देश के गर्व का पल: 77वें गणतंत्र दिवस पर 'सिंदूर' फॉर्मेशन और 2 कूबड़ वाले ऊंट की धूम, देखें 30 झांकियों का भव्य नजारा!
"देश की आन-बान-शान का दिखेगा रंग! 77वें गणतंत्र दिवस पर 'सिंदूर' जैसा फ्लाईपास्ट, राजस्थान की झांकी में होगा दुर्लभ 2 कूबड़ वाला ऊंट शामिल"
वंदे मातरम् के 150 साल के जश्न में यूरोपीय नेताओं के सामने दिखेगी भारत की ताकत; 2500 कलाकार करेंगे लोक-कलाओं का शानदार प्रदर्शन।
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✍️न्यूज रिपोर्टर: पुष्पेंद्र सिंह राठौर,नई दिल्ली, | 25 जनवरी 2026
नई दिल्ली, 26 जनवरी 2026: आज पूरा देश अपने 77वें गणतंत्र दिवस के जश्न में डूबा हुआ है। आज का दिन हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की नई लहर दौड़ा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली के कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराकर इस ऐतिहासिक पर्व की शुरुआत की। इस साल की थीम देश के सबसे प्रिय राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के 150 साल पूरे होने पर है। इस खास मौके पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद हैं।
वायुसेना का 'सिंदूर' फॉर्मेशन होगा यादगार
इस साल गणतंत्र दिवस परेड का सबसे रोमांचकारी पल भारतीय वायु सेना का फ्लाईपास्ट होगा। वायुसेना के लड़ाकू विमान आकाश में 'सिंदूर' (वर्मिलियन) का अनूठा फॉर्मेशन बनाएंगे। यह फॉर्मेशन देश की शक्ति और सांस्कृतिक विरासत दोनों का प्रतीक माना जा रहा है। आसमान में यह तिलक जैसा नजारा लाखों दर्शकों की यादों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगा।
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राजस्थान की झांकी में होगा दुर्लभ 'बैक्ट्रियन ऊंट'
परेड में राज्यों की झांकियों में राजस्थान की झांकी इस बार सबका ध्यान खींचेगी। इस झांकी में एक दुर्लभ दो कूबड़ वाला ऊंट (बैक्ट्रियन ऊंट) शामिल किया गया है। यह ऊंट राजस्थान के मरुस्थलीय इलाकों की पहचान है और राज्य की समृद्ध पशुधन संपदा को दर्शाता है। यह पहली बार है जब गणतंत्र दिवस परेड में इस तरह के ऊंट को शामिल किया गया है।
30 झांकियों और 2500 कलाकारों का समां
इस भव्य आयोजन में कुल 30 झांकियां शामिल होंगी, जिनमें 16 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की, 6 विभिन्न मंत्रालयों/विभागों की और बाकी रक्षा विभाग की होंगी। इन झांकियों के साथ लगभग 2500 कलाकार अपनी लोक व शास्त्रीय कलाओं का मनमोहक प्रदर्शन करेंगे। यह नजारा भारत की 'एकता में अनेकता' और सांस्कृतिक समृद्धि का जीता-जागता उदाहरण पेश करेगा।
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क्या है गणतंत्र दिवस का ऐतिहासिक महत्व?
बता दें कि 26 जनवरी 1950 को ही भारत का संविधान लागू हुआ था और देश पूर्ण रूप से एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बना था। कर्तव्य पथ पर हर साल होने वाली यह परेड देश की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक-आर्थिक प्रगति का बेमिसाल प्रदर्शन होती है। यह दिन हर नागरिक को अपने संविधान और लोकतंत्र के प्रति सम्मान का भाव दोहराने का अवसर देता है।
वी न्यूज 24 की पूरी टीम देश के 77वें गणतंत्र दिवस पर सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई देती है। जय हिंद!
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