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    कर्नाटक में स्लीपर बस फिर बनी आग का गोला: चित्रदुर्ग हादसे में 10 की मौत, सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

     

    कर्नाटक में स्लीपर बस फिर बनी आग का गोला: चित्रदुर्ग हादसे में 10 की मौत, सुरक्षा पर फिर उठे सवाल


    We News 24 : डिजिटल डेस्क »✍️द्वारा: रमेश कुमारा

    वी न्यूज 24, बेंगलुरु ब्यूरो प्रकाशित: 25 दिसंबर 2025

    चित्रदुर्ग (कर्नाटक): एक बार फिर स्लीपर बस यात्रियों के लिए काल बन गई। कल हमने ही रिपोर्ट किया था कि देश में स्लीपर बसें आग का गोला क्यों बन रही हैं – सुरक्षा मानकों की अनदेखी, ओवरलोडिंग और रखरखाव की कमी। और आज सुबह कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में एक और दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। हिरियूर तालुक के गोरलाथु क्रॉस के पास NH-48 पर एक प्राइवेट स्लीपर बस की लॉरी से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि बस देखते ही देखते आग की लपटों में घिर गई। इस हादसे में कम से कम 10 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।


    बस बेंगलुरु से शिवमोग्गा जा रही थी, कुछ रिपोर्ट्स में गोकर्ण का भी जिक्र है। सी बर्ड कोच की यह लग्जरी स्लीपर बस थी, जिसमें कुल 32 यात्री सवार थे। हादसा गुरुवार तड़के करीब 3-4 बजे हुआ, जब ज्यादातर यात्री गहरी नींद में थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हिरियूर से बेंगलुरु की ओर जा रही लॉरी ने अचानक डिवाइडर क्रॉस कर लिया और सामने से आ रही बस से टकरा गई। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि दूर तक गूंज गई। कुछ ही पलों में बस में आग भड़क उठी, और चीख-पुकार मच गई।

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    कई यात्रियों ने खिड़कियां तोड़कर किसी तरह जान बचाई, लेकिन कई फंस गए। एक सर्वाइवर ने बताया, "हम सो रहे थे, अचानक जोर का धक्का लगा और आग की लपटें चारों तरफ फैल गईं। बाहर निकलने की कोशिश में कई लोग जल गए।" घायलों को हिरियूर और चित्रदुर्ग के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। चित्रदुर्ग एसपी रंजीत कुमार खुद मौके पर पहुंचे और जांच की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि लॉरी ड्राइवर की लापरवाही या नींद आने से यह हादसा हुआ लगता है।


    यह हादसा कर्नाटक में स्लीपर बसों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। बेंगलुरु जैसे व्यस्त शहर से निकलने वाली ये बसें लंबी दूरी तय करती हैं, लेकिन फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट और फ्यूल टैंक की लोकेशन जैसे बेसिक नियमों की अक्सर अनदेखी होती है। पिछले कुछ महीनों में देश भर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां टक्कर के बाद बसें आग का गोला बन गईं। क्या केंद्र और राज्य सरकारें अब जागेंगी? स्लीपर बसों के लिए सख्त गाइडलाइंस, रेगुलर चेकिंग और ड्राइवरों की ट्रेनिंग जरूरी है।


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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया है और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। हालांकि, पैसा जान की कीमत नहीं भर सकता। कर्नाटक सरकार को भी चाहिए कि घायलों के इलाज और मृतकों के परिजनों की मदद में कोई कसर न छोड़े।

    वी न्यूज 24 की टीम मानती है कि सड़क सुरक्षा सिर्फ स्लोगन नहीं, जिम्मेदारी है। ऐसे हादसों से सबक लेकर ही हम यात्रियों की जान बचा सकते हैं। क्या यह क्रिसमस का दिन इन परिवारों के लिए हमेशा दर्द की याद बनकर रह जाएगा?

    रमेश कुमारा वी न्यूज 24 के कर्नाटक ब्यूरो में वरिष्ठ संवाददाता हैं और सड़क सुरक्षा जैसे मुद्दों पर लगातार रिपोर्टिंग करते रहे हैं।


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