कई दशक बाद पुनौरा धाम में दस दिवसीय श्री सीताराम नाम महायज्ञ की शुरुआत
WAORS हिंदी न्यूज डेस्क »सीतामढ़ी बिहार
कैमरामैन पवन साह रिपोर्टर राम कुमार
सीतामढ़ी। पुनौरा धाम में शुक्रवार से महंत कौशल किशोर दास जी महाराज के अगुआई में लगभग 50 साल बाद विश्वकल्याणार्थ दस दिवसीय श्रीसीताराम नाम महायज्ञ का आरम्भ हुआ । मुख्य मंडप में आचार्य दिवाकर त्रिपाठी व पंडित शिवेंद्र शुक्ल, पंडित अनुज, पंडित अमन, पंडित शुभम, पंडित मधुर व पंडित हरिश के वैदिक मंत्रोचारण के साथ यजमान अखिलेश सिंह व साधना सिंह को संकल्प दिलाते हुए महायज्ञ की शुरूआत की गई।
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आचार्यों द्वारा श्री गणेश की पूजा अर्चना के साथ ही सभी देवी-देवताओं को आह्वान करते हुए यज्ञ में उपस्थित रहने का निवेदन किया गया। संध्या पहर अयोध्या से आए सनातन धर्म प्रचारक स्वामी राम जी दास महाराज द्वारा रामकथा का संगीतमय प्रवचन हुआ।
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सनातन धर्म प्रचारक स्वामी राम जी दास जी द्वारा प्रवचन
स्वामी ने प्रवचन की शुभारम्भ मिथिला के गौरव गाथा से कि उन्होंने कहा की संपूर्ण जगत की वह पुण्य भूमि है जहां कण-कण में ज्ञान, विद्वान व आध्यात्म बसता है। पुनौरा धाम पुण्डरिक आश्रम का क्षेत्र है, जहां से स्वयं माता सीता काउद्गम हुआ है। इस भूमि पर रहने वाले भी धन्य हैं। 10 दिनों तक रामचरितमानस का पाठ भी होगा |
11 कीर्तन कुंजों की स्थापना
चारो तरफ शांति व शालीनता ही इस भूमि की पहचान है। कथावाचन को संगीत का धून विभिषण बिहारी, राजेश, सदानंद व्यास व धर्मेंद्र शैनी दे रहे थे। महायज्ञ में सीताकुंड के चारों ओर बनाए गए 11 कीर्तन कुंजों में नाम जापकों द्वारा सीताराम नाम का भी जाप शुरू है।
मां सीता के जीवन से जुड़ा 101 प्रतिमाएं भी स्थापित
वहीं मुख्य यज्ञशाला के साथ ही 11 कुंडों में हवन शनिवार से होगा। इधर, सीताकुंड के चारों तरफ आठ मंडप में मां सीता के जीवन से संबंधित 101 प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। वहीं देर संध्या अयोध्या से आए कलाकारों द्वारा रामलीला का भी आयोजन किया गया ।
दूर दराज से आए श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन भंडारा का भी व्यवस्था
यज्ञ समिति द्वारा संतों व दूर दराज से आए श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन भंडारा व महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई है। मौके पर परमेश्वर दास, संतोष कुमार ¨सह, ओम प्रकाश ¨सह, दिनानाथ कुमार, राजकिशोर साह, सुनील कुमार ¨सह, धीरज कुमार ¨सह, श्रवण कुमार, रामबाबू मरांडी, विनय कुशवाहा, जयनारायण राय, रामकुमार आदि थे।
Posted By:अंजलि कुमारी



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