TMC पर दावेदारी की जंग तेज, बागी गुट ने चुनाव आयोग से मांगे 15 दिन
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रिपोर्टर: सुजीत विश्वास | We News 24 Digital Desk
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर अधिकार को लेकर जारी विवाद के बीच ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने चुनाव आयोग से अपना जवाब दाखिल करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है। हालांकि आयोग ने अभी तक इस अनुरोध पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार उन्हें कुछ और समय दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, चुनाव आयोग ने पहले बागी गुट को 6 जुलाई तक अपना पक्ष रखने का समय दिया था। बाद में उनकी मांग पर यह समयसीमा बढ़ाकर 10 जुलाई कर दी गई थी। अब 10 जुलाई को आयोग के समक्ष पेश होकर बागी गुट ने दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 15 दिन और मांगे हैं।
ममता गुट पहले ही जमा कर चुका है दस्तावेज
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने आयोग को निर्धारित समय के भीतर अपना पक्ष और संबंधित दस्तावेज सौंप दिए हैं। पार्टी की ओर से लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी ने चुनाव आयोग के समक्ष जवाब दाखिल करते हुए बागी गुट के दावे को निराधार और फर्जी बताया है।
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आयोग दोनों पक्षों का पक्ष सुनने के बाद करेगा फैसला
चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के दस्तावेज और जवाब प्राप्त होने के बाद ही पार्टी पर अधिकार को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। आयोग का फैसला पार्टी के संविधान, संगठनात्मक ढांचे तथा लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा में निर्वाचित प्रतिनिधियों के बहुमत जैसे कानूनी मानकों के आधार पर होगा।
सोमवार देर रात तक आ सकता है निर्णय
सूत्रों का कहना है कि बागी गुट द्वारा अतिरिक्त समय की मांग पर चुनाव आयोग सोमवार देर रात तक कोई निर्णय ले सकता है। यदि आयोग समय बढ़ाने की अनुमति देता है, तो बागी गुट को अपने दावे के समर्थन में अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
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क्या है पूरा मामला?
तृणमूल कांग्रेस में पार्टी पर अधिकार को लेकर विवाद उस समय गहरा गया, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विधायकों ने अलग गुट बनाने का दावा किया। बागी गुट का कहना है कि उसे संगठन में पर्याप्त समर्थन प्राप्त है, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट इस दावे को पूरी तरह खारिज कर रहा है।



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