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    कांग्रेस की रैली से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट! रामलीला मैदान 14 जोन में बंटा, 4 हजार पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा

     

    कांग्रेस की रैली से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट! रामलीला मैदान 14 जोन में बंटा, 4 हजार पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा


    INDI गठबंधन का 10 लाख लोगों के पहुंचने का दावा, जबकि पुलिस को 70 हजार की भीड़ का इनपुट; 200 से अधिक CCTV कैमरों से होगी निगरानी, CAPF की 270 कंपनियां 16 नवंबर तक रहेंगी तैनात

    📢 We News 24 Digital News / वी न्यूज 24 डिजिटल

     रिपोर्ट : मिडिया रिपोर्ट | स्थान: नई दिल्ली |   | प्रकाशित: 1 नवंबर 2026


    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित होने वाली कांग्रेस की रैली को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। रैली में भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन का व्यापक खाका तैयार किया है। INDI गठबंधन की ओर से इस रैली में करीब 10 लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है, जबकि दिल्ली पुलिस के पास लगभग 70 हजार लोगों के पहुंचने का इंटेलिजेंस इनपुट है।

    सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए शनिवार दोपहर दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) देवेश चंद्र श्रीवास्तव रामलीला मैदान पहुंचे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर तैयारियों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


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    एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर रहेगी विशेष निगरानी

    दिल्ली पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रैली के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और उनकी गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए। मैदान में प्रवेश और बाहर निकलने वाले रास्तों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए, ताकि भीड़ के दबाव से किसी प्रकार की अफरा-तफरी या अप्रिय स्थिति पैदा न हो।

    पुलिस का मुख्य जोर भीड़ नियंत्रण, प्रवेश द्वारों की जांच और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों पर रहेगा।


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    सुरक्षा के लिए 14 जोन में बांटा गया रामलीला मैदान

    दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए पूरे रामलीला मैदान को 14 जोन में विभाजित किया है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एसीपी रैंक के अधिकारी को सौंपी जाएगी, जबकि दो-दो जोन की निगरानी एडिशनल डीसीपी रैंक के अधिकारी करेंगे।

    रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए करीब चार हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की योजना बनाई गई है।

    मैदान में प्रवेश से पहले लोगों की मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही रैली में शामिल होने वाले लोगों को प्रवेश दिया जाएगा।


    200 से अधिक CCTV कैमरों से होगी निगरानी

    रैली स्थल और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा निगरानी के लिए 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा पुलिसकर्मी बॉडी-वॉर्न कैमरों का भी इस्तेमाल करेंगे।

    किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए दंगा नियंत्रण वाहन और निगरानी उपकरणों से लैस पुलिस वाहनों को भी तैनात रखने की योजना है।

    वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर रखेंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।


    यातायात व्यवस्था के लिए 150 अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात

    रैली के चलते राजधानी के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रमुख चौराहों पर 150 अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।

    पुलिस ने आयोजकों को पार्किंग व्यवस्था निर्धारित करने के लिए यातायात पुलिस के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए हैं। रैली में आने वाली बसों और अन्य वाहनों के लिए भी पहले से व्यवस्था तय करने को कहा गया है।


    आयोजकों को भी सौंपी गई जिम्मेदारी

    दिल्ली पुलिस ने रैली के आयोजकों से सुरक्षा व्यवस्था में पूरा सहयोग करने को कहा है। आयोजकों को रणनीतिक स्थानों पर हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी फुटेज पर निगरानी के लिए कंट्रोल रूम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

    इसके अलावा रैली में शामिल होने वाले आमंत्रित लोगों, स्वयंसेवकों और उन्हें लाने वाली बसों का विवरण भी मांगा गया है।

    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मैदान में रात के समय रुकने की अनुमति नहीं होगी। आयोजकों को अनुशासन बनाए रखने और ऐसे भाषणों से बचने की हिदायत दी गई है, जिनसे सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका हो।



    दिल्ली में 270 कंपनियां CAPF की तैनाती 16 नवंबर तक बढ़ी

    रैली और विभिन्न संगठनों की ओर से अचानक प्रदर्शन किए जाने की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 270 कंपनियों की तैनाती तीसरी बार बढ़ाकर 16 नवंबर तक कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में सीजेपी के प्रदर्शनों के मद्देनजर इन बलों को दिल्ली बुलाया गया था। इनकी तैनाती और समन्वय की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस को सौंपी गई है।


    भारी भीड़ को लेकर पुलिस की अग्निपरीक्षा

    रामलीला मैदान में प्रस्तावित कांग्रेस रैली राजधानी की बड़ी राजनीतिक सभाओं में शामिल होने जा रही है। आयोजकों के 10 लाख लोगों के पहुंचने के दावे और पुलिस के 70 हजार लोगों के इनपुट के बीच सुरक्षा एजेंसियों के सामने भीड़ प्रबंधन की बड़ी चुनौती होगी।

    दिल्ली पुलिस की प्राथमिकता रैली को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने, आम नागरिकों की आवाजाही बनाए रखने और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नियंत्रण रखने की होगी।

    WE NEWS 24 | नई दिल्ली

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