नई पहल अग्निपथ योजना से सेना के रेजिमेंटल सिस्टम में नहीं होगा कोई बदलाव, जाने मुख्य सवालों के जवाब
We News 24 Digital»रिपोर्टिंग सूत्र / दिल्ली ब्यूरो
नई दिल्ली : सेना की रेजिमेंटल प्रणाली में अग्निपथ स्कीम सेे कोई बदलाव नहीं होगा। पहले साल में भर्ती होने वाली अग्निवीरों की संख्या कुल सशस्त्र सैन्य बलों का तीन प्रतिशत होगी। देश के कई हिस्सों में इस नई स्कीम के खिलाफ युवाओं द्वारा किए जा रहे हिंसक प्रदर्शन के बीच सरकारी सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि स्कीम का लक्ष्य युवाओं के लिए सैन्य बलों में अवसर बढ़ाना है। इसके तहत सशस्त्र सेना में मौजूदा एनरोलमेंट से करीब तीन गुना सैनिकों की भर्ती होगी। हालांकि इसकी निश्चित समय अवधि अभी नहीं बताई जा सकती। उल्लेखनीय है कि सरकार ने थल सेना, वायुसेना और नौसेना में चार साल के अनुबंध पर सैनिकों की भर्ती के लिए यह योजना शुरू की है।
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इसे दशकों पुरानी सेना भर्ती प्रणाली में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इसके तहत साढ़े 17 से 21 साल के युवाओं को सेना के तीनों अंगों में शामिल किया जाएगा। चार साल की सेवा पूरी होने पर 25 प्रतिशत को नियमित सेवा में रखा जाएगा, वहीं 4 में से 3 अग्निवीर आगे सेवा जारी नहीं रख पाएंगे। उनके लिए सरकार शिक्षा, नौकरी व कारोबार के लिए कई अन्य विकल्प पेश कर रही है।
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रेजिमेंटों को मिलेंगे श्रेष्ठ अग्निवीर : सूत्रों ने बताया कि अग्निपथ योजना से कई रेजिमेंटों की संरचना को लेकर संशय जताए जा रहे थे। इनमें निश्चित क्षेत्र या राजपूत, जाट, सिख आदि जातियों से भर्तियां होती हैं। सूत्रों के मुताबिक अग्निपथ से रेजिमेंटल प्रणाली पर कोई असर नहीं होगा। बल्कि उन्हें श्रेष्ठ अग्निवीर मिलेंगे। इससे उनकी यूनिटों का सामंजस्य और बेहतर होगा।
सेना के अधिकारियों ने बताया कि पहले साल अग्निवीरों का सेना में अनुपात बहुत बेहिसाबी नहीं होगा। इस योजना के तहत नियुक्त जवानों का प्रदर्शन चार साल बाद परखकर उन्हें फिर सेना में शामिल किया जाएगा। ऐसे में सेना को सुपरवाइजर रैंक के लिए जांचे-परखे लोग मिलेंगे।
कई देशों में है छोटा सेवा कार्यकाल
अग्निवीरों के छोटे कार्यकाल से सेना पर असर पड़ने को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, लेकिन सूत्रों ने बताया कि कई देशों में ऐसी ही जांची परखी व्यवस्था है। चार साल पूरे करने पर अग्निवीरों के प्रदर्शन को फिर परखा जाएगा और 25% को सेवा में रखा जाएगा। नई स्कीम से लंबे समय में युवा और अनुभवी सैनिकों का अनुपात 50-50% हो जाएगा।
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दो साल सैन्य अधिकारियों से चर्चा कर लाए योजना
योजना सेवारत सैन्य अधिकारियाें से 2 साल तक विस्तृत चर्चा के बाद लाई गई है। इसका प्रस्ताव सैन्य अधिकारियों के विभाग ने तैयार किया, जो सैन्य अधिकारी हैं। सूत्रों ने कहा कि अग्निवीर सेना से निकल कर समाज के लिए खतरा बन सकते हैं, ऐसा सोचना भारतीय सैन्य बलों के मूल्यों और परंपराओं का अपमान है।


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