क्या आप जानते हैं भारत में पहला बजट कब पेश किया गया था, जानिए बजट का इतिहास से कुछ अनसुनी बातें
नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस साल संसद में 1 फरवरी को आम बजट (Budget 2022) पेश किया . कोरोना महामारी को देखते हुए लोगों की उम्मीदें पहले से कई ज्यादा बढ़ गई थी की इस बार का बजट भी पिछले बजट की तरह पूरी तरह से डिजिटल होगा. अब यह पूरी तरह से ‘ग्रीन’ हो गया है और डिजिटल हो गया है. अब कुछ ही कॉपी छपती है, बाकी बजट मोबाइल ऐप पर पढ़ना होता है. अब वित्त मंत्री ब्रिफकेस में बजट लेकर नहीं बल्कि ‘बही-खाते’ वाले लाल झोले में टैबलेट लेकर चलती हैं. ऐसी ही कुछ और दिलचस्प बातें हैं जो हिंदुस्तान के बजट से जुड़ी हैं. हालांकि लोगों को बजट के बारें में जानना और सुनना थोड़ा बोरिंग लगता है लेकिन क्या आपको पता है कि देश के बजट के बारें में कुछ इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स भी हैं जिन्हे जानकार आप खुद हैरान रह जाएंगे. तो चलिए जानते हैं भारतीय इतिहास में बजट से जुड़ी कई ऐसी घटनाएं जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे.
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ब्रिटिश क्राउन के अंतर्गत ईस्ट इंडिया कंपनी के ज़रिए हिंदुस्तान में 7 अप्रैल, 1860 को पहला बजट जेम्स विल्सन ने पेश किया गया था.
देश की आजादी के बाद पहले वज़ीरे खज़ाना आर. शन्मुखम चेट्टी ने 26 नवंबर 1947 को शाम 5 बजे आज़ाद हिंदुस्तान का पहला बजट पेश किया था. हालांकि यह मुकम्मल बजट नहीं था. आज़ाद हिंदुस्तान का पहला बजट केवल 7 महीने (15 अगस्त, 1947 से 31 मार्च 1948 तक) के लिए ही पेश किया गया था. इसमें भारतीय अर्थव्यवस्था का जायज़ा किया गया और कोई नया टैक्स नहीं लाया गया था.
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देश के इतिहास में सबसे अधिक बार बजट पेश करने वाले वित्त मंत्री मोरारजी देसाई हैं. मोरारजी देसाई 1959 में भारत के वित्त मंत्री बने थे. उन्होंने 10 बार बजट पेश किया. मोरारजी देसाई ने 1964 और 1968 में दो बार अपने जन्मदिन 29 फरवरी को बजट पेश किया.
मोरारजी देसाई के बाद पी चिदंबरम ने सर्वाधिक 8 बार बजट पेश किया है. प्रणब मुखर्जी, यशवंत सिन्हा, वाईबी चौहान और सीडी देशमुख ने 7 बार बजट पेश किया. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, यशवंत सिन्हा और अरुण जेटली ही ऐसे नेता रहे हैं जिन्होंने लगातार 5 बार बजट पेश किया.
संसद में बजट पेश करने वाली महिलाओं में सिर्फ इन्दिरा गांधी और निर्मला सीतारमण शामिल हैं.
साल 2017 तक रेल बजट को पूर्ण बजट में शामिल नहीं किया जाता था. मोदी सरकार ने रेल बजट को पूर्ण बजट में शामिल कर दिया. उसके बाद से सिर्फ एक ही बजट पेश किया जाता है.
-देश का बजट हमेशा से ही वित्त मंत्री पेश करते आए हैं, लेकिन भारत के इतिहास में तीन ऐसे मौके आए हैं, जब प्रधानमंत्री ने आम बजट पेश किया है. और ये तिने प्रधान मंत्री थे जवाहर लाल नेहरु इंदिरा गाँधी और राजीव गाँधी जवाहर लाल नेहरु ने 1956 और 1958 में इंदिरा गाँधी ने 1970-71 में और राजीव गाँधी ने 1987-88 का आम बजट पेश किया था .
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