केरल हाईकोर्ट ने क्यों कहा- वैक्सीन लेने वाले नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है
We News 24» कोची, केरल
रिपोर्टिंग /असफाक खान
कोचि : खाड़ी देश में काम करने वाले एक शख्स के कोविड वैक्सीन की तीसरी खुराक लेने वाली याचिका पर मंगलवार को केरल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने कहा कि कोवैक्सीन को मान्यता नहीं मिलने से नागरिकों के मौलिक अधिकार का उल्लंघन हुआ है. देश में चल रहे टीकाकरण अभियान में नागरिकों को दो भागों में बांट दिया है. एक, जिसने कोवैक्सीन ली है और उनका आवागमन सीमित है, जबकि दूसरा जिसने कोविशील्ड ली है और कहीं भी जा सकता है. जस्टिस पीवी कुन्हीकृष्णन ने यह टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त वैक्सीन की तीसरी खुराक लेने के लिए एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई के दौरान की.
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आवाजाही के मौलिक अधिकार का उल्लंघन
सऊदी अरब में वेल्डर के रूप में काम करने वाले याचिकाकर्ता ने तीसरी बार अदालत का रुख किया है, क्योंकि उसने कोवैक्सीन की जो दो खुराक ली है उन्हें खाड़ी देश में मान्यता प्राप्त नहीं है. इसके कारण उसे नौकरी खोने का डर है, क्योंकि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त वैक्सीन का टीका लगवाए बिना वहां नहीं जा सकता. अदालत ने कहा कि नागरिकों के दो अलग-अलग वर्ग बनाए जाने से याचिकाकर्ता की आवाजाही के मौलिक अधिकार का उल्लंघन हुआ है. जस्टिस कुन्हीकृष्णन ने कहा कि वह यह आदेश नहीं देंगे कि याचिकाकर्ता को तीसरी खुराक दी जाए या नहीं, लेकिन केंद्र को एक महीने के भीतर उसकी शिकायत का निस्तारण करना होगा.
एक दर्शक की तरह चुपचाप नहीं बैठ सकती अदालत
न्यायाधीश ने कहा, ‘अदालत महज एक दर्शक की तरह चुपचाप नहीं बैठ सकती.’ कोर्ट ने इस मुद्दे पर केंद्र से जवाब तलब करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए पांच नवंबर की तारीख तय की है. केंद्र ने अगस्त में कहा था कि कोविड वैक्सीन की तीसरी खुराक के प्रभाव का पता लगाने के लिए नैदानिक परीक्षण चल रहे हैं. इसे पूरा होने में अभी महीनों का समय लगेगा.
सुनवाई के दौरान केंद्र ने अदालत से कहा कि इसी तरह का एक मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिसमें कहा गया है कि वह इस मुद्दे पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के फैसले का इंतजार करेगा. अदालत ने कहा कि अगर केंद्र फैसला लेने में और समय लेना चाहता है, तो याचिकाकर्ता को विदेश में काम करने के दौरान वेतन के रूप में मिलने वाली राशि का भुगतान करने का निर्देश जारी किया जा सकता है.
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