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    जानकी नवमी पर CM सम्राट चौधरी के सीतामढ़ी दौरे को लेकर तीर्थ ट्रस्ट ने जताया आभार, संग्रहालय और विश्वविद्यालय स्थापना उठाई मांग

    जानकी नवमी पर CM सम्राट चौधरी के सीतामढ़ी दौरे को लेकर तीर्थ ट्रस्ट ने जताया आभार, संग्रहालय और विश्वविद्यालय स्थापना उठाई मांग


    📢 We News 24 Digital News / वी न्यूज 24 डिजिटल

    सीतामढ़ी संवाददाता पवन साह के साथ सीनियर पत्रकार दीपक कुमार :

    वी न्यूज 24, सीतामढ़ी ब्यूरो


    सीतामढ़ी, 29 जनवरी: माता सीता की जन्मभूमि सीतामढ़ी में शनिवार को जानकी नवमी के पावन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आगमन को लेकर श्री सीता जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने हार्दिक आभार व्यक्त किया। साथ ही ट्रस्ट ने सीतामढ़ी में माता सीता पर आधारित एक भव्य संग्रहालय और माता सीता विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग की है, ताकि इस धार्मिक नगरी को वैश्विक पहचान मिल सके।


    हवाई अड्डे की घोषणा का स्वागत

    ट्रस्ट के अध्यक्ष आलोक कुमार ने मुख्यमंत्री द्वारा राज्य के सभी जिलों में हवाई अड्डे की घोषणा का हृदय से स्वागत करते हुए कहा, "हमें पूरी उम्मीद है कि जल्द ही माता सीता की पावन जन्मभूमि सीतामढ़ी से भी हवाई जहाज उड़ान भरना शुरू कर देंगे। इससे यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा होगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।"



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    संग्रहालय में दिखेगा माता सीता का संपूर्ण जीवन चरित्र

    ट्रस्ट के महामंत्री राजेश कुमार सुन्दरका ने विस्तार से मांगों को रखते हुए कहा, "सीतामढ़ी में भव्य मंदिर के साथ-साथ एक ऐसे संग्रहालय की स्थापना हो, जो माता सीता के जीवन के हर पहलू को दर्शाए। इसमें बाल्यावस्था से लेकर धरती में समाने तक का पूरा विवरण होना चाहिए।"


    उन्होंने बताया कि इस संग्रहालय में निम्नलिखित विशेषताएं होनी चाहिए:

    माता सीता के प्राकट्य से विवाह तक की झाँकी

    विवाह उपरांत अयोध्या जाते समय पंथ पाकड़ में विश्राम का दृश्य

    सीतामढ़ी एवं अयोध्या के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों का विवरण

    माता सीता पर अब तक हुए शोध कार्यों की वैज्ञानिक विवरणी

    दुनिया भर में विभिन्न भाषाओं में माता सीता पर प्रकाशित पुस्तकों का विश्व स्तरीय संग्रह



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    रामायण की पूर्णता के लिए है आवश्यक

    महामंत्री राजेश कुमार सुन्दरका ने आगे कहा, "इस संग्रहालय के माध्यम से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को माता सीता के दर्शन के साथ-साथ रामायण के सांस्कृतिक और धार्मिक दर्शन से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। यह सनातन संस्कृति के अथाह समुद्र में गोते लगाने का अवसर देगा। हमारी यही कोशिश है कि रामायण की पूर्णता इसी से हो।"


    माता सीता विश्वविद्यालय की भी उठाई मांग

    ट्रस्ट ने सीतामढ़ी में 'माता सीता विश्वविद्यालय' स्थापित करने की भी मांग उठाई है, जहाँ माता सीता के जीवन, दर्शन, साहित्य, रामायण काल के इतिहास और धार्मिक अध्ययन पर उच्च स्तरीय शोध एवं शिक्षा की व्यवस्था हो। ट्रस्ट का मानना है कि इस विश्वविद्यालय से विद्वान एवं शोधार्थी दुनियाभर से सीतामढ़ी को खींचे आएंगे।


    बिहार सरकार से अपील

    ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बिहार सरकार से अनुरोध किया है कि सीतामढ़ी के विकास को लेकर जो भी कदम उठाए जा रहे हैं, उसे और तेज किया जाए। उन्होंने कहा, "बिहार सरकार के सीतामढ़ी में बढ़ते कदमों से यह क्षेत्र न केवल भारत बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों के लिए एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा।"


    गौरतलब है कि जानकी नवमी के अवसर पर सीतामढ़ी धाम में लाखों श्रद्धालु माता सीता के दर्शन के लिए उमड़ते हैं। ऐसे में ट्रस्ट की यह मांग धार्मिक पर्यटन एवं सांस्कृतिक संरक्षण की दृष्टि से अहम मानी जा रही है। अब देखना यह है कि सरकार इस पर क्या पहल करती है।


    वी न्यूज 24 इस मामले में सरकार की प्रतिक्रिया पर नजर बनाए रखेगा और जल्द ही अपडेट लेकर आएगा। 

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