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    क्या जापानी संगठन 'निचिरेन शोशु' भारत के लिए उतना ही ख़तरनाक है जितना PFI? — विदेशी धर्मांतरण नेटवर्क का पर्दाफाश

     

    क्या जापानी संगठन 'निचिरेन शोशु' भारत के लिए उतना ही ख़तरनाक है जितना PFI? — विदेशी धर्मांतरण नेटवर्क का पर्दाफाश


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    We News 24 Digital»रिपोर्टिंग सूत्र  दीपक कुमार के साथ रोहित ठाकुर 


    नई दिल्ली: भारत एक बहुधार्मिक, बहुसांस्कृतिक और भाषाई विविधताओं से समृद्ध राष्ट्र है, जो सदियों से विश्व को सहिष्णुता, आध्यात्मिकता और धर्मनिरपेक्षता का संदेश देता आया है। लेकिन यही भारत, बार-बार बाहरी ताकतों के निशाने पर भी रहा है — चाहे वो मुग़ल आक्रमण हों या ब्रिटिश औपनिवेशिक शोषण।




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    गोजुकाई कार्यक्रम में इनके धर्मगुरु शिदो ओगावा ,रेतो ओगावा ,कोह्जी ओह्कुरा 

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    गोजुकाई कार्यक्रम जलेश्वर नेपाल 24 जून 2015


    आज हम ऐसे ही एक विदेशी संगठन की गतिविधियों की पड़ताल कर रहे हैं, जो "धार्मिक और सांस्कृतिक शिक्षा" की आड़ में भारत और नेपाल में कथित तौर पर गुप्त धर्मांतरण अभियान चला रहा है। यह संगठन है — निचिरेन शोशु, एक जापानी बौद्ध संप्रदाय, जिसके प्रतिनिधि कोह्जी ओह्कुरा और उनके सहयोगी वर्षों से भारत में सक्रिय हैं।


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    28 जुलाई 2013 होटल मेट्रोपोलिटन कनाट पैलैस के बंद होल में गोजुकाई समारोह का आयोजन (जापानी धार्मिक गुरु रेयोतो ओगावा )


    यह भी पढ़े-माउंट लिट्रा जी स्कूल, के प्रांगण में रास डांडिया का भव्य आयोजन किया गया।


    ◼️ मिशन: धर्मांतरण या अध्यात्म?

    2013 से, कोह्जी ओह्कुरा और उनके नेटवर्क ने भारत में व्यापारिक वीज़ा और टूरिस्ट वीज़ा के माध्यम से प्रवेश कर, विभिन्न होटलों, स्कूलों और किराए के हॉलों में "गोजुकाई" नामक कार्यक्रम आयोजित किए — जो दरअसल, धार्मिक दीक्षा समारोह होते हैं।


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    सीतामढ़ी बिहार होटल आशीर्वाद में संजू गुप्ता कोह्जी ओह्कुरा धार्मिक कार्यकर्म करते हुए 


    28 जुलाई 2013, होटल मेट्रोपोलिटन, कनॉट प्लेस — जापानी गुरु रेयोतो ओगावा के नेतृत्व में गुप्त धर्म समारोह
    24 जून 2015, जलेश्वर (नेपाल) — बंद कमरे में गोजुकाई आयोजन
    6 दिसम्बर 2014, काठमांडू — करोड़ों की लागत से निर्माणाधीन जापानी मंदिर



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    ◼️ नारी, बीमारी और अंध-भक्ति की कथा:

    सीतामढ़ी (बिहार) के पूर्व पार्षद संजू गुप्ता द्वारा दिए गए अनुभव में दावा किया गया कि "गोहोनज़ोन" (निचिरेन शोशु का पूजा प्रतीक) के सामने जाप किया गया मंत्र उनकी कोमा में गई माँ को जगा लाया। ऐसे कई भावनात्मक और अंधश्रद्धा-युक्त भाषणों के माध्यम से ये संगठन हिंदू, बौद्ध या सामान्य जनमानस को अपने संप्रदाय की ओर आकर्षित करने का कार्य कर रहे हैं।

    झूठे अनुभवों और अंधविश्वास के बल पर धर्मांतरण का कथित नेटवर्क

    सिर्फ संजू गुप्ता ही नहीं, बल्कि Nichiren Shoshu से जुड़ा एक संगठित नेटवर्क बताया जाता है, जो भारी भरकम आर्थिक संसाधनों के दम पर जनसभाओं में कथित चमत्कारी अनुभव साझा कर लोगों को अपने धर्म में सम्मिलित करने का प्रयास करता है। इस नेटवर्क में कई जापानी नागरिकों के नाम सामने आए हैं, जिनमें प्रमुख हैं —

