क्या आप भी हो गये साइबर क्राइम के शिकार तो कहां करें शिकायत , आइए जानते हैं
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर क्राइम को रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है जहां पर आप अपना पूरा मामला बता सकते हैं और उस पर कार्रवाई भी की जाएगी
We News 24 Digital News» रिपोर्टिंग सूत्र / दीपक कुमार
नई दिल्ली :- आज के परिवेश में लोगो की जन्दगी का सबसे अहम् हिस्सा बन गया शोशल मिडिया और ओन्लाइन शोपिंग और कही न कही हम साइबर क्राइम के शिकार हो जाते है हमरे साथ ठगी हो जाती है .तब ये समझ नहीं आता है की हम क्या करे कंहा जाय किसे शिकायत करे तो अब घबराने की जरूरत नहीं है आज हम आपको इससे सम्बन्धित जानकारी देने जा रहे है की अगर आपके साथ भी ऐसा कुच्छ हो जाय तो आपको क्या-क्या करना है .हम आपको बताएंगे कि आप कौन से पुलिस स्टेशन में इसकी कंप्लेंट करानी है.
यह भी पढ़े-
साइबर क्राइम के लिए क्या अलग होती है पुलिस?
साइबर क्राइम की जांच के लिए एक अलग टीम होती है जो साइबर क्राइम से रिलेटेड मामलों की हर मुमकिन तहकीकात करती है. अगर हम बात करें कि कंप्लेंट किस थाने में दर्ज कराएं तो परेशान होने की जरूरत नहीं, आप अपने एरिया के या कहीं भी रह कर साइबर क्राइम की एफआईआर किसी भी पुलिस स्टेशन में दर्ज करवा सकते हैं.
यह भी पढ़े-
ध्यान दें कि अगर आप शिकायत दर्ज करवाते हैं तो पुलिस वालों से क्राइम नंबर लेना न भूलें. ये क्राइम नंबर आपके केस को आगे ले जाने में मदद करेगा. इसके अलावा इंवेस्टिगेटिंग ऑफिसर से टाइम-टू-टाइम केस से रिलेटेड जानकारी पर नजर बनाएं रख सकते हैं.
यह भी पढ़े-
साइबर फ्रॉड की कंप्लेंट कैसे करें?
अगर आप ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार बन जाएं को आपको सबसे पहले साइबर क्राइम के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए. इसके बाद इस नंबर पर कॉल कर के अपनी डिटेल्स और घटना की टाइमिंग की पूरी जानकारी दें.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर क्राइम को रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है जहां पर आप अपना पूरा मामला बता सकते हैं और उस पर कार्रवाई भी की जाएगी. इस नंबर पर कॉल करके आप अपनी कंप्लेंट कर सकते हैं. धोखाधड़ी की शिकायत आप नेशनल हेल्पलाइन नंबर 155260 पर दर्ज करवा सकते हैं.
साइबर क्राइम का शिकार होने के बाद ध्यान में रखें ये बातें
शिकायत दर्ज करवाने के बाद क्राइम नंबर जरूर ले लें. इस क्राइम नंबर से ही आपके केस पर आगे कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा इंवेस्टिगेटिंग ऑफिसर से टाइम-टू-टाइम केस की अपडेट लेते रहें. कोशिश करें कि आप साइबर ब्रांच के ऑफिसर को शॉर्ट में पूरा मामला समझा दें. अगर आप ई-कॉमर्स पर फ्रॉड का शिकार हो गए हैं तो ऐसे में ठगी के शिकार हुए यूजर के बैंक, ई-कॉमर्स के डैशबोर्ड पर भेज दिया जाता है.
ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में एक बात ध्यान रखें कि आप जितना जल्दी कंप्लेंट करेंगे उतना सही रहता है क्योंकि ऐसे मामलों में शुरू के 3 से 4 घंटे बेहद जरूरी होते हैं अगर टाइम पर मामले की जानकारी साइबर ब्रांच के पास जाती है तो वो जल्दी कार्रवाई कर सकता है. जिसके बाद आपके पैसे रिकवर होने के चांस बढ़ जाते हैं.
वी न्यूज 24 फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट

कोई टिप्पणी नहीं
कोमेंट करनेके लिए धन्यवाद