कोलकाता समेत कई जिलों में 17 सेकंड तक डोली धरती –बांग्लादेश में 5.7 तीव्रता का भूकंप पाकिस्तान में भी 5.2 का झटका
We News 24 :डिजिटल डेस्क » प्रियंका जयसवाल
नई दिल्ली, 21 नवंबर 2025 :- सुबह करीब 10:10 बजे कोलकाता की सड़कें अचानक खाली हो गईं। एक बुजुर्ग महिला, जो बाजार से लौट रही थीं, सीढ़ियों से फिसल पड़ीं। पास के ऑफिस में काम कर रहे युवा चीखते हुए बाहर भागे। “धरती हिल रही थी, लगा घर गिर जाएगा,” एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, बांग्लादेश के नरसिंदी जिले में 5.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र मात्र 10 किमी गहराई पर था। झटके 17 सेकंड तक चले, और ये कोलकाता से लेकर त्रिपुरा के अगरतला तक महसूस हुए।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पुष्टि की कि भूकंप का एपिसेंटर नरसिंदी से 13 किमी दक्षिण-पश्चिम में था। दक्षिण बंगाल के कई जिलों – कोलकाता, हावड़ा, दक्षिण 24 परगना – में लोग घरों से बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जहाँ लोग खुली जगहों पर खड़े होकर एक-दूसरे को ढाढ़स बंधा रहे हैं। एक X यूजर ने लिखा, “यह मेरी जिंदगी का सबसे तीव्र भूकंप था। 30 सेकंड तक हिला!” लेकिन राहत की बात – अभी तक कोई जानमाल की हानि की खबर नहीं।
झटकों की चपेट में पूर्वोत्तर भी
भूकंप के झटके न सिर्फ बंगाल, बल्कि पूर्वोत्तर के कई हिस्सों – गुवाहाटी, शिलॉन्ग – तक पहुँचे। यात्रियों के लिए भी अलर्ट जारी हो गया है। ट्रैवल एंड टूर वर्ल्ड के अनुसार, हिमालयन बेल्ट में भारतीय और यूरेशियन प्लेट्स की टक्कर से ऐसे झटके आम हैं, लेकिन 10 किमी की उथली गहराई ने इसे और तीव्र बना दिया। स्थानीय प्रशासन ने स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए, और आपदा प्रबंधन टीम अलर्ट पर हैं।
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पाकिस्तान में भी सुबह-सुबह दहशत
उधर, पाकिस्तान के उत्तरी इलाके में भी भूकंप ने सुबह तड़के नींद उड़ा दी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, 21 नवंबर को सुबह 3:09 बजे 5.2 तीव्रता का झटका आया। एपिसेंटर 36.12°N, 71.51°E पर था, जो अफगानिस्तान बॉर्डर के पास है। गहराई 135 किमी होने से सतह पर ज्यादा असर नहीं पड़ा, लेकिन हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला के करीब होने से झटके महसूस हुए। NCS ने ट्वीट किया, “कोई बड़ा नुकसान नहीं, लेकिन सतर्क रहें।” यह इलाका टेक्टॉनिक प्लेट्स की टक्कर का हॉटस्पॉट है, जहाँ ऐसे झटके बार-बार आते हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ: 'सतर्कता ही सुरक्षा'
विशेषज्ञ चेताते हैं – बंगाल और पूर्वोत्तर 'जोन 5' में हैं, जहाँ भूकंप का खतरा सबसे ज्यादा। GFZ और IMD की रिपोर्ट्स से साफ है कि उथले भूकंप ज्यादा खतरनाक होते हैं। लेकिन अभी राहत – कोई हानि नहीं। जनता की प्रतिक्रिया देखें तो डर के साथ जागरूकता भी बढ़ी है। एक कोलकाता निवासी बोले, “पहले सोचते थे भूकंप दूर की बात, अब हर कोई तैयार।”
अधिक अपडेट्स का इंतजार। क्या ये झटके किसी बड़े का संकेत हैं? विशेषज्ञों की नजर बंगाल की धरती पर।
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