Header Ads

ad728
  • Latest Stories

    चुनाव आयोग :मतदाता सूचीसे नाम काटे जाने के भ्रामक फोन कॉल से बचे

    WAORS हिंदी न्यूज डेस्क »नई दिल्ली 

    नई दिल्ली:चुनाव आयोग ने दिल्ली के वोटरों को मतदाता सूचीसे नाम काटे जाने के भ्रामक फोन कॉल पर विश्वास नहीं करने की सलाह दी है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी शनिवार को इस बाबत अपील जारी की है। 

    ऐसी कॉल से सावधान रहने की जरूरत
    आयोग ने कहा है कि अज्ञात व्यक्तियों और संस्थाओं की ओर से लोगों को बड़ी संख्या में वोटर लिस्ट से संबंधित झूठी कॉल की जा रही हैं। ऐसी कॉल से सावधान रहने की जरूरत है।चुनाव आयोग ने कहा है कि लोगों को कॉल कर मतदाता सूची से नाम कटने और उन्हें फिर बहाल किए जाने की पेशकश की जा रही है। मामले में मिली शिकायतों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) रणवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने का एकमात्र अधिकार निर्वाचक पंजीयक अधिकारी को है। इसलिए किसी व्यक्ति अथवा संस्था की फोन कॉल से लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।

    यह भी पढ़े :उत्तर प्रदेश :जहरीली शराब से मौत में समाजवादी पार्टी की हाथ होने की आशंका


    यहां संपर्क करें 
     मतदाता सूची से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए आयोग की मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर फोन करने और आयोग की वेबसाइट www.nvsp.in पर संपर्क करने को कहा है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची में नाम नहीं मिलने पर आयोग की वेबसाइट पर फार्म-6 के जरिए आवेदन किया जा सकता है।

     पूर्वांचली-बनिया समुदाय के वोटरों के नाम काटे: AAP
    आम आदमी पार्टी कई महीने से दिल्ली के 30 लाख मतदाताओं खासकर पूर्वांचलियों, मुसलमानों और बनिया समुदाय के लोगों के नाम काटने के पीछे भाजपा का हाथ बता रही है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा था, दिल्ली में मतदाता सूची से व्यापक पैमाने पर छेड़छाड़ करने के मामले सामने आए हैं। इस बात के प्रमाण हैं कि अकेले दक्षिणी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से एक लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
    सूची की जांच कराने दे आयोग: केजरीवाल

    यह भी पढ़े :लालगंज वैशाली। शुक्रवार की देर रात आग लगने से लालगंज प्रखण्ड के नामीडीह गांव में घर जलकर राख हो गया।


    मतदाता सूची की जांच कराने की अनुमति क्यों नहीं
    दिल्ली सरकार ने चुनाव आयोग द्वारा काटे गए नामों की सूची में कुछ गड़बड़ी पाई गई थी। सूची तैयार करने वाले अफसरों के खिलाफ आयोग कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है। चुनाव आयोग की सूची की जांच करने के लिए दिल्ली सरकार एक कमेटी बनाना चाहती थी। लेकिन, चुनाव आयोग ने इसकी अनुमति नहीं दी। चुनाव आयोग मतदाता सूची की जांच कराने की अनुमति क्यों नहीं देता।


    Posted By:विवेक श्रीवास्तव 

    कोई टिप्पणी नहीं

    कोमेंट करनेके लिए धन्यवाद

    Post Top Ad

    ad728

    Post Bottom Ad

    ad728