अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप को बड़ा झटका, डेमोक्रेट्स ने सीनेट पर कब्जा जमाया; हार के बाद बोले- नतीजे स्वीकार करूंगा
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को झटका। डेमोक्रेट्स ने सीनेट में बहुमत हासिल किया, ट्रंप बोले- नतीजे स्वीकार करूंगा।
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रिपोर्ट : मिडिया रिपोर्ट | स्थान: वॉशिंगटन | | प्रकाशित: 4 नवंबर 2026
वॉशिंगटन। अमेरिका के 2026 के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। शुरुआती नतीजों और प्रमुख अमेरिकी मीडिया संस्थानों के अनुमानों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है, जबकि प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में भी पार्टी बहुमत के बेहद करीब पहुंच गई है। चुनावी नतीजों के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वह चुनाव परिणाम स्वीकार करेंगे और जरूरत पड़ने पर डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं।
इस चुनावी उलटफेर से अमेरिकी संसद में सत्ता का संतुलन बदलने के संकेत मिल रहे हैं। यदि प्रतिनिधि सभा में भी डेमोक्रेट्स का बहुमत कायम होता है, तो ट्रंप प्रशासन के लिए अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
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ट्रंप बोले- चुनाव नतीजे स्वीकार करूंगा
अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वह मिडटर्म चुनाव के नतीजों को पूरी तरह स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने डेमोक्रेट्स के साथ काम करने की इच्छा भी जताई।
ट्रंप के मुताबिक, उनकी पार्टी और डेमोक्रेट्स मिलकर काम करने तथा साझा समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब रिपब्लिकन पार्टी को कई अहम चुनावी मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है।
रिपब्लिकन की हार पर ट्रंप ने क्या कहा?
चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन पर ट्रंप ने अपनी सफाई भी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि अगर वह खुद चुनाव में उम्मीदवार होते, तो रिपब्लिकन पार्टी भारी अंतर से जीतती।
ट्रंप ने लिखा कि वह चुनाव में उम्मीदवार नहीं थे और यदि मैदान में होते तो उनकी पार्टी बड़े अंतर से जीत हासिल करती। चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्होंने समर्थकों से अपील की थी कि वे मतदान ऐसे करें, जैसे खुद ट्रंप चुनाव लड़ रहे हों।
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सीनेट में डेमोक्रेट्स की बड़ी बढ़त
मीडिया अनुमानों के मुताबिक, डेमोक्रेट्स ने सीनेट में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। रिपब्लिकन पार्टी से कई अहम सीटें छिनने के बाद सीनेट में डेमोक्रेट्स और उनके साथ मतदान करने वाले निर्दलीय सदस्यों की ताकत बढ़ गई है।
सीनेट में बहुमत मिलने से डेमोक्रेट्स को ट्रंप प्रशासन की नीतियों और नियुक्तियों पर अधिक प्रभाव डालने का अवसर मिलेगा। हालांकि, चुनावी आंकड़ों की अंतिम स्थिति आधिकारिक मतगणना और सभी सीटों के परिणाम घोषित होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।
प्रतिनिधि सभा में भी सत्ता परिवर्तन के आसार
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है। शुरुआती अनुमानों में डेमोक्रेट्स को बड़ी बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। सभी सीटों की मतगणना पूरी होने के बाद सदन का अंतिम राजनीतिक समीकरण सामने आएगा।
यदि डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा पर नियंत्रण हासिल कर लेते हैं, तो वे ट्रंप प्रशासन के फैसलों की जांच, सरकारी कामकाज पर निगरानी और नीतिगत फैसलों को चुनौती देने में अधिक सक्षम होंगे। इससे राष्ट्रपति ट्रंप के लिए संसद में समर्थन जुटाना मुश्किल हो सकता है।
साउथ कैरोलिना में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एनी एंड्रयूज की जीत
साउथ कैरोलिना के सीनेट चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एनी एंड्रयूज ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डार्लीन ग्राहम को हराकर बड़ा उलटफेर किया। डार्लीन ग्राहम दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम की बहन हैं। लिंडसे ग्राहम के निधन के बाद डार्लीन ने उनकी खाली हुई सीट संभाली थी।
एनी एंड्रयूज की जीत को डेमोक्रेट्स के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, महंगाई और वॉशिंगटन की राजनीति में प्रभावशाली लोगों के दबदबे जैसे मुद्दे उठाए थे।
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ट्रंप प्रशासन के सामने बढ़ेंगी राजनीतिक चुनौतियां
मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को लगे झटके का असर आने वाले समय में अमेरिकी राजनीति पर दिखाई दे सकता है। संसद में डेमोक्रेट्स की मजबूत स्थिति ट्रंप प्रशासन के फैसलों पर निगरानी और राजनीतिक बहस को तेज कर सकती है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि अंतिम चुनावी नतीजों के बाद अमेरिकी कांग्रेस में सत्ता का समीकरण किस रूप में सामने आता है और राष्ट्रपति ट्रंप विपक्ष के साथ काम करने के अपने बयान को व्यवहार में किस तरह लागू करते हैं।
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