लोकसभा चुनाव अप्रैल-मई में सात से आठ चरणों में होने की संभावना, आज हो सकता है ऐलान
WAORS हिंदी न्यूज डेस्क »नई दिल्ली
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नई दिल्ली:आम चुनाव की घोषणा का इंतजार खत्म हो गया है। निर्वाचन आयोग आज लोकसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करेगा। लोकसभा चुनाव अप्रैल-मई में सात से आठ चरणों में होने की संभावना है। आयोग यहां विज्ञान भवन में शाम पांच बजे एक संवाददाता सम्मेलन करेगा। मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल तीन जून को समाप्त होना है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। लोकसभा चुनाव के साथ आंध्र प्रदेश, सिक्किम, ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान भी हो सकता है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव लोकसभा के साथ ही होंगे या नहीं। सूत्रों के मुताबिक 7-8 चरणों में लोकसभा चुनाव कराए जा सकते हैं।
मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल तीन जून को समाप्त हो रहा है। चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद अगले सप्ताह पहले और दूसरे चरण के मतदान के लिए चुनाव पर्यवेक्षकों की बैठक होगी। चुनाव आयोग विज्ञान भवन में शाम पांच बजे एक संवाददाता सम्मेलन करेगा। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी।
Election Commission of India to hold a press conference at 5pm today.
सूत्रों के अनुसार पहले चरण के मतदान के लिए अधिसूचना मार्च के आखिर तक जारी हो सकती है और इसके लिए मतदान अप्रैल के पहले सप्ताह में होने की संभावना है। मई के तीसरे हफ्ते में मतगणना हो सकती है। पूरी संभावना है कि आयोग पुरानी परंपरा की तरह आंध्र प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव भी लोकसभा चुनाव के साथ करा सकता है। जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग हो चुकी है, इसलिए आयोग मई में समाप्त हो रही छह महीने की अवधि के अंदर यहां भी नये सिरे से चुनाव कराने के लिए बाध्य है। एक राय है कि जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ होंगे, लेकिन भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ने के कारण राज्य के जटिल सुरक्षा हालात को मद्देनजर रखते हुए ही फैसला किया जाएगा।
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2019 में होगा बड़ा घमासान, इन नेताओं पर रहेगी नजर
पीएम नरेंद्र मोदी
बीजेपी के प्रचार की कमान पीएम नरेंद्र मोदी ही संभालेंगे। पार्टी पीएम के चेहरे पर ही 2014 के बाद से हुए लगभग सभी चुनाव लड़ी है। मोदी पार्टी के प्रमुख चेहरा होंगे। 2014 में मोदी लहर के कारण 30 साल बाद किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला था। इसबार भी बीजेपी मोदी के चेहरे, करिश्मे और काम गिनाकर चुनाव मैदान में उतर रही है।
अमित शाह
बीजेपी चीफ अमित शाह ने 2014 के आम चुनाव में अपने कुशल नेतृत्व क्षमता दिखाते हुए यूपी में पार्टी को बड़ी जीत दिलाई थी। इस बार भी अमित शाह पर पीएम नरेंद्र मोदी के लिए बेहतर प्रदर्शन का दबाव होगा। बीजेपी चीफ पिछले एक साल से पूरे देशभर का दौरा कर रहे हैं।
राहुल गांधी
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी इस बार पूरी तैयारी के साथ मैदान में हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद राहुल का मनोबल काफी ऊंचा है। वह लगातार पीएम मोदी को निशाने पर ले रहे हैं। सोनिया गांधी की जगह पार्टी के अध्यक्ष बनाए गए राहुल के नेतृत्व में यह पहला लोकसभा चुनाव होगा।
पीएम नरेंद्र मोदी
बीजेपी के प्रचार की कमान पीएम नरेंद्र मोदी ही संभालेंगे। पार्टी पीएम के चेहरे पर ही 2014 के बाद से हुए लगभग सभी चुनाव लड़ी है। मोदी पार्टी के प्रमुख चेहरा होंगे। 2014 में मोदी लहर के कारण 30 साल बाद किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला था। इसबार भी बीजेपी मोदी के चेहरे, करिश्मे और काम गिनाकर चुनाव मैदान में उतर रही है।
अमित शाह
