सीतामढ़ी भादो अमावस्या के अवसर पर राणीसती दादी मंदिर में आयोजित दो दिवसीय पूजनोत्सव
We News 24 Digital»रिपोर्टिंग सूत्र / राजेश कुमार
सीतामढ़ी: भादो अमावस्या के अवसर पर शहर में कोट बाज़ार स्थित श्री राणीसती दादी मंदिर में आयोजित दो दिवसीय पूजनोत्सव कार्यक्रम श्रद्धा और विश्वास के साथ शनिवार को संपन्न हुआ। प्रथम दिन दादी का श्रृंगार कर भक्तों के लिए देर रात तक दर्शन हेतु पट खुले रखे गए और मंदिर प्रांगण में ज्योत प्रज्ज्वलित कर भजन - कीर्तन के साथ भक्ति का संचार होता रहा। पूजनोत्सव का शुभारम्भ शुक्रवार कि रात श्री राणी सती दादी के ज्योत तथा जयपुर के कुमार शरद व अंजु शर्मा द्वारा सुमधुर आवाज के साथ भजन – कीर्तन से हुआ जो देर रात तक चलता रहा। " सपने में माँ ने आकर कहा मुझको गले लगाकर मैं हूँ ना. क्यूँ चिन्ता करता है, मेरे होते क्यूँ डरता है। " , " कह कर तो देख माँ से, दुःख दर्द अपने दिल के, ये गले से लगा लेगी तस्वीर से निकल के, कह कर तो देख माँ से " , "अब के भादो दादी जी म्हारे घर पधारों अब के भादो में, दिन भर म्हारी अँखियाँ तरसे, दादी जी म्हारे घर पधारों अब के भादो में " , " झुंझनू की राणीसती, यह माँ का सच्चा दरबार है, दादी का परिवार है
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ये दादी का परिवार है " आदि सुन्दर मीठे भजनों से राणी सती दादी मंदिर जयकारे से आनन्दित होता रहा और श्रोता झूमते दिखाई दिए। श्री राणीसती दादी मन्दिर के मीडिया प्रभारी राजेश कुमार सुन्दरका ने बताया की पूजा पंडित मदन लाल शर्मा, अमित शर्मा व श्याम पाण्डे ने संयुक्त रूप से यजमान आशीष चमड़िया द्वारा सपत्नीक कराई। दूसरे दिन शनिवार की सुबह पुनः मंदिर व गर्भ गृह को फूल-मालाओं से सजा कर सुबह सात बजे श्री राणीसती दादी की मंगला महाआरती की गयी और फिर दादी भक्तो ने सपरिवार, बन्धु – बांधवों सहित सुख, शांति, समृद्धि की देवी की पूजा-अर्चना, पाटा पूजन व जात दे कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान रंगीन बल्बों व सुगन्धित फूलों से सुसज्जित मंदिर के गर्भ गृह में दादी का श्रृंगार फूल मालाओ से किया गया जो देखते ही बनता था और पूरे मंदिर परिसर व नगर का भक्तिमय माहोल बना रहा। महोत्सव को सफल बनाने में कृष्ण मस्करा, संजय मस्करा, रमेश जालान, अमित देवड़ा, पुनीत सराफ, विकास मस्करा, राजेश कुमार सुन्दरका, विजय पोद्दार, गौरव बंसल, पंकज खेतान, अनिल जालान, दीपक बंसल, दीपक मस्करा, प्रवीण जालान, अरविन्द जालान, निर्मल तुलस्यान समेत कई दादी भक्तों का योगदान रहा।


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