भागीदारी की मांग को लेकर महनार में जुटे कानू हलवाई समाज के दिग्गज, बाबा गणिनाथ धाम के नाम पर रेलवे स्टेशन की मांग जोरदार
We News 24 : डिजिटल डेस्क »✍️रिपोर्ट: पवन साह
महनार। अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य सभा के बैनर तले कानू हलवाई समाज ने राजनीतिक भागीदारी के अपने दावे को लेकर ज़ोरदार तेवर दिखाए हैं। समाज के प्रमुख नेताओं ने स्पष्ट कहा कि "भीख नहीं, भागीदारी" उनका मूल मंत्र है और बिहार सरकार में मंत्री पद न मिलना उनके लिए "दुर्भाग्यपूर्ण" है।
बाबा गणिनाथ जी के जन्मस्थली पलवैया धाम में 20 और 21 दिसंबर को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में यह बात उभरकर सामने आई। कार्यक्रम की शुरुआत में अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनोज कुमार मद्धेशिया का बजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया गया। वहीं, आरा के सांसद कामरेड सुदामा प्रसाद को भी "शेरे-ए-हिंदुस्तान" के नारों के बीच सम्मानित किया गया।
प्रथम दिन: मांगों का दस्तावेज और वादे की याद
पहले दिन के बैठक में समाज के हित में कई प्रस्ताव पारित किए गए। नेताओं ने बिहार सरकार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और मंत्री दिलीप जायसवाल द्वारा महनार के बाबा गणिनाथ धाम और बिदुपुर स्थित धाम को 'गणिनाथ सर्किट' से जोड़ने के वादे को तुरंत पूरा करने की मांग रखी। स्थानीय लोगों का कहना है कि "ये वादा अब तक फाइलों में दबा पड़ा है, अब इसे जमीन पर उतारने का वक्त आ गया है।"
दूसरा दिन: जीत का जश्न और सत्ता में हिस्सेदारी का दावा
दूसरे दिन का फोकस बिहार विधानसभा में कानू हलवाई समाज के 6 में से 6 विधायकों की 100% जीत पर केंद्रित रहा। इस सफलता पर अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। नेताओं ने जोर देकर कहा कि राज्य की 204 सीटों पर उनके समाज के वोटों का असर है। उनका दावा था कि "तीन प्रतिशत आबादी वाले हमारे समाज को 40-50 सीटों पर उम्मीदवारी का कोटा मिलना चाहिए था, लेकिन हमने जो 6 सीटें लड़ीं, उन सभी पर अपनी ताकत से जीत हासिल की।" उन्होंने एनडीए के सभी घटक दलों से मांग की कि "अब समाज के प्रतिनिधियों को मंत्री परिषद में जगह देना ही होगा, इससे कम पर हम मानने वाले नहीं हैं।"
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बाबा गणिनाथ धाम के नाम पर स्टेशन की मांग
कार्यक्रम में एक प्रमुख स्थानीय मांग को भी ऊंचाई मिली। बाबा गणिनाथ सेवाश्रम पलवैया के अध्यक्ष एवं विधायक राधा चरण साह ने कहा, "बाबा गणिनाथ महनार ही नहीं, दुनिया के लिए एक संत हैं। उनके नाम पर महनार रोड रेलवे स्टेशन का नाम बाबा गणिनाथ धाम किया जाए।" उन्होंने कहा कि यह मांग वर्षों पुरानी है और अब इसे विधानसभा में भी उठाया जाएगा। उन्होंने समाज के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, "जीना है तो मरना सीखो, कदम-कदम पर लड़ना सीखो। शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पिएगा वही दहाड़ेगा।"
कार्यक्रम का संचालन और उपस्थिति
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज कुमार मद्धेशिया ने की। मंच संचालन बिहार प्रदेश महामंत्री रूपेश कुमार गुप्ता और सह-संचालन रामानंद गुप्ता ने किया। इस मौके पर राष्ट्रीय महामंत्री बसंत गुप्ता, संरक्षक अनिल कुमार गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष प्रो. सुरेश प्रसाद साह, कार्यकारी अध्यक्ष पारसनाथ गुप्ता सहित सभी नवनिर्वाचित विधायक मौजूद रहे।
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बैठक में बिहार से लेकर देश के अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों के अलावा नेपाल, सिक्किम और भूटान से आए प्रतिनिधियों को भी अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के स्वागत की जिम्मेदारी देसरी प्रखंड के अशोक गुप्ता, रघुनाथ साह, महेश गुप्ता, सहदेव बुजुर्ग प्रखंड के राज कपूर साह, गंजबाजार के अमरेश कुमार गुप्ता सहित दर्जनों स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की टीम ने निभाई, जिन्होंने बाजे-गाजे और फूलमालाओं के साथ अतिथियों का स्वागत किया।
इस ऐतिहासिक बैठक को सफल बनाने में जिला अध्यक्ष जवाहर साह, अवधेश कुमार साह, अजीत कुमार गुप्ता, डॉ. अमरनाथ गुप्ता, मुखिया सरोज कुमार साह, डॉ. पंकज कुमार गुप्ता, शंकर साह, उमेश साह, राजकुमार साह सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने रात-दिन एक कर दिया।
समापन टिप्पणी: इस राष्ट्रीय बैठक ने कानू हलवाई समाज के संगठित रूप और सत्ता में उचित हिस्सेदारी की मजबूत मांग को एक नई ऊर्जा दी है। साथ ही, बाबा गणिनाथ धाम से जुड़ी स्थानीय मांगें भी राजनीतिक एजेंडे पर चढ़ गई हैं। अब देखना है कि सरकार इन मुद्दों पर क्या रुख अपनाती है।
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