विश्व का इकलौता सुभाष चंद्र बोस का मंदिर में 125 जातियों के लोगों का सम्मान किया गया
We News 24» रिपोर्टिंग / दिनेश जयसवाल
वाराणसी : आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मना रहा है। वाराणसी के सुभाष भवन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का मंदिर है। आज नेताजी को 23 किलो फूलों की माला अर्पित की जाएगी। इसके साथ ही 125 किलोग्राम लड्डू बांटकर 125 जातियों के लोगों का सम्मान किया गया ।
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस का मंदिर है। विश्व का इकलौता मंदिर जहां कपाट भारत माता की प्रार्थना से खुलते हैं और सुभाष आरती के बाद कपाट बंद होते हैं। 123वीं जयंती पर मंदिर का उद्घाटन हुआ था। मंदिर में लगाई गई 11 फीट ऊंची छतरी के नीचे नेताजी की छह फीट की प्रतिमा स्थापित की गई है। क्रांति से शांति की ओर चलकर शक्ति की पूजा के भाव के साथ मंदिर में रोजाना पूजन किया जा रहा है।
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मंदिर की स्थापना करने वाले विशाल भारत संस्थान के संस्थापक प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि मंदिर की स्थापना के पीछे लोगों के मन में देशप्रेम का भाव जागृत करना है। मंदिर की बनावट थोड़ी अलग है। सीढ़ियां लाल रंग की, चबूतरा सफेद पत्थर का और मूर्ति काले रंग की है।
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