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    सीतामढ़ी डुमरा जेल की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे ,फेके गये प्रतिबन्धित सामान जेल में हडकंप

     

    WAORS हिंदी न्यूज डेस्क » बिहार सीतामढ़ी कैमरामैन- पवन साह रिपोर्टर-रौशन कुमार साह

    सीतामढ़ी जेल में सोमवार की शाम प्रतिबंधित सामग्री से भरा बोरा फेंके जाने के बाद हड़कंप मचा सकते में आ गये जेल प्रसासन सकते में है सुचना पा कर जेल अधीक्षक राजेश कुमार राय ने मामले की जांच की। साथ ही  डीएम तथा डुमरा थाना पुलिस को इसकी जानकारी देते हुए जेल के इर्द-गिर्द की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। 

    जेल अधीक्षक ने आईजी जेल को भी इसकी जानकारी भेजी 
    जेल अधीक्षक ने आईजी जेल को भी इसकी जानकारी दी है। फिलहाल जेल प्रशासन सकते में है। बताया गया है कि जेल बंद होने के बाद जेल अधीक्षक अपने आवास पर थे। शाम तकरीबन 7 बजे जेल के पश्चिम भाग स्थित दीवार से किसी ने सामानों से भरा बोरा जेल कैम्पस में फेंक दिया। इसके बाद हड़कंप मच गया। 

    बोरा में बड़ी मात्रा में गुटखा, भांग, गुल, प्लेइंग कार्ड ,ब्लेड
    जेलर समेत सुरक्षा कर्मियों ने इसकी जांच की तो बोरा में बड़ी मात्रा में गुटखा, भांग, गुल, प्लेइंग कार्ड के अलावा ब्लेड पाया गया। जेलर द्वारा इसकी सूचना जेल अधीक्षक को दी गई। जेल अधीक्षक ने मौके पर पहुंच कर मामले की जांच की। 

    थाने में प्राथमिकी दर्ज
    जेल अधीक्षक राजेश कुमार राय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही है। बहरहाल, यह पहला मामला नहीं है जब जेल में आपत्तिजनक सामग्री फेंकी गई है। पूर्व में कई बार पश्चिमी दीवाल से मोबाइल समेत कई सामग्री फेंकी जा चुकी है। जेल में बंद बंदियों तक उक्त सामग्री पहुंचाने के लिए जेल के पश्चिमी दीवाल का ही उपयोग किया जा रहा है। जबकि पश्चिमी भाग में डाकघर है।


    घनी आबादी में जेल होने से परेशानी 
     घनी आबादी में होने के कारण जेल प्रशासन की परेशानी बढ़ गई है। जेल प्रशासन द्वारा लगातार जेल में सर्च ऑपरेशन चला कर आपत्तिजनक सामग्री जब्त की जाती रही है। सीमित संसाधन के बीच जेल प्रशासन जेल के भीतर की व्यवस्था को दुरुस्त करने में कामयाब हो रहा है, लेकिन घनी आबादी में होने के चलते बाहरी गतिविधियों पर जेल प्रशासन नकेल कसने में बेबस साबित हो रहा है। 
    स्थानीय पुलिस का सहयोग नहीं मिल रहा
    कारण स्थानीय पुलिस का सहयोग नहीं मिल रहा है। जेल का इलाका मुख्यालय डुमरा के प्रशासनिक इलाके में है। जेल के उत्तरी भाग में कमला ग‌र्ल्स स्कूल है, जबकि पश्चिमी भाग में डुमरा पीएचसी और डाकघर का क्वार्टर है। दक्षिणी भाग में जेल का क्वाटर  है, जबकि पूर्वी भाग स्थित जेल परिसर का दीवाल सड़क से ठीक सटा है। 

    डुमरा थाना जेल प्रसासन की मदद नहीं कर रहा है 
    इसके चलते उत्तरी और पश्चिमी इलाके से जेल की दीवारों से कुछ भी फेंकना मुश्किल नहीं है। जेल प्रशासन की सख्ती के चलते जेल में बंद बंदी बाहर में रह रहे अपने रिश्तेदार या गुर्गों के जरिए इसी रास्ते से आपत्तिजनक सामग्री मंगवाते रहे है। पूर्व में मामला सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने डुमरा थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन डुमरा थाना पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं की |

    असमाजिक तत्वों के हौसले बुलंद है
    डुमरा थाने मी कोई कार्यवाही नहीं करने से असमाजिक तत्वों के हौसले बुलंद है। परिणतिस्वरूप सोमवार को असमाजिक तत्वों ने पुलिस और जेल प्रशासन को चुनौती देते हुए जेल के भीतर सामान फेंकने में सफलता पाई।
    किसी दिन इसी तरह जेल के भीतर आ‌र्म्स या विस्फोटक न आ जाय 
    जिस तरह सोमवार की शाम बाहर से जेल की दीवारों के जरिए जेल के भीतर सामान  फेका गया उससे एक सवालिया निशान खड़ा होता है की डुमरा जेल की सुरक्षा व्यवस्था का तो भगवान ही मालिक है | अगर यही हाल रहा तो वो दिन दूर नहीं है की पुलिस के सुस्त रवैये के कारण किसी दिन इसी तरह जेल के भीतर आ‌र्म्स या विस्फोटक भी फेंक दिए जाएंगे।

    जेल से पांच मोबाईल मिला 
    अभी तिन दिन पहले  पुलिस प्रशासन ने 2 मार्च को जेल में की गई छापेमारी की जिसमे पांच मोबाइल बरामद किया गया। जेल अधीक्षक द्वारा रुटीन चेकिग के दौरान पांच मोबाइल बरामद की गई। इस बाबत जेल अधीक्षक के आवेदन पर डुमरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। 
    प्राथमिकी में बताया गया
    दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि 3 मार्च की दोपहर डेढ़ बजे ली गई तलाशी के क्रम में वार्ड छह के बरामदे से दो, वार्ड सात के पीछे लावारिश हालत में पॉलीबैग में रखे गए तीन समेत कुल पांच मोबाइल जब्त किया गया। इस बाबत पूछे जाने पर जेल अधीक्षक ने इसे रूटीन चेकिग बताया। जेल अधीक्षक ने बताया कि थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ ही इसकी सूचना डीएम, एसपी और आईजी कारा को दे दी गई है। 
    संसाधनों की कमी का रोना 
    जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल में विधि व्यवस्था की बहाली के लिए नियमित तौर पर उनके द्वारा तलाशी अभियान चलाया जाता रहा है। इस दौरान आपत्तिजनक सामग्री की बरामदगी को लेकर प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाती रही है। बताया कि संसाधनों की कमी से थोड़ी परेशानी जरूर हो रही है।
    जेल प्रशासन की व्यवस्था में भ्रष्टाचार
    सवाल ये उठ रहा है की जेल के अन्दर ये सब सामान आता किस रास्ते है | ऐसे घटना ये दर्शाती है की की जेल प्रसासन के ही अन्दर भ्रष्टाचार दिख रहा है | बिना चेक हुए कोई सामान जेल के अन्दर प्रवेश नहीं कर सकता है तो ये मोबाइल कैसे जेल के अन्दर पहुँच गया वगैर मिली भगत और रिश्वत के बिना हो नहीं सकता है जेल प्रशासन की व्यवस्था में भ्रष्टाचार दिख रहा है अगर व्यवस्था दुरुस्त हो तो मोबाईल क्या एक सुई तक भी अन्दर नहीं जा सकता है | और इससे जेल प्रसासन पर सवालिया निशान खड़ी करती है |
    Posted By :काजल कुमारी 

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