Header Ads

ad728
  • Latest Stories

    पश्चिम बंगाल :1977 के बाद पहली बार विपक्ष की भाजपा के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक रैली

    तस्वीर अखिलेश यादव ट्विटर 
    WAORS हिंदी न्यूज पश्चिम बंगाल  कोलकत्ता 
    2019 का लोकसभा चुनाव जीतने के लिए बीजेपी मंदिर पर करबो-लड़बो कर रही है तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई में शनिवार को 20 दलों के नेता बीजेपी के खिलाफ कोलकाता में साझी लड़ाई का ऐलान करेंगे. ममता बनर्जी ने कहा है कि इस बार बीजेपी 125 सीटों के भीतर सिमट जाएगी. 41 साल बाद कोलकाता में विपक्ष का इतना बड़ा जमावड़ा लग रहा है. बीजेपी ने इसे विपक्ष का डर कहा है. साल 1977 में ज्योति बसु ने यहीं से कांग्रेस के खिलाफ बिगुल बजाया था.

    कोलकाता का ब्रिगेड मैदान तैयार है. मंच तैयार हो चुका है. भाषणों की तैयारी कर ली गई है और ममता के मानुष भी तैयार हैं. दावा है कि 40 लाख से ज्यादा लोग दोपहर होते-होते इस विशाल ब्रिगेड परेड मैदान की एक-एक इंच को भर देंगे. इसके बाद यहां से केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ हुंकार भरी जाएगी. ममता बनर्जी ने कहा कि भगवा पार्टी के कुशासन के खिलाफ संयुक्त लड़ाई का संकल्प है. बीजेपी के कुशासन के खिलाफ यह संयुक्त भारत रैली होगी. यह बीजेपी के लिये मृत्युनाद की मुनादी होगी. आम चुनाव में भगवा पार्टी 125 से अधिक सीटें नहीं जीत पाएगी.

    भाजपा के ख़िलाफ़ आज कोलकाता की संयुक्त विपक्ष रैली में.

    1977 के बाद पहली बार विपक्ष की ऐतिहासिक रैली

    विपक्ष का ऐसा जमावड़ा 41 साल बाद देखने को मिलेगा. इससे पहले ज्योति बसु ने कांग्रेस को उखाड़ फेंकने के लिए 7 जून, 1977 को संयुक्त विपक्ष की मुट्ठी तान दी थी. इसके बाद इस ऐतिहासिक मैदान में उतने लोग कभी नहीं आए. ममता की रैली में चंद्रशेखर राव को छोड़कर विपक्ष के अधिकांश नेता पहुंच रहे हैं. इस रैली में कांग्रेस से लेकर जेडीएस, नेशनल कॉन्फ्रेंस, एनसीपी, आरजेडी, एसपी, बीएसपी और टीडीपी, आम आदमी पार्टी समेत कम से कम 20 दलों के नेता, कई मुख्यमंत्री, कई पूर्व मुख्यमंत्री और दर्जनों पूर्व मंत्री ब्रिगेड के मैदान में अपनी लोकप्रियता का इम्तिहान देंगे. सबके निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे.
    ये भी पढ़े :हरीश रावत बोले- कांग्रेस शासन में बनेगा राम मंदिर



    295 सीटों पर असर रखने वाले नेताओं का जमावड़ा
    मतलब कम से कम 295 सीटों पर असर रखने वाले नेता एक साथ कोलकाता के ब्रिगेड मैदान के मंच पर मौजूद रहेंगे. हालांकि इसमें कांग्रेस के दबदबे वाली सीटें शामिल नहीं हैं, जबकि मंच पर खड़गे समेत कांग्रेस के दो-दो नेता मौजूद होंगे. राहुल गांधी खुद नहीं जा पा रहे, इसलिए उन्होंने चिट्ठी भेजी है कि मोदी सरकार के खिलाफ इस वक्त पूरे देश में आक्रोश है और टीएमसी के इस प्रयास का कांग्रेस पार्टी पूरा समर्थन करती है.
    ज्योति बसु के कद की बराबरी करेंगी ममता
    ममता बनर्जी ने ब्रिगेड की रैली को सफल बनाने में पूरी ताकत झोंक दी है और इस कोशिश की पीछे उनकी तमन्ना केवल एक है, पश्चिम बंगाल की राजनीति में ज्योति बसु के विशाल कद की बराबरी. तमाम दलों के नेता कोलकाता पहुंचने शुरू हो गए हैं. एक ऐसा माहौल बनाने की कोशिश हो रही कि देश का माहौल नरेंद्र मोदी के खिलाफ हो चुका है, उनकी नीतियां जनविरोधी हैं और नेता उनका साथ छोड़ रहे हैं. ममता बनर्जी का मकसद है कि एक संदेश पूरे देश में भेजा जाए कि नरेंद्र मोदी से लड़ने के लिए समूचा विपक्ष एक साथ खड़ा है.
    बीजेपी ने बताया घबराहट
    28 दलों के साथ मिलकर दिल्ली में सरकार बनाने वाली बीजेपी कोलकाता में 20 दलों के उद्घोष को घबराहट बता रही है. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि इन दलों में अकेले बीजेपी से लड़ने की ताकत नहीं है इसलिए हाथ मिला रहे हैं.
    Posted & edit by:प्रियंका जयसवाल

    कोई टिप्पणी नहीं

    कोमेंट करनेके लिए धन्यवाद

    Post Top Ad

    ad728

    Post Bottom Ad

    ad728