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    पटना में CNG नेटवर्क का बड़ा विस्तार, 7 साल में 3 से बढ़कर 41 हुए स्टेशन; बढ़ती खपत ने बढ़ाई मांग

     

    पटना में CNG नेटवर्क का बड़ा विस्तार, 7 साल में 3 से बढ़कर 41 हुए स्टेशन; बढ़ती खपत ने बढ़ाई मांग


    स्वच्छ ईंधन की ओर बढ़ रहा वाहन चालकों का रुझान, पटना और आसपास के इलाकों में लगातार बढ़ रही CNG की उपलब्धता

    📢 We News 24 Digital News / वी न्यूज 24 डिजिटल

    पटना, बिहार। राजधानी पटना में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) का नेटवर्क तेजी से विस्तार कर रहा है। शहर और आसपास के इलाकों में सीएनजी वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ इसकी खपत में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। करीब सात वर्ष पहले जहां गेल इंडिया ने पटना में महज तीन CNG स्टेशनों से आपूर्ति की शुरुआत की थी, वहीं अब यह नेटवर्क बढ़कर 41 स्टेशनों तक पहुंच गया है।

    सीएनजी नेटवर्क के विस्तार को राजधानी में स्वच्छ ईंधन की बढ़ती मांग और परिवहन क्षेत्र में बदलती ईंधन प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है। पेट्रोल और डीजल की तुलना में अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन मानी जाने वाली सीएनजी की ओर वाहन चालकों का रुझान बढ़ा है।

    तीन स्टेशनों से हुई थी शुरुआत

    पटना में गेल इंडिया की ओर से करीब सात वर्ष पहले सीएनजी की आपूर्ति शुरू की गई थी। उस समय राजधानी में केवल तीन सीएनजी स्टेशन संचालित हो रहे थे।

    शुरुआती दौर में सीमित स्टेशनों के कारण सीएनजी की उपलब्धता भी कुछ इलाकों तक ही सीमित थी। लेकिन जैसे-जैसे सीएनजी वाहनों की संख्या बढ़ी, वैसे-वैसे ईंधन की मांग में भी वृद्धि हुई।

    बढ़ती मांग को देखते हुए राजधानी में नए सीएनजी स्टेशन स्थापित किए जाने लगे। इससे शहर के अधिक क्षेत्रों में सीएनजी की उपलब्धता सुनिश्चित होने लगी।


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    फरवरी 2025 तक 30 स्टेशन

    सीएनजी नेटवर्क के विस्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फरवरी 2025 तक पटना और आसपास के इलाकों में 30 CNG स्टेशन संचालित हो रहे थे।

    इसके बाद भी नए स्टेशन स्थापित करने का सिलसिला जारी रहा। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती मांग तथा सीएनजी वाहनों की संख्या को देखते हुए नेटवर्क को और विस्तार दिया गया। अब यह संख्या बढ़कर 41 स्टेशनों तक पहुंच चुकी है।

    इस तरह करीब सात वर्षों में सीएनजी स्टेशनों की संख्या तीन से बढ़कर 41 हो गई है।

    बढ़ती खपत बनी नेटवर्क विस्तार की बड़ी वजह

    सीएनजी स्टेशनों की संख्या बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण इसकी बढ़ती मांग और खपत को माना जा रहा है। जैसे-जैसे सीएनजी से चलने वाले वाहनों की संख्या बढ़ी, वैसे-वैसे नियमित ईंधन की जरूरत भी बढ़ती गई।

    पटना में सार्वजनिक परिवहन, निजी वाहनों और व्यावसायिक वाहनों में भी सीएनजी का इस्तेमाल बढ़ रहा है। अधिक वाहनों के सीएनजी पर आने से मौजूदा स्टेशनों पर दबाव बढ़ा और नए क्षेत्रों में स्टेशन स्थापित करने की आवश्यकता महसूस हुई।


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    वाहन चालकों को मिली सुविधा

    सीएनजी नेटवर्क बढ़ने का सीधा फायदा वाहन चालकों को भी मिल रहा है। पहले कई वाहन चालकों को सीएनजी भरवाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। अब शहर के अलग-अलग हिस्सों और आसपास के क्षेत्रों में स्टेशन उपलब्ध होने से यह परेशानी कम हुई है।

    पटना से जुड़े इलाकों में सीएनजी की उपलब्धता बढ़ने से रोजाना शहर और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन करने वाले वाहनों को भी सुविधा मिल रही है।

    पटना के आसपास भी बढ़ रहा नेटवर्क

    सीएनजी नेटवर्क का विस्तार सिर्फ पटना शहर तक सीमित नहीं है। आसपास के इलाकों में भी नए स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। इससे पटना और आसपास के क्षेत्रों के बीच चलने वाले सीएनजी वाहनों के लिए ईंधन भरवाने के विकल्प बढ़े हैं।

    नेटवर्क के विस्तार से लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को भी रास्ते में सीएनजी उपलब्ध होने की सुविधा मिल रही है।

    स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने में मदद

    सीएनजी को पेट्रोल और डीजल की तुलना में अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन माना जाता है। ऐसे समय में जब शहरों में वायु प्रदूषण कम करने और परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है, सीएनजी नेटवर्क का विस्तार महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    पटना जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ईंधन की हिस्सेदारी बढ़ाना प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी अहम हो सकता है।

    सात साल में तीन से 41 स्टेशन तक का सफर

    पटना में करीब सात वर्ष पहले तीन सीएनजी स्टेशनों से शुरू हुआ नेटवर्क अब 41 स्टेशनों तक पहुंच चुका है। फरवरी 2025 में 30 स्टेशन होने के बाद भी नेटवर्क का विस्तार जारी रहना राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सीएनजी की बढ़ती मांग को दर्शाता है।

    आने वाले समय में सीएनजी वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ नए स्टेशनों की जरूरत भी बढ़ सकती है। ऐसे में केवल नए स्टेशन खोलना ही नहीं, बल्कि मौजूदा स्टेशनों की क्षमता और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना भी महत्वपूर्ण होगा।


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    बढ़ती मांग के साथ आपूर्ति बनाए रखना चुनौती

    सीएनजी नेटवर्क के विस्तार के साथ अब सबसे बड़ी चुनौती बढ़ती मांग के अनुरूप नियमित आपूर्ति बनाए रखना होगी। वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि होने पर सीएनजी स्टेशनों पर दबाव भी बढ़ सकता है।

    ऐसे में नए स्टेशनों की स्थापना के साथ मौजूदा नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत रखना जरूरी होगा, ताकि वाहन चालकों को भविष्य में ईंधन के लिए लंबी कतार या लंबी दूरी तय न करनी पड़े।

    पटना में तीन स्टेशनों से शुरू हुई सीएनजी आपूर्ति का 41 स्टेशनों तक पहुंचना राजधानी के परिवहन क्षेत्र में आए बड़े बदलाव को दर्शाता है। यदि नेटवर्क इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले वर्षों में पटना और आसपास के क्षेत्रों में सीएनजी की उपलब्धता और उपयोग दोनों में और वृद्धि हो सकती है।

    अमिताभ मिश्रा  | पटना संवाददाता, We News 24

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