संचार साथी ऐप पर बवाल: ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले – डिलीट करना चाहें तो कर दें, कोई बाध्यता नहीं
We News 24 :डिजिटल डेस्क » काजल कुमारी
नई दिल्ली : केंद्रीय कम्युनिकेशन मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि संचार साथी ऐप को डिलीट किया जा सकता है। यह किसी भी दूसरे ऐप की तरह ही है। इसके लिए रजिस्टर करने की ज़रूरत नहीं है। विपक्ष इसे बेवजह मुद्दा बना रहा है। हालांकि ऐप कंपनियों ने ज़रूरी बनाया है, लेकिन यह पूरी तरह से यूज़र पर है कि वह इसका इस्तेमाल करे या नहीं। यह ऐप सिर्फ़ नागरिकों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा:
संसद के बाहर मीडिया वालों के सवालों और विपक्षी पार्टियों के आक्रामक रुख पर सिंधिया ने कहा, "मैं किसी भी गलतफहमी को दूर करने की कोशिश कर रहा हूं। यह कंज्यूमर की सुरक्षा के बारे में है। अगर आप ऐप डिलीट करना चाहते हैं, तो कर सकते हैं। जैसे, अगर आप इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहते, तो न करें; यह डॉर्मेंट रहेगा। अगर आप इसे डिलीट करना चाहते हैं, तो डिलीट कर दें। लेकिन होता यह है कि देश में हर किसी को इसके बारे में पता नहीं है। यह ऐप चोरी और फ्रॉड को रोकने के लिए बनाया गया था। इसलिए, यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम इसे सभी के लिए आसान बनाएं।" यह तभी एक्टिवेट होगा जब आप रजिस्टर करेंगे।
निगरानी बढ़ाने की कोशिशों को खारिज करते हुए सिंधिया ने कहा कि ऐसे आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने आगे कहा, "यूज़र्स इस ऐप को बिल्कुल डिलीट कर सकते हैं। किसी भी दूसरे ऐप की तरह, वे डिलीट ऑप्शन दबाकर इसे डिलीट कर सकते हैं। अब यह सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह सभी गलतफहमियों को दूर करे। संचार साथी ऐप ने जनता को जो सुविधा दी है, उसके बारे में मैंने आपके सामने सभी मुद्दे रखे हैं। एक साल के अंदर हमारे देश में करोड़ों के फ्रॉड हुए हैं।"
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