Header Ads

ad728
  • Latest Stories

    काशी विद्यापीठ एवं इंडिया गेट की आधारशिला की 98 वी वर्षगांठ पर भव्य कार्यक्रम


    WAORS हिंदी न्यूज डेस्क »बिहार बेतिया 
    सवांददाता दीपक कुमार  गुप्ता 


    बेतिया :आज दिनांक 10 फरवरी 2019 को सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन के सभागार सत्याग्रह भवन में काशी विद्यापीठ एवं इंडिया गेट की आधारशिला की 98 वी वर्षगांठ पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया! जिसमें विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ,गांधीवादी चिंतको एवं विचारको ने भाग लिया! इस अवसर पर सर्व धर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया जिसमें सभी धर्मों के लोगों ने भाग लिया !

    यह भी पढ़े ;गुर्जरों आंदोलन :हिंसक हुआ धौलपुर हाइवे पर कई वाहनों को किया आग के हवाले

    कार्यक्रम का आरंभ पश्चिम चंपारण कला मंच की संयोजक शाहीन परवीन ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को आरंभ किया ! राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ,अफगान युद्ध ,प्रथम विश्व युद्ध एवं द्वितीय विश्व युद्ध के वीर सैनिकों के चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए ! 



    इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय पीस एंबेस्डर सह सचिव सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन डॉ0 एजाज ने कहा कि आज ही के दिन 10 फरवरी 1921 को बसंत पंचमी के दिन असहयोग आंदोलन के समय  महात्मा गांधी ने काशी विद्यापीठ की आधारशिला रखी!  इस उद्देश्य रखी गई कि छात्रों के बीच राष्ट्रीय भावना जागृत की जाए ,छात्रों को स्वावलंबी भी बनाया जाए साथ ही साथ आपसी सहयोग, सेवा भावना विकसित किया जाए! 

    यह भी पढ़े ;नागमणि ने प्रेस वार्ता कर उपेंद्र कुशवाहा पर लगाया बड़ा आरोप, बोले: लाठीचार्ज में घायल नहीं हुए थे कुशवाहा

    इस अवसर पर श्री एजाज अहमद ने कहा कि काशी विद्यापीठ को भारत सरकार ने 11 जुलाई 1995 इ0 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को सम्मान में समर्पित करते हुए "महात्मा गांधी विद्यापीठ काशी" कर दिया !"हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक है महात्मा गांधी विद्यापीठ"! इस अवसर पर सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन के अमित लोहिया ,शंभू शरण शुक्ला ,शाहनवाज अली, नीरज गुप्ता ने कहां कि आज ही के दिन 10 फरवरी 1921 को भारतीय सैनिकों के सम्मान में इंडिया गेट की आधारशिला दिल्ली के मध्य में रखी गई! निरंतर 10 वर्षों तक काम के बाद 1931 में इसका काम पूरा हुआ! 82000हजार भारतीय सैनिकों के सम्मान में बने इंडिया गेट पर 13300 सैनिकों के नाम दर्ज है! 


    अफ़गानिस्तान एवं प्रथम विश्व युद्ध में मारे गए सैनिकों के सम्मान में यह समर्पित था! बाद में द्वितीय विश्व युद्ध एवं 1971 के वीर सैनिकों साथ साथ शहीदों के सम्मान में भी यह समर्पित है ! इस अवसर पर सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन सरकार से बेतिया पश्चिमी चंपारण में प्रथम विश्व युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध ,भारत चीन युद्ध1962, भारत पाकिस्तान युद्ध1965 ,1971 एवं कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों एवं शहीद सैनिकों के सम्मान में राष्ट्रीय स्मारक बनाने की मांग सरकार से की !सरकार द्वारा यही होगी सच्ची श्रद्धांजलि!

    Posted By:काजल कुमारी 

    कोई टिप्पणी नहीं

    कोमेंट करनेके लिए धन्यवाद

    Post Top Ad

    ad728

    Post Bottom Ad

    ad728