खुश खबरी :पश्चिम चंपारण की धरती पर भी स्ट्रॉबेरी की खेती की जा सकती है
WAORS हिंदी न्यूज डेस्क »बिहार बेतिया
सवांददाता दीपक कुमार गुप्ता
बेतिया।पश्चिम चंपारण की धरती पर भी स्ट्रॉबेरी की खेती की जा सकती है। जिस का सफल प्रयोग जिलाधिकारी डॉक्टर निलेश रामचंद्र देव रे के निवास पर किया गया है। उक्त जानकारी देते हुए डीपीआरओ सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि स्ट्रॉबेरी एक फल का नाम है,
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जो पौधे में होता है। यह फल लीची के आकार का होता है। जो छोटे-छोटे पौधों में लगता है। अगर यहां के किसान स्ट्रॉबेरी नामक फल को लगाएं, तो इससे अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है। बड़े-बड़े शहरों और जगहों में यह फल 300 रुपये से लेकर 400 रुपय किलो तक बिकता है।
स्ट्रॉबेरी रसीला और एक स्वादिष्ट फल है। जिसमें अधिकांश पोषक तत्व पाए जाते हैं। स्ट्रॉबेरी खाने से दांत चमकीला और मसूड़ा सुधीर होता है। शरीर को इससे काफी ऊर्जा मिलती है और पाचन क्रिया संतुली रहती है। पेट के रोगों का अचूक दवा है।
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स्ट्रॉबेरी खाने से रोग प्रतिरोधक शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी बढ़ जाती है तथा चेहरा चमकने लगता है । इसके अलावे इसका सेवन करने से कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है और इससे लाल रक्त कोशिका बनती है । ऐसे तो इसकी खेती ठंडे प्रदेशों में की जाती थी लेकिन इधर हरियाणा के किसान अनुकूल भूमि एवं वातावरण ना होते हुए भी इसकी खेती कर रहे हैं ।जिसमें उनको काफी सफलता मिली है।
Posted By:कुणाल
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