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    सनसनी :बिहार:के स्कुलो में फर्जी नामांकन के द्वारा करोड़ो रूपये का हेरा फेरी आधार से हुआ पर्दाफाश

    WAORS हिंदी न्यूज »बिहार पटना

    बिहार : में फर्जी नामांकन द्वारा कई सालों से योजना राशि निकाले जा रहे थे । यह सनसनी खेज खुलासा तब हुआ जब  स्कूली बच्चों को आधार  से जोड़ा गया। तब ये गड़बड़ी का पता चला कि हजारों बच्चे स्कूल में है ही नहीं । सिर्फ इनका नाम केवल स्कूल की रजिस्टर्ड में दर्ज कर  दिया गया और चौकाने वाली बात है की हर दिन उन फर्जी नामो की उपस्थिति बना दी  जाती थी ।


    14 लाख 52 हजार 472 नाम फर्जी निकले 
    ऐसे फर्जी नाम एक दो नहीं नहीं बल्कि 14 लाख 52 हजार 462 फर्जी नाम  पकड़ में आये हैं। ज्ञात हो कि 2015-16 में प्रदेश भर में एक से आठवीं तक 2 करोड़ 14 लाख 48 हजार 70 नामांकन हुए। लेकिन जब आधार नंबर से इन्हें जोड़ा गया तो 14 लाख 52 हजार 472 नामांकन कम हो गए। यानी 2016-17 में कुल नामांकन केवल 1 करोड़ 99 लाख 95 हजार 608 ही हो पाये हैं।
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    आरटीई कार्यकर्ता शिवप्रकाश राय ने बताया कि एक से आठवीं तक के नामांकन में आधार नंबर जोड़ने के बाद फर्जी नामांकन पकड़ में आये हैं।


    ज्योति कुमार (डीईओ, पटना) ने कहा- गड़बड़ी हुई है। इस कारण पूरी जांच के बाद ही इस बार योजना की राशि की निकासी कर रहे हैं। अब ऐसी गड़बड़ी न हो, इसके लिए हर प्राचार्य से इस बार शपथपत्र भरवाया जा रहा है।

    खाता खोलने के लिए बना आधार
    राज्य सरकार द्वारा पिछले दो सालों से हर बच्चे का खाता खुलवाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके लिए सारे बच्चों का आधार नंबर भी बनवाया गया। आधार नंबर और खाता खुलने के बाद ही योजना की राशि मिलेगी।
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    देखिये कौन-कौन से  जिले में फर्जी नामांकन

    • वैशाली - 54371
    • सीतामढ़ी- 53637
    • समस्तीपुर.- 54377
    • रोहतास- 37696.
    • नवादा- 30904
    • पटना- 55131
    • नालंदा- 36247
    • मुजफ्फरपुर- 22697
    • भोजपुर - 41157
    • दरभंगा- 86535
    • भागलपुर- 34132
    • औरंगाबाद- 41068.


    - प्रवेश दिखाकर कई सालों से निकाल रहे थे पैसे
    - स्कूलों की उपस्थिति पंजी में नाम लिख निकाली गई राशि

    योजना  राशि बांट दी गई
    आधार नंबर से पकड़ में आने के बाद फर्जी नामांकन का पता तो चला। लेकिन इससे पहले सरकारी योजना के नाम पर राशि की निकासी स्कूलों द्वारा कर ली गयी थी। जिला शिक्षा कार्यालय की मानें तो एक से आठवीं तक की छात्रवृत्ति, पोशाक आदि योजना के मद में लगभग सात हजार रुपए हर बच्चे को दी जाती है। ऐसे में इन फर्जी नामांकन के नाम पर करोड़ों रुपये दिए गए।.

    हर जिले में फर्जी नामांकन
    फर्जी नामांकन में प्रदेश भर के 38 जिला शामिल हैं। हर जिले में यह पकड़ में आया है। पटना जिले की बात करें तो यहां पर 55 हजार 131 फर्जी नामांकन पकड़े गये हैं।

    सरकार दोषियों पर क्या करवाई करती है 
    अब सवाल ये उठता है जो लोग द्वारा ये फजी वाडा किया गया और जिन अधिकारी के मिली भगत से हुआ है उन पर सरकार क्या कर्यवाही करती है | क्योकि ये पैसा पब्लिक के गाढ़ी कमाई के द्वरा भरा हुआ टेक्स का पैसा है दोषियों को सजा होनी चाहिए
    Posted & edit by:अंजलि कुमारी 

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