हरियाणा में निजी विश्वविद्यालयों पर सख्ती: विधानसभा से संशोधन विधेयक पारित
We News 24 : डिजिटल डेस्क »✍️ रिपोर्ट: संदीप दहिया
चंडीगढ़/पंचकूला। हरियाणा में निजी विश्वविद्यालयों के संचालन को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को हरियाणा विधानसभा ने हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक को पारित कर दिया, जिससे राज्य सरकार को असाधारण परिस्थितियों में विश्वविद्यालय प्रबंधन पर सीधा नियंत्रण करने का अधिकार मिल गया है।
विधानसभा में पारित इस विधेयक के तहत, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों या अन्य विशेष हालात में सरकार विश्वविद्यालय के प्रबंधन निकाय को भंग कर सकती है और वहां प्रशासक की नियुक्ति कर पूरे सिस्टम की कमान अपने हाथ में ले सकती है।
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“अब मनमानी नहीं चलेगी”
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह संशोधन उन शिकायतों के बाद लाया गया है, जिनमें कुछ निजी विश्वविद्यालयों पर नियमों की अनदेखी, वित्तीय अनियमितता और संदिग्ध गतिविधियों के आरोप लगे थे।
चंडीगढ़ सचिवालय के एक अधिकारी ने वी न्यूज 24 से कहा,
“सरकार के पास अब ये ताकत होगी कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो सीधे दखल दे सके। खासकर सुरक्षा से जुड़े मामलों में ढील नहीं दी जाएगी।”
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‘कुछ खास हालात’ में ही होगी कार्रवाई
विधेयक में साफ किया गया है कि सरकार ये विशेष शक्तियां सामान्य परिस्थितियों में नहीं, बल्कि ‘कुछ विशेष परिस्थितियों’ में ही इस्तेमाल करेगी। इसमें कानून-व्यवस्था, देश की सुरक्षा, या विश्वविद्यालय प्रशासन की गंभीर विफलता जैसे मामले शामिल हो सकते हैं।
रोहतक और सोनीपत जैसे शिक्षा हब माने जाने वाले इलाकों में इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। एक निजी कॉलेज से जुड़े शिक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया,
“अगर नियम सबके लिए बराबर होंगे तो अच्छी बात है, लेकिन सरकार को ये भी देखना होगा कि पढ़ाई का माहौल खराब न हो।”
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विपक्ष ने जताई चिंता
वहीं विपक्षी दलों ने विधेयक पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि ‘विशेष परिस्थितियों’ की परिभाषा क्या होगी, ताकि भविष्य में इसका दुरुपयोग न हो।
हालांकि सरकार का दावा है कि यह संशोधन छात्रों के हित और राज्य की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लाया गया है।
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