Header Ads

ad728
  • Latest Stories

    दूसरे देशों को कर्ज देते-देते कंगाली के कगार पर चीन खाली हुआ खजाना ? बैंकों के बाहर टैंक तैनात , नाराज है जनता

     



    We%2BNews%2B24%2BBanner%2B%2B728x90


    We News 24 Digital»रिपोर्टिंग सूत्र  / आरती गुप्ता


    बीजिंग: इन दिनों श्रीलंका में हाहाकार मचा हुआ है। देश का मुद्राभंडार खाली हो चुका है और जनता सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है। विशेषज्ञों की मानें तो ये सब चीन के चलते हुआ है। सरकार ने चीन से अरबों-डॉलर का कर्ज लिया और अब देश सबसे बड़े आर्थिक संकट से गुजर रहा है। लेकिन चीन में सब ठीक है, ऐसा नहीं है। दुनिया की इस सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति के सामने सबसे बड़ विदेशी कई संकट पैदा हो गया है। इसकी वजह है राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग का वो फेवरिट प्रोजेक्‍ट जिसकी वजह से कई छोटे देशों को जमकर कर्ज बांटा गया। बेल्‍ट एंड रोड इनीशिएटिव (BRI) ने चीन को अब एक बहुत बड़ी मुश्किल की तरफ धकेल दिया है।

    यह भी पढ़े-बड़ी खबर ,अरविंद केजरीवाल सरकार की एक्साइज पॉलिसी की होगी सीबीआई जांच


    जिनपिंग का फेवरिट प्रोजेक्‍ट
    बीआरआई को जिनपिंग ने अपनी सबसे बड़ी विदेश नीति के तौर पर लॉन्‍च किया था। सन् 1949 के बाद से ये चीन की सबसे बड़ी योजना थी। साथ ही ये दुनिया का सबसे बड़ा इनफ्रास्‍ट्रक्‍चरल प्रोग्राम था जिसे किसी देश की तरफ से शुरू किया गया था। इस योजना के तहत कई प्रोजेक्‍ट्स लॉन्‍च तो हो गए लेकिन उससे चीने को जो फायदा मिलना था, वो नहीं मिल सका। जबकि चीन ने अपने इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍ट्स के लिए कई देशों को कर्ज दिया। इसकी वजह से चीन पर जितना दबाव बना, उतना ही दबाव श्रीलंका जैसे उन देशों पर जो पहले से ही आर्थिक संकट में थे। फाइनेंशियल टाइम्‍स ने एक रिपोर्ट में चीन के इस बीआरई प्रोजेक्‍ट को हाई लेवल का इकोनॉमिक रिस्‍क यानी आर्थिक खतरा करार दिया था।

    यह भी पढ़े-क्या आप जानते हैं कि भारत के राष्ट्रपति के पास वह शक्ति है जो प्रधानमंत्री के पास नहीं है?

    सबसे बड़ा कर्ज संकट
    एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कई देशों में इस प्रोजेक्‍ट की वजह से एक के बाद एक कर्ज संकट पैदा होता गया। साल 2013 में इस प्रोग्राम को पहली बार प्रस्‍तावित किया गया था। थिंकटैंक अमेरिकन एंटरप्राइजेज इंस्‍टीट्यूट की तरफ से बताया साल 2021 के अंत तक इस प्रोजेक्‍ट्स की वजह से कई विकासशील देशों पर 838 बिलियन डॉलर की अदायगी हो गई थी। चीन को कब ये कर्ज वापस मिलेगा, उसे खुद नहीं मालूम। वहीं न्‍यूयॉर्क स्थित एक रिसर्च ग्रुप रोहडियम की मानें तो चीन के बैंकों ने साल 2020 और 2021 में 52 बिलियन डॉलर का कर्ल दिया था। पहले दो वर्षों की तुलना में ये 16 फीसदी ज्‍यादा था।

    बैंकों में सेविंग फ्रीज
    दूसरी तरफ अगर देश के अंदर की बात करें तो यहां पर कई घरों के मालिकों ने मॉर्टगेज अदा करने से इनकार कर दिया है। इसकी वजह से बैंकों के सामने नया संकट पैदा हो गया है। बुधवार को हेनान प्रांत में एक बैंक के सामने टैंक्‍स की लंबी लाइन थी और वजह थी बैंक ऑफ चाइना का एक फैसला। बैंक ऑफ चाइना की हेनान ब्रांच की तरफ जमाकर्ताओं को यह कहा गया है कि उन्‍होंने भी रकम यहां जमा की है, अब वो एक निवेश है और इसे निकाला नहीं जा सकता है। बड़े पैमाने पर इस बैंक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और बैंक के बाहर भारी संख्‍या में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हैं।


    यह भी पढ़े-पीएम मोदी ने देशवासियों से की 13 से 15 अगस्त तक 'हर घर तिरंगा' अभियान को मजबूत करने की अपील

    बैंक ने जितने भी फंड्स हैं वो सब फ्रीज कर दिए हैं और जमाकर्ता अब इन्‍हें रिलीज करने की मांग कर रहे हैं। सेविंग्‍स को फ्रीज करने की वजह सिर्फ मॉर्टगेज अदा न करने का फैसला है। चीन का प्रॉपर्टी मार्केट इस समय 300 बिलियन डॉलर का कर्ज है। पिछले वर्ष जब एवरग्रांडे धड़ाम हुआ तो देश के रियल एस्‍टेट सेक्‍टर की सबसे बड़ी समस्‍या सामने आ गई।


    कंपनियां बंद और बेरोजगारी बढ़ी
    इन सबसे अलग शिंग्‍हुआ यून‍िवर्सिटी के प्रोफेसर झेंग युहुआंग का एक वीडियो इस समय वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वो कह रहे हैं कि साल 2022 चीन के लिए सबसे मुश्किल समय होने वाला है। देश की 460000 कंपनियां साल के पहले हाफ में ही बंद हो चुकी है। साथ ही 3.1 मिलियन इंडस्‍ट्रीयल और कमर्शियल उद्योगों को बट्टे में डाल दिया गया। एंटरप्राइज लिक्विडेशन सालाना 23 प्रतिशत बढ़ गया, 10.76 मिलियन कॉलेज ग्रेजुएशन में एडमिशन ले चुके हैं और देश के 80 लाख युवा बेरोजगार हैं।


    इस आर्टिकल को शेयर करे .


    Header%2BAidWhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 9599389900 को अपने मोबाईल में सेव  करके इस नंबर पर मिस्ड कॉल करें। फेसबुक-टिवटर पर हमसे जुड़ने के लिए https://www.facebook.com/wenews24hindi और https://twitter.com/Waors2 पर  क्लिक करें और पेज को लाइक करें .

    कोई टिप्पणी नहीं

    कोमेंट करनेके लिए धन्यवाद

    Post Top Ad

    ad728

    Post Bottom Ad

    ad728