Header Ads

ad728
  • Latest Stories

    क्या ब्रिटेन के टूटने की आहट? स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड ने उठाया ‘स्व-निर्णय’ का मुद्दा

     


    कार्डिफ में तीनों देशों के नेताओं की बैठक के बाद संवैधानिक बदलाव और अपने भविष्य का फैसला खुद करने के अधिकार की मांग तेज

    स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड के नेताओं ने कार्डिफ में बैठक कर अपने देशों के संवैधानिक भविष्य और Self-Determination के अधिकार पर जोर दिया है। जानिए यूनाइटेड किंगडम कैसे बना, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और आयरलैंड का इतिहास क्या रहा और आज ब्रिटेन की एकता को लेकर बहस क्यों तेज हुई है।

    [ad728


    📢 We News 24 Digital News / वी न्यूज 24 डिजिटल

     पत्रकार दीपक कुमार] | We News 24

    लंदन: यूनाइटेड किंगडम यानी यूके की संवैधानिक व्यवस्था को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। 14 सितंबर 2026 को कार्डिफ में स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड से जुड़े प्रमुख राष्ट्रवादी दलों के नेताओं ने बैठक की और संयुक्त समझौते में अपने-अपने देशों के भविष्य को तय करने के अधिकार यानी Self-Determination पर जोर दिया। समझौते में ब्रिटिश सरकार से संभावित संवैधानिक बदलाव की तैयारी और उसे सुगम बनाने का आह्वान किया गया है।

    हालांकि, इसे तत्काल यूके के विघटन की घोषणा कहना सही नहीं होगा। तीनों देशों की संवैधानिक स्थिति और स्वतंत्रता की राह अलग-अलग है। नेताओं ने भी माना है कि प्रत्येक देश अपने भविष्य का फैसला अपनी परिस्थितियों और अपने समय के अनुसार करेगा।

    ये खबर भी पढ़े 

    1000241109




    आखिर क्या है यूनाइटेड किंगडम?

    यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड नॉर्दर्न आयरलैंड, जिसे सामान्य तौर पर UK या ब्रिटेन कहा जाता है, चार हिस्सों से बना संवैधानिक संघ है—इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड

    ग्रेट ब्रिटेन नाम मुख्य रूप से इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स के द्वीप वाले हिस्से के लिए इस्तेमाल होता है, जबकि उत्तरी आयरलैंड के शामिल होने के बाद आधिकारिक नाम यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड नॉर्दर्न आयरलैंड हुआ।

    आज इन क्षेत्रों को अलग-अलग स्तर की स्वायत्त शासन व्यवस्था प्राप्त है। स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड के पास अपने-अपने विकेंद्रीकृत संस्थान हैं, जबकि रक्षा और विदेश नीति जैसे कई महत्वपूर्ण विषय अभी यूके सरकार के अधिकार क्षेत्र में हैं।

    कैसे बना आज का यूनाइटेड किंगडम?

    ब्रिटेन का वर्तमान स्वरूप किसी एक समझौते से अचानक नहीं बना। सदियों के युद्ध, राजशाही, राजनीतिक समझौतों और संघीय व्यवस्थाओं के जरिए इसकी संरचना विकसित हुई।

    वेल्स: मध्यकाल में वेल्स पर अंग्रेजी शासन का विस्तार हुआ और 16वीं शताब्दी में कानूनों के जरिए वेल्स को इंग्लैंड की प्रशासनिक व्यवस्था में अधिक औपचारिक रूप से शामिल किया गया।

    स्कॉटलैंड: लंबे समय तक स्कॉटलैंड अलग राज्य रहा। 1603 में इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ प्रथम की मृत्यु के बाद स्कॉटलैंड के राजा जेम्स षष्ठम इंग्लैंड के राजा जेम्स प्रथम बने। हालांकि दोनों देशों की संसदें अलग रहीं। 1707 के Acts of Union के बाद इंग्लैंड और स्कॉटलैंड मिलकर ग्रेट ब्रिटेन बने।

    आयरलैंड कैसे बना ब्रिटेन का हिस्सा?

