📰 सिमडेगा नगर का दंगल 2026: 20 वार्ड, 106 पार्षद प्रत्याशी और 8 अध्यक्ष उम्मीदवारों के बीच निर्णायक जंग
✍️रिपोर्ट: सीनियर पत्रकार ,दीपक कुमार
📍 सिमडेगा – नगर निकाय चुनाव 2026 ने इस बार सियासत का पारा पूरी तरह चढ़ा दिया है। 20 वार्डों वाले नगर क्षेत्र में करीब 106 पार्षद प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि अध्यक्ष पद के लिए 8 उम्मीदवार आमने-सामने हैं। मुकाबला सीधा, कड़ा और प्रतिष्ठा का बन चुका है।
इस बार चुनाव सिर्फ पोस्टर और प्रचार तक सीमित नहीं, बल्कि मुद्दों की अग्निपरीक्षा बन गया है। सख्त आचार संहिता के बीच भी रणनीति, समर्थन और अंदरूनी खींचतान ने माहौल को हाई-वोल्टेज बना दिया है।
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🔎 जमीनी हकीकत: वादों से ज्यादा सवाल
मतदाताओं का कहना है कि हर चुनाव में वादों की बौछार होती है, लेकिन असली समस्याएं जस की तस रह जाती हैं। इस बार जनता सीधे सवाल पूछ रही है – “काम कब होगा?”
⚠️ प्रमुख समस्याएं जो चुनाव का केंद्र बनीं:
पानी की किल्लत – होल्डिंग टैक्स वसूली के बावजूद कई वार्डों में नियमित जलापूर्ति नहीं। गर्मी आते ही टैंकर पर निर्भरता बढ़ जाती है।
टूटी सड़कें और अधूरे निर्माण कार्य – कई मोहल्लों में सड़कें गड्ढों में तब्दील। बारिश में हालात और खराब।
नालियों की सफाई नहीं – जाम नालियां, जलभराव और बदबू से लोग परेशान।
कचरा प्रबंधन फेल – जगह-जगह कचरे के ढेर, नियमित उठाव नहीं।
ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण – मुख्य बाजार क्षेत्र में रोजाना जाम, अवैध कब्जों पर कार्रवाई नहीं।
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स्ट्रीट लाइट की समस्या – कई वार्डों में अंधेरी गलियां, सुरक्षा का खतरा।
युवाओं के लिए रोजगार और खेल मैदान की कमी – नगर क्षेत्र में रोजगार सृजन की कोई ठोस योजना नहीं।
स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्था – मच्छरों का प्रकोप, डेंगू-मलेरिया का खतरा।
सीवर और ड्रेनेज सिस्टम कमजोर – हल्की बारिश में ही सड़कों पर पानी भर जाता है।
सार्वजनिक शौचालयों की कमी और रख-रखाव खराब।
🗳️ मुकाबला क्यों है खास?
20 वार्डों में 106 पार्षद प्रत्याशी – औसतन हर वार्ड में 5 से अधिक उम्मीदवार।
अध्यक्ष पद के लिए 8 उम्मीदवार – वोटों का बंटवारा तय।
कई वार्डों में त्रिकोणीय और चतुष्कोणीय मुकाबला।
पहली बार युवा और महिला प्रत्याशियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि।
राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं। जातीय, सामाजिक और स्थानीय मुद्दों का प्रभाव साफ दिख रहा है।
🎯 जनता का मूड क्या कहता है?
मतदाता अब भावनात्मक नारों से आगे बढ़कर काम और जवाबदेही की बात कर रहे हैं। “हर घर जल-नल”, “स्वच्छ वार्ड”, “अतिक्रमण मुक्त बाजार” जैसे मुद्दों पर ठोस रोडमैप की मांग हो रही है।
कई वार्डों में मतदाता साफ कह रहे हैं –
👉 “इस बार वोट काम पर देंगे, नाम पर नहीं।”
📢 निष्कर्ष
सिमडेगा नगर चुनाव 2026 केवल प्रतिनिधि चुनने का अवसर नहीं, बल्कि शहर की दिशा तय करने का मौका है। 20 वार्डों और 114 कुल उम्मीदवारों (106 पार्षद + 8 अध्यक्ष) के बीच यह लोकतांत्रिक मुकाबला ऐतिहासिक बनने जा रहा है।
अब देखना होगा कि मतदाता वादों के शोर में किसे चुनते हैं – चेहरे को या चेहरा बदलने की ताकत को।
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