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    :प्रियंका गांधी की एंट्री पर BJP नेता सांबित पात्रा का तंज, कांग्रेस में वंशवाद परिवार को पार्टी मानते हैं बोले- राहुल गांधी की नाकामी का आधिकारिक एलान हो गया


    WAORS हिंदी न्यूज »नई दिल्ली 



    नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने प्रियंका गांदी को मैदान में उतारकर सबसे बड़ा दांव खेला है. प्रियंका गांधी को महासचिव बनाया है, इसके साथ ही उन्हें उत्तर प्रदेश का प्रभारी भी बनाया गया है. प्रियंका गांधी की इस एंट्री पर बीजेपी ने परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कटाक्ष किया है. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा है कि हमारी पार्टी ही हमारा परिवार है लेकिन कांग्रेस एक परिवार ही पार्टी है.

     एक राज्याभिषेक हुआ है
    संबित पात्रा ने कहा, ''आज कांग्रेस के प्रथम परिवार से एक राज्याभिषेक हुआ है. दरअसल कांग्रेस पार्टी एक परिवार की पार्टी है, इसमें कोई शक नहीं है. आज एक बात साबित हो गई है कि कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से राहुल गांधी की नाकामी को घोषित किया है. इसलिए राहुल गांधी को प्रियंका गांधी की बैसाखी की जरूरत है.
    बैसाखी परिवार से ही ढूंढी जा रही है
    संबित पात्रा ने कहा, ''महागठबंधन से हर राज्य में नकारे जाने के बाद बैसाखी परिवार से ही ढूंढी जा रही है. आज नया भारत सवाल पूछ रहा है कि नेहरू जी के बाद इंदिरा जी, इंदिरा जी के बाद राजीव जी, राजीव जी के बाद सोनिया जी, सोनिया जी के बाद राहुल जी, राहुल जी के बाद प्रियंका जी, अब आगे कौन? बीजेपी और कांग्रेस में बुनियादी फर्क है कि बीजेपी में जहां पार्टी की परिवार है वहीं कांग्रेस में परिवार ही पार्टी है.''
    Sambit Patra, BJP on appointed Congress General Secretary for East UP: Expected, to promote dynasty is what Congress is all about. They consider family as the party while BJP considers party as the family. Congress has accepted that Rahul Gandhi Ji has failed


    प्रियंका को पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई
    बता दें कि प्रियंका अशोक गहलोत की जगह लेंगी. कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश को दो हिस्सों में बांटा है, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश. प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वहीं कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को पश्चिमी यूपी की कमान सौंपी गई है.
    प्रियंका के लिए बड़ी चुनौती 
    प्रियंका गांधी को जिस पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है वहां प्रियंका गांधी के लिए बड़ी चुनौती होगी. पूर्वी यूपी से बीजेपी के तमाम दिग्गज मैदान में उतरते हैं. वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सांसद हैं, गोरखपुर मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ का इलाका है तो वहीं प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र पांडेय चंदौली से सांसद हैं.
    पूर्वी उत्तर प्रदेश खासकर भोजपुरी भाषी बेल्ट है
    पूर्वी उत्तर प्रदेश की बात करें तो इस क्षेत्र में 21 जिले हैं, जिनमें लोकसभा की 26 और विधानसभा की 130 सीटें हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश खासकर भोजपुरी भाषी बेल्ट है. इस क्षेत्र की अहमियत इसी बात से समझी जा सकती है, अभी तक पांच प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, वीपी सिंह, चंद्रशेखर और नरेंद्र मोदी पूर्वी उत्तर प्रदेश से ही आए हैं.
    अभी तक प्रियंका गांधी चुनावी राजनीति में नहीं थीं
     अभी तक प्रियंका गांधी चुनावी राजनीति में नहीं थीं, चुनाव के दौरान कांग्रेस की जीत के लिए अहम रोल अदा करती रहीं हैं. वे पर्दे के पीछे रहकर भी एक नेता की तरह काम करती रहीं और महत्वपूर्ण रणनीतियां बनाती हैं. गरीब और महिलाओं के बीच खासकर प्रियंका गांधी जाती हैं और पार्टी पर उनको भरोसा दिलाती हैं. 2012 में प्रियंका गांधी ने रायबरेली और अमेठी में विधानसभा चुनाव के दौरान भी प्रचार किया था. प्रियंका गांधी ने रॉबर्ट वाड्रा से 1997 में शादी की थी. कुछ चुनावी रैलियों में वाड्रा भी प्रियंका के साथ नजर आ चुके हैं.
    Posted & edit by:काजल कुमारी 

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