    आयरलैंड और इंग्लैंड के बीच संबंध भी कई सदियों पुराने और संघर्षपूर्ण रहे हैं। 1801 के Acts of Union के बाद ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड मिलकर यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड आयरलैंड बने।

    लेकिन आयरलैंड में ब्रिटिश शासन के खिलाफ राष्ट्रवादी आंदोलन मजबूत होता गया। 20वीं सदी की शुरुआत में स्वतंत्रता की मांग तेज हुई और स्वतंत्रता संघर्ष के बाद आयरलैंड के बड़े हिस्से ने ब्रिटेन से अलग होकर स्वतंत्र आयरिश राज्य का रास्ता अपनाया।

    इसके बाद उत्तरी आयरलैंड यूके का हिस्सा बना रहा, जबकि आयरलैंड के बाकी हिस्से ने अलग राजनीतिक राह अपनाई।


    1000241123



    अब क्यों बढ़ी है अलग भविष्य की मांग?

    14 सितंबर की कार्डिफ बैठक में SNP, Plaid Cymru और Sinn Féin से जुड़े नेताओं ने अपने देशों के लोगों को अपने संवैधानिक भविष्य का फैसला करने का अधिकार देने की मांग की। समझौते में आर्थिक सहयोग, ऊर्जा और यूरोप के साथ संबंधों जैसे मुद्दों पर भी सहयोग बढ़ाने की बात कही गई।

    यह पहली बार है जब इन तीनों क्षेत्रों में स्वतंत्रता समर्थक राजनीतिक ताकतों की सरकारों का एक साथ ऐसा समन्वय देखने को मिला है। हालांकि, बैठक में नेता अपने-अपने दलों के प्रमुख के रूप में भी शामिल हुए थे, इसलिए इसे तीनों सरकारों की ओर से स्वतंत्रता की औपचारिक घोषणा के रूप में देखना उचित नहीं होगा।

    तीनों की राह एक जैसी नहीं

    स्कॉटलैंड में स्वतंत्रता का सवाल पहले भी जनमत संग्रह तक पहुंच चुका है। 2014 में हुए जनमत संग्रह में मतदाताओं ने यूके में बने रहने के पक्ष में मतदान किया था।

    उत्तरी आयरलैंड की स्थिति अलग है। वहां आयरलैंड के साथ संभावित एकीकरण का सवाल Good Friday Agreement के तहत अलग संवैधानिक प्रक्रिया से जुड़ा है। वहीं वेल्स में स्वतंत्रता की बहस मौजूद होने के बावजूद वहां की संवैधानिक राह स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड से अलग है।

    इसलिए कार्डिफ में हुआ समझौता ब्रिटेन के तत्काल विभाजन का ऐलान नहीं, बल्कि यूके की संवैधानिक व्यवस्था और भविष्य को लेकर बढ़ती राजनीतिक बहस का नया अध्याय है।

    आगे क्या होगा?

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ब्रिटिश सरकार इन मांगों पर किस तरह प्रतिक्रिया देती है और क्या भविष्य में स्कॉटलैंड, वेल्स या उत्तरी आयरलैंड में संवैधानिक भविष्य को लेकर जनमत संग्रह की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

    फिलहाल इतना स्पष्ट है कि यूके की एकता, विकेंद्रीकरण और स्वतंत्रता के सवाल पर राजनीतिक बहस फिर केंद्र में आ गई है। आने वाले वर्षों में यह बहस ब्रिटेन की संवैधानिक व्यवस्था के स्वरूप को प्रभावित कर सकती है।


    कोई टिप्पणी नहीं

    कोमेंट करनेके लिए धन्यवाद

    Post Top Ad

    ad728

    Post Bottom Ad

    ad728