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    भारत की सबसे सुरक्षित जगह संसद भवन में घुसपैठ के बाद बदले नियम, जानिए क्या हुआ बड़ा बदलाव?

    भारत की सबसे सुरक्षित जगह संसद भवन में घुसपैठ के बाद बदले नियम, जानिए क्या हुआ बड़ा बदलाव?







    We News 24 Digital News» रिपोर्टिंग सूत्र / विवेक श्रीवास्तव 

    नई दिल्ली :- भारत की संसद की लोकसभा में बुधवार को शून्यकाल के दौरान दो लोगों के सदन में सांसदों के बीच कूदने को गंभीरता से लिया जा रहा है. यह घटना उस दिन हुई है जब संसद 22 साल पहले हुए आतंकी हमले में मरे लोगों की बरसी मना रहा था. शुरू में लगा कि यह एक आतंकी हमला है, लेकिन सरकार का कहना है कि अभी तक की जांच से यह आतंकी हमला नहीं लगता है. फिर भी इसे एक बड़ी सुरक्षा चूक माना जा रहा है. पर आखिर संसद में दर्शक दीर्घा में जाने वाले लोगों के लिए किस तरह के नियम और प्रक्रियाएं हैं और इनमें क्या बदलाव आया है. यह समझना भी जरूरी है.


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    सुरक्षा के लिए कड़े नियम

    भारत में संसद भवन में जाकर लोकसभा की कार्रवाही देखने का आम लोगों को भी अधिकार दिया गया है, लेकिन इसके लिए कुछ सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है क्योंकि संसद को सार्वजनिक स्थल की तरह नहीं रखा जा सकता है. इस पर हमला देश पर हमला माना जाता है. इसलिए संसद की कार्रवाही को देखने को इच्छुक किसी भी व्यक्ति को बहु स्तरीय सुरक्षा प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है.


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    गहन तलाशी से गुजरना

    हर व्यक्ति को संसद के अंदर सुरक्षा के नियमों का पालन करना होता है और इसके लिए जरूरी जांच प्रक्रिया में हर तरह का सहयोग भी देना होगा. संसद में घुसने से पहले दर्शक और उसके साथ के सामान की पूरी तरह से तलाशी ली जाती है और ऐसा कम से कम तीन बार होता है. पहले बाहरी गेट से संसद भवन के गेट पर, फिर भवन के अंदर प्रवेश से पहले और फिर दर्शक दीर्धा में जाने से पहले गहन तलाशी होती है.


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    कई उपकरणों से होती है जांच

    दर्शक को कई बार मेटल डिटेक्टर्स से गुजरना होता है लेकिन साथ ही आधुनिक गैजेट, रोडियो फ्रीक्वेंसी वाले उपकरणों से भी जांच होती है. लेकिन इतना ही काफी नहीं होता है दर्शक को पहले एक पास के लिए आवेदन देना होता है और यह पास जारी करवाना भी आसान कार्य नहीं है, बल्कि इसके लिए भी एक कड़ी प्रक्रिया है.


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    क्या हुए हैं बड़े बदलाव

    हमले के बाद संसद सचिवालय के फैसले अनुसार सबसे बड़ा बदलाव प्रवेश के नियमों को लेकर है. अब सांसदों, स्टाफ और प्रेस के लोगों के लिए प्रवेश अलग होगा. जबकि दर्शक केवल चौथे द्वार से ही अंदर जा सकेंगे. अब संसद में दर्शक दीर्घा में अगले आदेश तक प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. वहीं संसद में प्रवेश के लिए बनने वाले पास के बनने पर अस्थायी रोक लगा दी गई है. और फिलहला दर्शकों का प्रवेश भी रोक दिया गया है.



    सांसद के जरिए आवेदन

    संसद परिसर में प्रवेश के पास के लिए आवेदन केवल सांसद दे सकता है. आवेदन करने वाले सभी सांसदों को एक स्वीकृति देनी होती है कि वे दर्शक को व्यक्तिगत तौर पर जानते हैं और उसकी पूरी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं. लोकसभा की नियम पुस्तिका के मुताबिक सांसदों द्वारा दिए गए आवेदन में दर्शक की पूरी जानकारी देनी होती है. 

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