Header Ads

ad728
  • Latest Stories

    गुप्तेश्वर पांडे बने बिहार के नए DGP बनते ही कहा ,कुछ पुलिसकर्मी सिस्टम के साथ विश्वासघात करते है |



    WAORS हिंदी न्यूज »बिहार पटना 
    नागमणि की रिपोर्ट 


    गुप्तेश्वर पांडेय को डीजीपी बनाये जाने की पहली सूचना दोपहर करीब सवा बजे आयी,उस वक्त वे आर्थिक अपराध इकाई,बिहार एवं साइबर क्राइम सेल के प्रीतक चिह्न के विमोचन समारोह में मौजूद थे.गृह सचिव आमिर सुबहानी ने फोन पर पांडेय को जानकारी दी,’आपको डीजीपी बनाये जाने की अधिसूचना जारी हो गयी है.’

    DGP की खबर से पांडे का चेहरा चमक उठा 
    खबर सुनते ही पांडेय के चेहरे पर खुशी की लहर दौर गयी.पुलिस अफसर और मीडियाकर्मी उन्हें बधाई देने लगे.उनकी पहली प्रतिक्रिया थी,सरकार ने बड़ी जिम्मेवारी दी है.मेरे लिए यह चमत्कार की तरह है.बातचीत के बीच ही निवर्तमान डीजीपी के.एस द्विवेदी पहुंच गये.उनपर नजर पड़ते ही पांडेय ने पांव छू कर उनका आशीर्वाद लिया.द्विवेदी ने उन्हें गले लगाया और कहा,जारी रखिएं,जारी रखिए।


    पांडे ऐसे समय में DGP बने जब राज्य में अपराध का ग्राफ बढ़ रहा
    1987 बैच के आइपीएस अफसर पांडेय ऐसे समय में बिहार पुलिस के मुखिया बने हैं,जब खुद पुलिस की साख सवालों के घेरे में हैं.राज्य में अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है.शराबबंदी कानून का मखौल बनाने में पुलिसवाले लिप्त पाये जा रहे हैं.पांडेय ने कहा-हां,यह सही है कि कुछ पुलिसवाले शराब के धंधे में शामिल हैं.लेकिन मैं किसी को छोड़ने नहीं जा रहा.जो पुलिसकर्मी शराब बेचते,शराब पीते या शराब तस्करों के साथ सांठगांठ में लिप्त पाये जायेंगे,उनपर एफआइआर होगा,जेल जायेंगे और नौकरी से बरखास्त होंगे।


    कुछ पुलिसकर्मी सिस्टम के साथ विश्वासघात करते है 
    एक सवाल के जवाब में पांडेय ने कहा,मैं मानता हूं कि पुलिस फोर्स के 95 फीसदी लोग शराबबंदी को सफल बनाने में लगे हैं.लेकिन दो-चार प्रतिशत लोग सिस्टम में रहकर सिस्टम के साथ विश्वासघात कर रहे हैं.पुलिसवाले शराबबंदी कानून का मखौल बनाने में लगे हैं.लेकिन वैसे लोगों को मेरा कड़ा संदेश हैं,सुधर जाइए.पकड़े जायेंगे तो मैं छोडूंगा नहीं.मैं किसी को छोड़ने नहीं जा रहा हूं। 

    शराबंबदी को सफल बनाना अकेले डीजीपी के बूते का काम नहीं है
    बिहार के आठ जिलों में एसपी,तीन जिलों डीआइजी और आइजी रह चुके पांडेय ने कहा अपराध नियंत्रण और शराबंबदी को सफल बनाना अकेले डीजीपी के बूते का काम नहीं है. इसमें युवाओं,हर जाति,हर मजहब और हर दल के लोगों का सहयोग चाहिए.शराबबंदी को सफल बनाने के लिए मैंने पूरे बिहार में 160 से अधिक सभाएं की है.हर जिले में गया हूं.मुझे जनता का प्यार और सहयोग मिला है.बिहार बड़ी आबादी वाला राज्य हैं.आमजनता और पुलिस पदाधिकारियों के सहयोग के बिना यह संभव नहीं है.मेरे लिए पुलिस का एक सिपाही भी वंदनीय है अगर वह ईमानदारी से अपना काम कर रहा है. मुजफ्फरपुर जिले में शराब तस्करी और उसमें एसएसपी से लेकर थानेदार के पकड़े जाने से जुड़े सवाल के जवाब में पांडेय ने कहा,समय का इंतजार कीजिए और नतीजे की प्रतीक्षा कीजिए.

    मिलनसार और हंसमुख स्वभाव वाले पांडेय बेगूसराय और जहानाबाद जिले में पोस्टिंग के दौरान काफी चर्चा में रहे.डीजीपी बनाये जाने से पहले वे डीजी ट्रेनिंग और डीजी बीएमपी के पद पर रहे.गुरुवार को डीजीपी केएस द्विवेदी की विदाई के बाद पांडेय ने नया पदभार संभाल लिया.सुप्रीम कोर्ट की नयी गाइडलाइन के मुताबिक पांडेय अपने पद पर अगले दो सालों तक बने रहेंगे.इस दौरान लोकसभा और बिहार विधानसभा के चुनाव भी होंगे.2009 में लोकसभा चुनाव से पहले नौकरी छोड़कर राजनीति में उतरने जा रहे पांडेय ने बाद में अपना वीआरएस वापस ले लिया।

    Posted by:ज्योति 

    कोई टिप्पणी नहीं

    कोमेंट करनेके लिए धन्यवाद

    Post Top Ad

    ad728

    Post Bottom Ad

    ad728