बीजेपी चीफ अमित शाह ने 2014 के आम चुनाव में अपने कुशल नेतृत्व क्षमता दिखाते हुए यूपी में पार्टी को बड़ी जीत दिलाई थी। इस बार भी अमित शाह पर पीएम नरेंद्र मोदी के लिए बेहतर प्रदर्शन का दबाव होगा। बीजेपी चीफ पिछले एक साल से पूरे देशभर का दौरा कर रहे हैं।
राहुल गांधी
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी इस बार पूरी तैयारी के साथ मैदान में हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद राहुल का मनोबल काफी ऊंचा है। वह लगातार पीएम मोदी को निशाने पर ले रहे हैं। सोनिया गांधी की जगह पार्टी के अध्यक्ष बनाए गए राहुल के नेतृत्व में यह पहला लोकसभा चुनाव होगा।
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मायावती
यूपी की पूर्व सीएम और बीएसपी चीफ मायावती की पार्टी के प्रदर्शन पर भी सबकी निगाहें होंगी। पिछले लोकसभा चुनाव में बीएसपी की यूपी में खाता भी नहीं खुल पाया था। इस बार पार्टी ने राज्य में बीजेपी को रोकने के लिए एसपी के साथ गठबंधन किया है। देखने वाली बात होगी कि मायावती का करिश्मा इस बार कैसा काम करता है।
अखिलेश यादव
एसपी चीफ अखिलेश यादव इस बार अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण चुनाव का नेतृत्व कर रहे हैं। 2014 के चुनाव में पार्टी ने यूपी में केवल 5 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस बार अखिलेश ने राज्य में बीजेपी को रोकने के लिए बीएसपी से गठबंधन किया है। देखने वाली बात होगी कि दोनों दल का प्रदर्शन कैसा रहता है।
ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी बीजेपी के खिलाफ महागठबंधन का चेहरा बनने की कोशिश में लगी हुई हैं। वह लगातार पीएम मोदी का सबसे मुखर विरोध कर रही हैं। ममता ने हाल में कोलकाता में विपक्ष की एक बड़ी रैली की थी, जिसमें 22 दलों के नेता शामिल हुए थे। इस बार बीजेपी भी बंगाल में अपना दमखम लगाई हुई है। देखने वाली बात होगी कि इस बार दीदी के नाम से मशहूर ममता की पार्टी टीएमसी कैसा प्रदर्शन करती है।
यूपी की पूर्व सीएम और बीएसपी चीफ मायावती की पार्टी के प्रदर्शन पर भी सबकी निगाहें होंगी। पिछले लोकसभा चुनाव में बीएसपी की यूपी में खाता भी नहीं खुल पाया था। इस बार पार्टी ने राज्य में बीजेपी को रोकने के लिए एसपी के साथ गठबंधन किया है। देखने वाली बात होगी कि मायावती का करिश्मा इस बार कैसा काम करता है।
अखिलेश यादव
एसपी चीफ अखिलेश यादव इस बार अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण चुनाव का नेतृत्व कर रहे हैं। 2014 के चुनाव में पार्टी ने यूपी में केवल 5 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस बार अखिलेश ने राज्य में बीजेपी को रोकने के लिए बीएसपी से गठबंधन किया है। देखने वाली बात होगी कि दोनों दल का प्रदर्शन कैसा रहता है।
ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी बीजेपी के खिलाफ महागठबंधन का चेहरा बनने की कोशिश में लगी हुई हैं। वह लगातार पीएम मोदी का सबसे मुखर विरोध कर रही हैं। ममता ने हाल में कोलकाता में विपक्ष की एक बड़ी रैली की थी, जिसमें 22 दलों के नेता शामिल हुए थे। इस बार बीजेपी भी बंगाल में अपना दमखम लगाई हुई है। देखने वाली बात होगी कि इस बार दीदी के नाम से मशहूर ममता की पार्टी टीएमसी कैसा प्रदर्शन करती है।
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प्रियंका गांधी
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में प्रियंका गांधी को पार्टी का महासचिव बनाया था और उन्हें पूर्वी यूपी का कार्यभार सौंपा था। इससे पहले प्रियंका केवल रायबरेली और अमेठी में ही सक्रिय रहा करती थीं। इस बार कांग्रेस को उम्मीद है कि प्रियंका यूपी में अपने करिश्माई नेतृत्व से पार्टी की नैया पार लगा सकती हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में प्रियंका गांधी को पार्टी का महासचिव बनाया था और उन्हें पूर्वी यूपी का कार्यभार सौंपा था। इससे पहले प्रियंका केवल रायबरेली और अमेठी में ही सक्रिय रहा करती थीं। इस बार कांग्रेस को उम्मीद है कि प्रियंका यूपी में अपने करिश्माई नेतृत्व से पार्टी की नैया पार लगा सकती हैं।
Posted By:कविन्द्र नेगी


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