बिहार सरकार के कृषि मंत्री के पिता जगदानंद सिंह ने भी दिया था इस्तीफा
We News 24 Digital»रिपोर्टिंग सूत्र / अमिताभ मिश्रा
पटना: बिहार सरकार में कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने रविवार को अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सौंप दिया. मुख्यमंत्री ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए राज्यपाल फागू चौहान को अपनी अनुशंसा भेज दी. माना जा रहा है कि राज्यपाल ने अपनी मंजूरी दे दी है. सुधाकर सिंह मंत्री बनने के बाद लगातार अपने बयानों को लेकर विवादों में घिरे रहे. सुधाकर सिंह के पिता राजद के बिहार प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने भी करीब 30 साल पहले लालू यादव कैबिनेट से इस्तीफा दिया था.
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सुधाकर सिंह के पिता जगदानंद सिंह ने भी दिया था इस्तीफा
सुधाकर सिंह आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के पुत्र हैं. मंत्री बनने के बाद वो लगातार अपने बयानों को लेकर विवादों में घिरे रहे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से ही सीधे उनकी नोक-झोंक रही. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, करीब 30 साल पहले सुधाकर सिंह के पिता जगदानंद सिंह ने भी कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दिया था. उस समय जगदानंद सिंह लालू यादव की सरकार में जल संसाधन मंत्री थे.
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जगदानंद सिंह ने सदन में किया था वादा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 1992 में बाढ़ के दौरान विधानसभा में विपक्ष ने सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी. सरकार पर तरह-तरह के आरोप लगे. इसी दौरान जगदानंद सिंह ने विधानसभा में एक चौंकाने वाली घोषणा की. उन्होंने कहा कि यदि बिहार में कोई तटबंध टूटा तो वो इस्तीफा दे देंगे. संयोग ऐसा कि अगले ही दिन एक तटबंध टूटने की खबर ने सियासी भूचाल ला दिया. सदन में हंगामा हुआ तो सरकार ने कमिटी बनाकर इसकी जांच के आदेश दे दिये.
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लालू यादव ने इस्तीफे को नहीं किया स्वीकार
बताया जाता है कि तत्कालीन विधायक राजो सिंह के नेतृत्व में जांच कमिटी का गठन हुआ. हंगामा बढ़ा तो जल संसाधन मंत्री जगदानंद सिंह ने अपना इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने अपना इस्तीफा तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू यादव को भेज दिया. लेकिन जगदानंद सिंह के इस्तीफे को स्वीकार करने में लालू यादव ने जल्दबाजी नहीं की. कमिटी ने जांच के बाद रिपोर्ट में बताया कि तटबंध टूटा नहीं है बल्कि उसके एक हिस्से में थोड़ा बहुत कटाव हुआ है.
इस्तीफे को ठंडे बस्ते में ही डाले रखा
उधर लालू यादव ने लंबे समय तक जगदानंद सिंह के इस्तीफे को ठंडे बस्ते में ही डाले रखा. कहा जाता है कि जब मीडिया ने उनसे इस्तीफे को लेकर सवाल किया था तो लालू यादव ने अपने अंदाज में जवाब देते हुए कहा था कि जगदानंद सिंह का इस्तीफा उनके तकिये के नीचे पड़ा है. जगदानंद सिंह ने पद को छोड़ने के बजाय फिर से मंत्रालय का काम संभाला था.
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