सीतामढ़ी के रेल यात्रियों की समस्याओं और सुविधाओं को लेकर रेलवे मंत्रालय को भेजा गया मांग पत्र
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सीतामढ़ी | विशेष संवाददाता पवन साह
सीतामढ़ी जिले के रेल यात्रियों की वर्षों पुरानी समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर केन्द्रीय रेलवे रेलयात्री संघ एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने रेलवे मंत्रालय का ध्यान आकृष्ट किया है। संगठन के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सुन्दरका ने रेल मंत्री, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष, सीतामढ़ी सांसद देवेश चन्द्र ठाकुर, पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक तथा समस्तीपुर रेल मंडल प्रबंधक को विस्तृत मांग पत्र भेजकर यात्रियों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने की मांग की है।
कैट के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सुन्दरका एवं जिला सचिव आलोक कुमार ने कहा कि रेलवे की उच्चस्तरीय बैठकों में सीतामढ़ी के रेल यात्रियों की समस्याओं और आवश्यकताओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 2, 3 एवं 4 पर गर्मी और बारिश से बचाव के लिए यात्री शेड का निर्माण अत्यंत आवश्यक है।
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उन्होंने मांग की कि ट्रेन संख्या 15515/15516 नरकटियागंज–दानापुर तथा 15507/15508 दरभंगा–पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में अत्यधिक भीड़ को देखते हुए एलएचबी कोच लगाए जाएं, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। इसके अलावा दो वर्षों से लंबित ट्रैक संख्या 3 एवं 4 पर क्विक ट्रेन वाटरिंग सुविधा को शीघ्र पूरा करने की भी मांग की गई।
मांग पत्र में दरभंगा से अहमदाबाद के लिए सीतामढ़ी, अजमेर और जयपुर होते हुए नई ट्रेन चलाने की मांग की गई है। साथ ही अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत सीतामढ़ी जंक्शन के समीप सरकारी बस स्टैंड स्थापित करने का सुझाव दिया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों और विभिन्न प्रखंडों से आने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सके।
संगठन ने मुजफ्फरपुर से देहरादून के लिए चलने वाली ट्रेन संख्या 15001/15002 देहरादून राप्ती गंगा एक्सप्रेस का विस्तार सीतामढ़ी तक करने की मांग भी उठाई है। वहीं यात्रियों की संख्या के हिसाब से महत्वपूर्ण न्यू रुन्नीसैदपुर हॉल्ट को पूर्ण स्टेशन का दर्जा देने और लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
मोहिनीमंडल स्टेशन की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा गया कि वहां प्लेटफार्म काफी नीचे होने के कारण यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। स्टेशन पर बैठने की व्यवस्था, शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी तत्काल आवश्यकता बताई गई।
पत्र में रक्सौल–दरभंगा रेलखंड पर सीतामढ़ी के रास्ते सुबह, शाम और रात्रि में नई पैसेंजर/मेमू सेवाएं शुरू करने की मांग की गई है ताकि सरकारी एवं निजी क्षेत्र के कर्मचारियों, विद्यार्थियों और मरीजों को समय पर आवागमन की सुविधा मिल सके।
इसके अतिरिक्त नमो भारत रैपिड रेल ट्रेन संख्या 94803/94804, जो जयनगर से पटना तक संचालित होती है, उसके पटना में लंबे समय तक खाली खड़े रहने के दौरान सीतामढ़ी तक एक अतिरिक्त फेरा संचालित करने का सुझाव दिया गया है। संगठन का कहना है कि इससे यात्रियों को लाभ मिलेगा और रेलवे को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
मांग पत्र में रक्सौल–तिरुपति एक्सप्रेस (17433/17434), जालंधर सिटी अंत्योदय एक्सप्रेस (22551/22552), श्री माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस (15655/15656), जोगबनी–रक्सौल एक्सप्रेस (15501/15502) तथा दरभंगा–अजमेर एक्सप्रेस (15237/15238) को साप्ताहिक के बजाय प्रतिदिन चलाने की मांग भी की गई है।
राजेश कुमार सुन्दरका ने कहा कि यदि इन मांगों पर रेलवे प्रशासन गंभीरता से विचार करता है तो सीतामढ़ी सहित उत्तर बिहार के लाखों रेल यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्र में रेल यातायात व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
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