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    मिडिल ईस्ट में 3,500 अमेरिकी मरीन की एंट्री, क्या होर्मुज स्ट्रेट पर बड़ा सैन्य ऑपरेशन करीब?

    मिडिल ईस्ट में 3,500 अमेरिकी मरीन की एंट्री, क्या होर्मुज स्ट्रेट पर बड़ा सैन्य ऑपरेशन करीब?



    📢 We News 24 Digital News / वी न्यूज 24 डिजिटल

    डेटलाइन: नई दिल्ली | विशेष संवाददाता

    📍नई दिल्ली | रविवार ,29 मार्च 2026



    नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी को और मजबूत करते हुए लगभग 3,500 मरीन और नौसैनिकों की तैनाती कर दी है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ईरान और अमेरिका के बीच टकराव की आशंका लगातार गहराती जा रही है।

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यूएसएस त्रिपोली पर सवार ये सैनिक 27 मार्च को क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। इसके साथ ही मिडिल ईस्ट में पहले से मौजूद करीब 50,000 अमेरिकी सैनिकों को अतिरिक्त मजबूती मिल गई है।

    सूत्रों के मुताबिक, यह तैनाती सिर्फ रूटीन नहीं मानी जा रही, बल्कि इसके पीछे संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी देखी जा रही है। खासतौर पर ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप और रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट पर हमले की आशंका को लेकर चर्चा तेज हो गई है।


    पेंटागन की तैयारी पर संकेत
    अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पेंटागन कई हफ्तों तक चलने वाले सैन्य अभियानों की योजना पर काम कर रहा है। इसमें सीमित दायरे के ऑपरेशन शामिल हो सकते हैं, जिनमें विशेष बलों और पैदल सेना द्वारा छापेमारी की रणनीति अपनाई जा सकती है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि फिलहाल किसी बड़े जमीनी युद्ध की योजना नहीं है।

    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन संभावित ऑपरेशनों के लिए शुरुआती तैयारी काफी आगे बढ़ चुकी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह कोई तात्कालिक प्रतिक्रिया नहीं बल्कि सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।


    ट्रंप प्रशासन की भूमिका
    वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अभी तक किसी भी बड़े सैन्य अभियान को औपचारिक मंजूरी नहीं दी है। इसके बावजूद रक्षा विभाग की गतिविधियों से साफ है कि विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

    इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने संकेत दिया था कि अमेरिका बिना बड़े पैमाने पर जमीनी सैनिक उतारे भी अपने रणनीतिक उद्देश्यों को हासिल कर सकता है।


    यूएसएस त्रिपोली की क्षमता
    यूएसएस त्रिपोली एक अत्याधुनिक उभयचर हमला जहाज है, जो स्ट्राइक फाइटर जेट्स, हेलीकॉप्टर, और भारी सैन्य उपकरणों के साथ मरीन सैनिकों को तैनात करने में सक्षम है। इसकी मौजूदगी किसी भी संभावित ऑपरेशन को तेज और प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।


    वैश्विक असर की आशंका
    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट या खार्ग द्वीप पर कोई सैन्य कार्रवाई होती है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ेगा। होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है, ऐसे में यहां तनाव बढ़ना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।


    (रिपोर्ट: दीपक कुमार, विशेष संवाददाता | WeNews24)

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