोस्त के घर को जमीन से ऊपर उठाने का काम कर रहे लोगों से संपर्क किया कि उनके घर को दूसरी जगह शिफ्ट करना है.  किसी ऐसे कारीगर का नंबर दे दीजिए तो उन लोगों ने बोला कि हम ही कर देंगे लेकिन थोड़ा मुश्किल ल. गा उन्होंने उनके साथ बात की तो फिर इस घर को जहां से हटाने का काम शुरू हुआ.

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    घर बनाते समय उसमें लकड़ी का काम बहुत ज्यादा हुआ था. अगर इस घर को तोड़ा जाता तो वह लकड़ी का पूरा का पूरा फर्नीचर था जो खराब हो जाता. वह किसी काम नहीं होता जिसकी कीमत लाखों में थी. अभी इन लोगों ने 2 महीने में इस घर को अपनी मेहनत के साथ और देसी जुगाड़ के साथ बिना किसी दीवारों पर क्रेक आए इस को 250 सीट से ज्यादा अपनी जगह से दूर कर दिया गया है और अभी ढाई सौ फीट और दूर जाएगा और फिर 60 फीट के करीब आपने इस रास्ते से दूसरी और इसको मोड आ जाएगा. तब जाकर हाईवे के रास्ते से बाहर हो जाएगा. इसमें हमारा 4000000 रुपए के करीब खर्च आएगा. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि हमारे पास इतना समय नहीं है कि हम 2 साल में अपना नया नया घर बनाएं क्यों कुछ महीनों में दूसरी जगह शिफ्ट हो जाएगा. इसमें हमें कोई भी तोड़फोड़ करने नहीं पड़ेगी.

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    इस घर को दूसरी जगह मूव करने का चेलेंज लेने वाले मोहम्मद शाहिद ने बताया कि वह अपने पिता के साथ काम करते हैं. वह पहले भी बिल्डिंग को लिफ्टिंग करने का काम करते हैं. लेकिन यह एक बड़ी चुनौती थी क्योंकि घर एक जगह से दूसरी जगह ले जाना था. वह भी 500 फीट से ज्यादा. पहले हमने कई बड़े-बड़े मकानों को कई फीट तक उठाया है लेकिन अगर अपनी जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करने की बात है वह हमने 10 से 15 फीट ही किया था. इस काम में हमको दो से ढाई महीने लगेंगे. क्योंकि यह काम बहुत ही सावधानी और सतर्कता के साथ करना होता है. इसमें बहुत बड़ी लेबर लगती है. अगर कहीं भी चूक हो जाए तो बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है. इसलिए हम इस काम को धीरे-धीरे करते हैं. यह पूरा काम गाड़ी उठाने वाले जो जेक होते हैं. लोहे के उनका बड़ी तादाद में इस्तेमाल किया जाता है और सभी लोगों को एक कोड दिया जाता है.

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