बिहार शिक्षा विभाग ने इन शिक्षको को किया फर्जी घोषित
We News 24 Digital News» रिपोर्टिंग सूत्र / अमिताभ मिश्रा
पटना :- बिहार में दक्षता परीक्षा पास करने वाले नियोजित शिक्षकों में से करीब 1051 शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने संभावित फर्जी शिक्षकों की सूची में शामिल कर लिया है. इनमें से अधिकांश नियोजित शिक्षकों का एसटीईटी और टीईटी सर्टिफिकेट नंबर एक ही है, जबकि कई शिक्षकों के नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि एक ही पाई गई है. ऐसा प्रतीत होता है कि एक ही प्रमाण पत्र पर कई शिक्षक अलग-अलग जिलों में नौकरी कर रहे हैं.
काउंसिलिंग के लिए शिक्षकों को बुलाया गया।
ऐसे सभी शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने 7 मार्च से 23 मार्च तक पटना में आयोजित काउंसिलिंग में भाग लेने के लिए बुलाया था. इस सूची में से करीब 420 शिक्षकों ने काउंसिलिंग में भाग नहीं लिया. अब विभाग ने एक बार फिर ऐसे 420 छूटे हुए शिक्षकों को 10 से 15 अप्रैल के बीच पटना के नया सचिवालय स्थित डॉ. मदन मोहन झा मेमोरियल सभागार में काउंसलिंग के लिए बुलाया है. प्रतिदिन 80-80 शिक्षकों की काउंसिलिंग की जाएगी।
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शिक्षा विभाग ने दिया आखिरी मौका!
इस काउंसिलिंग में संभावित फर्जी शिक्षकों को उनके सभी शैक्षिक एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों के साथ बुलाया गया है। अगर भौतिक सत्यापन के दौरान इन शिक्षकों का प्रमाणपत्र सही पाया गया तो ये सभी शिक्षक किसी भी तरह की कार्रवाई से बच जायेंगे और विशेष शिक्षक बन जायेंगे और उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा मिल जायेगा. लेकिन अगर शिक्षक निर्धारित तिथि पर काउंसिलिंग में भाग नहीं लेते हैं तो विभाग उन्हें फर्जी शिक्षक घोषित कर देगा और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जायेगी. इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव ने आदेश जारी कर दिया है.
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प्रमाण पत्र सही नहीं होने पर कार्रवाई की जायेगी
नियोजित शिक्षकों के प्रमाणपत्र सही नहीं पाए जाने पर भी उन पर कार्रवाई होने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में फर्जी नियोजित शिक्षकों के बीच धर्मसंकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. फर्जी शिक्षक अब खुद को हर तरफ से फंसता हुआ महसूस कर रहे हैं. अब काउंसिलिंग में कितने शिक्षक भाग लेते हैं, यह काउंसिलिंग की निर्धारित अवधि के बाद ही पता चलेगा।

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