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    कही आप तो नही खा रहे है आटे की जगह पाउडर वाली रोटी ,छापेमारी में 1,800 किलो सेलखड़ी बरामद

     

    कही आप तो नही खा रहे है आटे की जगह पाउडर वाली रोटी ,छापेमारी में 1,800 किलो सेलखड़ी बरामद

    आगरा के फतेहपुर सीकरी में खाद्य विभाग की छापेमारी में 1800 किलो सेलखड़ी और 1350 किलो आटा बरामद हुआ। आटे में मिलावट की आशंका पर नमूने जांच के लिए भेजे गए।

    📢 We News 24 Digital News / वी न्यूज 24 डिजिटल

    आगरा। फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में खाद्य विभाग की छापेमारी के बाद आटे की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जौतना डाबर रोड स्थित समृद्धि ऑयल मिल में खाद्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब 1,800 किलो सेलखड़ी और 1,350 किलो आटा बरामद किया है। विभाग को आशंका है कि सेलखड़ी का इस्तेमाल आटे में मिलावट के लिए किया जा सकता था। हालांकि, इसकी पुष्टि अभी प्रयोगशाला जांच के बाद ही होगी।

    खाद्य विभाग की टीम ने मौके से अलग-अलग ब्रांड के आटे के नमूने लिए हैं। इनमें समृद्धि ब्रांड, उत्तम ब्रांड और श्याम भोग चक्की फ्रेश आटा शामिल हैं। इसके अलावा बरामद सेलखड़ी पाउडर का भी विधिक नमूना लिया गया है। सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।

    तेल-मसाले के लाइसेंस पर चल रहा था आटा निर्माण

    जांच के दौरान खाद्य विभाग को प्रतिष्ठान के लाइसेंस और मौके पर संचालित गतिविधियों में अंतर भी मिला। विभाग के मुताबिक संबंधित फर्म के पास खाद्य तेल के फुटकर विक्रेता और खाद्य मसालों के थोक विक्रेता की श्रेणी में लाइसेंस था। इसके बावजूद परिसर में आटा तैयार किया जा रहा था।

    इसी आधार पर विभाग ने आटा निर्माण की प्रक्रिया, मशीनों और वहां मौजूद खाद्य सामग्री को जांच के दायरे में लिया। कार्रवाई के बाद मौके पर चल रहा आटा निर्माण बंद करा दिया गया और संबंधित मशीनों को सील कर दिया गया।


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    1,800 किलो सेलखड़ी मिलने से बढ़ा संदेह

    छापेमारी के दौरान करीब 1,800 किलो सेलखड़ी बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 30,150 रुपये बताई गई है। इसके साथ ही लगभग 13.5 क्विंटल यानी 1,350 किलो आटा भी टीम ने कब्जे में लिया।

    खाद्य विभाग को आशंका है कि सेलखड़ी पाउडर का इस्तेमाल आटे में मिलावट के लिए किया जा सकता था। हालांकि, अभी यह केवल जांच का विषय है। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जब्त आटे में वास्तव में सेलखड़ी अथवा किसी अन्य प्रतिबंधित पदार्थ की मिलावट की गई थी या नहीं।

    क्यों इस्तेमाल की जाती है सेलखड़ी?

    सेलखड़ी को आम तौर पर एक प्राकृतिक खनिज पत्थर माना जाता है, जिसका प्रमुख घटक टैल्क होता है। खाद्य विभाग की आशंका के मुताबिक मिलावट की स्थिति में इसका इस्तेमाल आटे का रंग अधिक सफेद दिखाने या वजन बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। सेलखड़ी (Soapstone या Steatite) मैग्नीशियम से भरपूर एक बेहद मुलायम पत्थर या खनिज है。 इसे हिंदी में खड़िया मिट्टी भी कहा जाता है。 यह बहुत चिकना होता है और इसका उपयोग मुख्य रूप से सौंदर्य प्रसाधन (क्रीम, पाउडर), आभूषण पॉलिश करने, और मूर्तियों के निर्माण में किया जाता है。 ऐतिहासिक रूप से, सिंधु घाटी सभ्यता की प्रसिद्ध मुहरें सेलखड़ी से ही बनाई जाती थीं

    हालांकि, इस मामले में सेलखड़ी का इस्तेमाल खाद्य मिलावट के लिए किया गया था या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर ही सामने आएगा।


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    लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू

    खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद संबंधित प्रतिष्ठान के लाइसेंस के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। विभाग के मुताबिक लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, क्योंकि प्रतिष्ठान के पास तेल और मसालों से संबंधित लाइसेंस था, जबकि मौके पर आटा निर्माण का काम पाया गया।

    विभाग यह भी जांच कर रहा है कि आटा निर्माण के लिए संबंधित कारोबारी के पास कोई वैध अनुमति थी या नहीं।

    FIR की कार्रवाई भी शुरू

    खाद्य विभाग की ओर से संबंधित कारोबारी के खिलाफ फतेहपुर सीकरी थाने में FIR दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा रही है। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।

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    रिपोर्ट आने के बाद साफ होगी तस्वीर

    फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी खाद्य प्रयोगशाला की रिपोर्ट होगी। रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि मौके से बरामद आटे में किसी तरह की मिलावट थी या नहीं और बरामद सेलखड़ी का खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल किया जा रहा था या नहीं।

    खाद्य विभाग की इस कार्रवाई ने आटे की गुणवत्ता और खाद्य कारोबारियों द्वारा लाइसेंस शर्तों के पालन को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। विभाग का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय संवाददाता: अमन तिवारी
    We News 24, आगरा

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