    1. Ms. Kanamori (मिस कनामोरी)

    2. Mr./Ms. Hozumi (श्री/सुश्री होजुमी)

    3. Mr./Ms. Morimoto (श्री/सुश्री मोरिमोटो)

    4. Mr./Ms. Yasuhiro Hara (यासुहिरो हारा)

    बताया जाता है कि यह लोग सभाओं में 'अद्भुत उपचार' और 'आध्यात्मिक चमत्कार' जैसे अनुभवों की कथित कहानियाँ सुनाकर श्रोताओं को भावनात्मक रूप से प्रभावित करते हैं।


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    दिल्ली मेहरौली में धार्मिक प्रार्थना करते हुए कोह्जी ओह्कुरा 



    इनमें से कई अनुभव Nichiren Shoshu Rikyobo Myokanko की आधिकारिक वेबसाइट — myokan-ko.net — पर भी पढ़े जा सकते हैं, जिनमें इस संगठन के अनुयायी स्वयं स्वीकारते हैं कि वे अन्य धर्मों को "Heretic" (विधर्मी) मानते हैं। इस प्रकार की विचारधारा धार्मिक सहिष्णुता की भावना के विपरीत प्रतीत होती है और भारत तथा नेपाल जैसे बहुधार्मिक देशों की सामाजिक एकता के लिए चिंता का विषय बन सकती है।


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    बिहार के सीतामढ़ी में धार्मिक प्रार्थना करते हुए कोह्जी ओह्कुरा 


    ◼️ जापानी भाषा की आड़ में धर्म की दुकान:

    Japanese Education India Pvt. Ltd. (कोलकाता), और Fuji OK Japanese Language Center Pvt. Ltd. (काठमांडू) जैसे तथाकथित भाषा संस्थानों की आड़ में यह नेटवर्क भारत और नेपाल के युवाओं को जापान जाने का सपना दिखाकर, अपने धार्मिक नेटवर्क में खींच रहा है।




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    हीरो इनोकी ,कोह्जी ओह्कुरा धर्म गुरु रेयोतो ओगावा गोजुकाई समारोह में  25 फरवरी 2015 मुजफ्फपुर बिहार 


    यह गतिविधियाँ न सिर्फ धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन हैं, बल्कि वीज़ा कानूनों और विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (FCRA) की भी संभावित अवहेलना हैं।


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    28 जुलाई 2013 होटल मेट्रोपोलिटन कनाट पैलैस में कोह्जी ओह्कुरा के साथ ट्रांसलेटर पोल


    ◼️ संगठन के प्रमुख चेहरे:

    • कोह्जी ओह्कुरा (Kohji Ohkura) – भारत-नेपाल में नेटवर्क के मुख्य संचालक

    • एत्सुको ओह्कुरा (Etsuko Ohkura) – उनकी पत्नी व सह-संस्थापक

    • शिदो ओगावा, शोगो ओगावा, रेयोतो ओगावा – जापान स्थित मुख्य पुजारी, नियमित भारत-नेपाल यात्रा करते हैं


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    6 दिसम्बर 2014 काठमांडू


    ◼️ भारत सरकार को चाहिए सख्त जाँच:

    PFI पर जैसी कार्यवाही की गई, उसी प्रकार इस जापानी नेटवर्क पर भी MEA, FRRO, IB और NIA जैसी एजेंसियों को तुरंत जाँच करनी चाहिए। यदि ये धर्मांतरण गतिविधियाँ वीज़ा नियमों के विरुद्ध पाई जाती हैं, तो इन पर सख्त कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए।


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    कोह्जी ओह्कुरा मल्टिपल वीजा 

    📢 निष्कर्ष:

    भारत और नेपाल जैसे लोकतांत्रिक देशों में धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए यह सुनिश्चित किया जाना ज़रूरी है कि कोई विदेशी संगठन टूरिस्ट या बिज़नेस वीज़ा की आड़ लेकर किसी भी धर्म विशेष के खिलाफ योजनाबद्ध अभियान न चला सके।


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    धर्म गुरु ,शिदो ओगावा , शोगो ओगावा ,कोह्जी ओह्कुरा ,

    हमारा उद्देश्य किसी धर्म या राष्ट्र विशेष के प्रति द्वेष नहीं, बल्कि सत्य और कानून की रक्षा है।

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    आप हमेंसे इस माध्यम से भी जुड़ सकते है 

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