दिल्ली दंगों की साजिश को लेकर AAP पर बरसे गृह मंत्री आशीष सूद, बोले- ट्रंप के दौरे के दौरान रची गई थी हिंसा की साजिश
विधानसभा में 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों का घटनाक्रम गिनाया, ताहिर हुसैन के बचाव को लेकर AAP नेताओं पर साधा निशाना
📢 We News 24 Digital News / वी न्यूज 24 डिजिटल
नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026। दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को विधानसभा में 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा हमला बोला। सूद ने आरोप लगाया कि तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के दौरान दिल्ली में हिंसा कर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की कथित साजिश रची गई थी।
विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने कहा कि जब पूरी दुनिया की नजरें भारत और खासकर दिल्ली पर थीं, उसी समय राजधानी के उत्तर-पूर्वी हिस्से में हिंसा भड़क उठी। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए साजिश संबंधी आरोपों को राजनीतिक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए; इनके प्रत्येक पहलू का कानूनी निष्कर्ष अलग-अलग मामलों में अदालतों और जांच एजेंसियों के स्तर पर तय होता है।
ये खबर भी पढ़े-
पटना में CNG नेटवर्क का बड़ा विस्तार, 7 साल में 3 से बढ़कर 41 हुए स्टेशन; बढ़ती खपत ने बढ़ाई मांग
ताहिर हुसैन के मुद्दे पर AAP को घेरा
आशीष सूद ने पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन के मामले को लेकर भी आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर निशाना साधा। हुसैन को आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दिल्ली की अदालत ने दोषी ठहराया है।
13 जुलाई 2026 को कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन और चार अन्य आरोपियों को अंकित शर्मा हत्याकांड में दोषी ठहराया था। बाद में 31 जुलाई को अदालत ने ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
सूद ने आरोप लगाया कि AAP के कुछ नेताओं ने उस समय ताहिर हुसैन का बचाव किया था। उन्होंने इसे पार्टी के कथित "दोहरे राजनीतिक रवैये" से जोड़ते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और विधायक अमानतुल्लाह खान के पुराने बयानों का हवाला दिया।
ये खबर भी पढ़े-
मुंगेर में युवती की संदिग्ध मौत से सनसनी, फोन पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप; पुलिस जांच में जुटी
दिसंबर 2019 से फरवरी 2020 तक का घटनाक्रम बताया
गृह मंत्री ने विधानसभा में दिसंबर 2019 से फरवरी 2020 के बीच घटनाओं का क्रम भी रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि शरजील इमाम और उमर खालिद के भाषणों में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के भारत दौरे का संदर्भ आया और लोगों को जुटाने तथा सड़कें रोकने के लिए "चक्का जाम" का आह्वान किया गया।
इसके बाद 22-23 फरवरी के आसपास जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम की घटनाओं के बाद मौजपुर-जाफराबाद इलाके में तनाव बढ़ा। 24 फरवरी से उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में हिंसा, आगजनी और पथराव की घटनाएं सामने आईं।
हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल और IB अधिकारी अंकित शर्मा की मौत का जिक्र
सूद ने अपने संबोधन में दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की मौत का भी जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने 25 फरवरी 2020 को आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या का उल्लेख करते हुए चांद बाग इलाके की घटना को सामने रखा।
अंकित शर्मा हत्याकांड में अदालत ने अभियोजन के साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर ताहिर हुसैन समेत पांच लोगों को दोषी ठहराया। अदालत ने छह अन्य आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था।
गृह मंत्री ने बताया 'पांच चरणों वाला टूलकिट'
आशीष सूद ने दंगों के पीछे कथित रणनीति को पांच चरणों वाली "टूलकिट" के रूप में पेश किया। उन्होंने इसके तहत नैरेटिव तैयार करना, लोगों की लामबंदी, समन्वय, हिंसा को बढ़ाना और हिंसा के बाद पीड़ित होने का दावा करना जैसे चरण गिनाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रतिनिधियों और जनमत प्रभावित करने वाले कुछ लोगों की ओर से हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों का बचाव किया गया और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को ही कटघरे में खड़ा किया गया।
दिल्ली को राजनीतिक साजिश का 'बंधक' नहीं बनने देंगे: सूद
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार राजधानी को किसी भी ऐसी राजनीतिक साजिश या "टूलकिट" का बंधक नहीं बनने देगी, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव को प्रभावित करना हो।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य दिल्ली में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है।
कोई टिप्पणी नहीं
कोमेंट करनेके लिए धन्यवाद