दिल्ली NCR में इंदौर जैसी दूषित पानी का खतरा ,दिल्ली की बीजेपी सरकार और जलबोर्ड कितना तैयार ?
We News 24 : डिजिटल डेस्क »✍️वरिष्ठ पत्रकार दीपक कुमार ,नई दिल्ली
04 जनवरी 2026 ,वी न्यूज 24इंदौर में 15 तक मौतें, 2,800 से ज्यादा बीमार; दिल्ली-एनसीआर में भूजल दोहन और प्रदूषण का खतरा, छत्तरपुर में अवैध बोरवेल चलते रहे; नई गाइडलाइंस और अपग्रेड के वादे, लेकिन हकीकत में सुस्ती
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर में भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से हुई मौतों ने पूरे देश को झकझोर दिया है। आधिकारिक आंकड़ों में मौतों की संख्या 4-10 बताई जा रही है, लेकिन स्थानीय लोग और कांग्रेस नेता 15 तक का दावा कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 2,800 से ज्यादा लोग बीमार हुए हैं, जिनमें 272 अस्पताल में भर्ती हैं और 32 आईसीयू में हैं। 26 पानी के सैंपल में बैक्टीरियल कंटेमिनेशन पाया गया है। यह हादसा सीवर लाइन से पानी की पाइपलाइन में मिक्सिंग की वजह से हुआ, जहां पुलिस चौकी के नीचे टॉयलेट बनाया गया था। शिकायतें महीनों से थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अब सवाल उठ रहा है कि क्या दिल्ली-एनसीआर में भी ऐसी त्रासदी हो सकती है? यहां के कई इलाकों में दूषित पानी की शिकायतें आम हैं। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के अनुसार, शहर में 20,552 अवैध बोरवेल हैं, जिनमें से सिर्फ 12,000 सील हुए हैं। दिल्ली-एनसीआर में भूजल में यूरेनियम, लीड, नाइट्रेट, फ्लोराइड और साल्ट की ज्यादा मात्रा पाई जाती है। सीजीडब्ल्यूए की 2025 रिपोर्ट में दिल्ली के 13-15% सैंपल में यूरेनियम 30 ppb से ज्यादा पाया गया, जो सुरक्षित सीमा से ऊपर है।
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एनसीआर के शहरों में एक्शन और आंकड़े:
- गाजियाबाद: नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने मीटिंग ली। 346,000 उपभोक्ताओं को सप्लाई। 300 बड़े ट्यूबवेल (15-30 HP), 1,100 छोटे (5-10 HP), 6,000 हैंडपंप, 51 ओवरहेड टैंक और 29 अंडरग्राउंड जलाशय। क्लोरीन लेवल चेक, पाइपलाइन सफाई और पुरानी पाइपें बदलने पर फोकस।
- फरीदाबाद: चीफ इंजीनियर ने 46 वार्डों में टेस्टिंग के आदेश दिए। कई कॉलोनियों में पानी-सीवर लाइनें साथ बिछी हैं। नालों के ऊपर से गुजरती लाइनें बारिश में ओवरफ्लो का खतरा। हर हफ्ते 10-12 दूषित पानी की शिकायतें। हानिकारक तत्वों (बैक्टीरिया, नाइट्रेट) की जांच।
- गुरुग्राम: नगर निगम ने प्रोजेक्ट शुरू किया। 130+ बूस्टिंग स्टेशनों का अपग्रेड। जर्जर पाइपलाइनें बदलना, टैंकों की हर 2-3 महीने सफाई। चंदू बुढ़ेरा प्लांट से पानी, सेक्टर 51 बूस्टिंग स्टेशन को 1,600mm पाइपलाइन से जोड़ने का काम।
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इंदौर कांड से सबक लेते हुए एनसीआर में टेस्टिंग और अपग्रेड तेज हुए हैं, लेकिन अवैध दोहन, पुरानी इंफ्रा और प्रदूषण बड़ा खतरा। जनता पूछ रही है – क्या ये वादे अमल में आएंगे, या छत्तरपुर जैसी शिकायतें अनसुनी रहेंगी? क्या सरकारें असल काम कर रही हैं, या सिर्फ सोशल मीडिया की?
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