PFI Ban in India: केरल समेत दक्षिण भारत से हो रही थी लव जिहाद के लिए फंडिंग, सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट
We News 24 Digital»रिपोर्टिंग सूत्र / काजल कुमारी
न्यू दिल्ली : देश विरोधी और आतंकी गतिविधियों से जुड़ा होने के कारण केंद्र सरकार द्वारा पांच साल के लिए प्रतिबंधित संगठन पीएफआइ (पापुलर फ्रंट आफ इंडिया) पश्चिमी यूपी समेत उत्तर प्रदेश में तेजी से पैर पसार रहा था। अधिकाधिक संख्या में गैर मुस्लिम युवतियों के मतांतरण के लिए केरल समेत दक्षिण भारत के अन्य राज्यों से बड़े स्तर पर फंडिंग हो रही थी।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पीएफआइ प्रभारी परवेज व उसके साथी मुफ्ती शहजाद के बारे में देश की सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं। एजेंसियों ने दोनों के बैंक खातों की भी जांच की है। इस जांच में एजेंसियों को प्रमाण मिले हैं। इस फंडिंग से ही लव जिहाद का यह पूरा खेल चल रहा था। अंदेशा यह भी है कि फंडिंग दक्षिण भारत ही नहीं बल्कि विदेश से भी हो रही थी।
फंडिंग से पश्चिमी यूपी में नेटवर्क स्थापित
फंडिंग के माध्यम से गैर मुस्लिम युवतियों समेत अन्य का मतांतरण कराया जा रहा था, साथ ही इस फंडिंग से गरीबों का पुनर्वास, शिक्षा, मेडिकल, आर्थिक व कानूनी मदद, शादी समेत अन्य लालच दिए जा रहे थे। सूत्रों के मुताबिक पीएफआइ का पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभारी कलछीना का परवेज कई सालों से इस साजिश से जुड़ा था। उसने फंडिंग से पश्चिमी यूपी में नेटवर्क स्थापित कर लिया था।
बड़े स्तर पर उसने संगठन में लोगों को जोड़ लिया था और मुहिम को बढ़ावा दे रहा था। संगठन समाजसेवा के नाम पर देश विरोधी गतिविधियां चला रहा था। इनका मुख्य मकसद लव जिहाद के माध्यम से अधिकाधिक संख्या में गैर मुस्लिम युवतियों का मतांतरण करा मुस्लिम युवकों से निकाह पढ़वाना था। इसके लिए वह मुस्लिम युवकों को उकसा तो रहे ही थे साथ ही विभिन्न प्रकार के लालच देकर उनकी सोच बदलने का काम भी कर रहे थे।
परवेज के पकड़ में आने के बाद ध्वस्त होगा नेटवर्क
परवेज के पकड़ में आने के बाद पूरे वेस्ट यूपी में पीएफआइ के फैले हुए नेटवर्क का पर्दाफाश होगा और इसे ध्वस्त किया जा सकेगा। सुरक्षा एजेंसियों ने परवेज की तलाश तेज कर दी है। दावा किया जा रहा है कि उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
वहीं नेटवर्क से जुड़े लोग संगठन पर प्रतिबंध लगने के बाद भूमिगत हो चुके हैं। ऐसे में उनकी धर पकड़ में एजेंसियों को परेशानी हो रही है। बता दें कि 22 सितंबर को जब एटीएस व भोजपुर पुलिस परवेज को पकड़ने पहुंची तो वह पकड़ से छूटकर भाग गया था। तब से खुफिया विभाग व सुरक्षा एजेंसियों समेत पुलिस उसकी तलाश में जुटी हैं।
केरल से ही ट्रेनिंग लेकर आया था मुफ्ती शहजाद
21 सितंबर को मुरादनगर के नेकपुर गांव से एटीएस द्वारा हिरासत में लिए गए मुफ्ती शहजाद ने केरल में पीएफआइ की ट्रेनिंग ली थी। वहां जूडो-कराटे के साथ उसे हथियार चलाने का प्रशिक्षण भी दिया गया था। उसपर वर्तमान में पीएफआइ की यूपी एडहाक कमेटी में सदस्य का पद था।
पुलिस ने उसके घर से पीएफआइ की दो किताबें भी बरामद की थी। यूपी एटीएस ने उसे गिरफ्तार किया था। बरामद किताबों की जांच चल रही है। अंदेशा जताया गया है कि पीएफआइ के अन्य सदस्य जिले समेत अन्य स्थानों पर सक्रिय हैं।
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